35000 फीट की ऊंचाई पर था विमान, तभी प्रेग्नेंट महिला को होने लगा दर्द, 'देवदूत' बना एक कपल
नई दिल्ली: कभी-कभी ऐसी परिस्थिति आ जाती है कि गर्भवती महिलाओं को अचानक प्रसव पीड़ा का शिकार होना पड़ता है। ऐसे में सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं, जब महिलाओं को प्रसव पीड़ा से गुजर कर बच्चे को जन्म देना पड़ा है। अब एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जब प्रेग्नेंट महिला ने फ्लाइट में हजारों फीट की ऊंचाई पर आसमान में बच्चे को जन्म दिया। इस दौरान फ्लाइट में सवार नर्स कपल ने महिला की मदद की और बिना किसी इक्विपमेंट के डिलिवरी करवाई।

नौ घंटे की उड़ान के दौरान उठा दर्द
मिरर यूके की रिपोर्ट के मुताबिक नौ घंटे की उड़ान के दौरान एक प्रेग्नेंट महिला को लेबर पेन शुरू हो गया, जिसके बाद केबिन क्रू मेंबर ने ने फ्लाइट के अंदर मेडिकल प्रोफेशनल्स को कॉल किया, जिसके बाद फ्लाइट में पहले से सवार नर्स पति-पत्नी ने आगे आकर मोर्चा संभाला और 35000 फीट की ऊंचाई पर महिला की डिलीवरी कराने में मदद की। यहां सबसे गौर करने वाली बात यह थी कि बिना किसी मेडिकल उपकरण से उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया।

बिना किसी इक्विपमेंट के करवाई डिलीवरी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रेग्नेंट महिला और हेल्प करने वाली नर्स दोनों का ही नाम शेरिल था। ब्रिटेन के स्टोक ऑन ट्रेंट के रहने वाले कपल शेरिल और रुएल पास्कुआ फ्लाइट में यात्रा कर रहे। दोनों लोग फ्लाइट से फिलीपींस जा रहे थे। उन्होंने बताया कि बताया कि दोनों ट्रेंटहम (ब्रिटेन) में एनजी हेल्थकेयर में नर्स के रूप में काम करते हैं और जरूरत होने पर इसलिए हरकत में आए।

प्री-मैच्योर था बेबी
शेरिल ने डिलीवरी को लेकर बताया कि जब इमरजेंसी में देखा तो महिला क्राउंनिंग स्टेज में थी। बता दें कि इस स्टेज के कुछ समय बाद ही महिला बच्चे को जन्म देती है। इसके बाद उन्होंने कहा कि रुएल को हेल्प के लिए बुलाया और कुछ देर के बाद बच्चे का जन्म हो गया था। उन्होंने बताया कि बच्चा लगभग 24 सप्ताह के था, इसलिए आकार मेरे पति की हथेली के आकार के समान था, वह बहुत छोटा था। शेरिल ने बताया कि बच्चे का जन्म तो हो गया लेकिन वह प्री-मैच्योर था।

35 हजार फीट की ऊंचाई पर बच्चे का जन्म
वहीं नर्स ने कहा कि यह पहली बार है जब मैंने एक फ्लाइट में एक मां की मदद की और चिकित्सा उपकरण पूरे नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह हमारे पूरे नर्सिंग पेशे में सबसे रोमांचक और साथ ही मेरे और मेरे पति का सबसे विनम्र अनुभव था। उन्होंने कहा कि हम सप्ताह में तीन से चार बार मरीजों की जरूरतों को पूरा करते हैं, लेकिन यह अनुभव बहुत अलग और अनोखा रहा।

फ्लाइट के बाद भी संपर्क में रहीं नर्स
बता दें कि शेरिल और रुएल ने लंदन हीथ्रो से कुवैत के लिए अपनी पहली उड़ान पकड़ी थी और मनीला की यात्रा के दूसरे चरण को शुरू करने से पहले इमरजेंसी में डिलीवरी कराई। शेरिल ने बताया कि जन्म के बाद बच्चे को ICU में भर्ती करवाया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, जिसके बाद वह स्वस्थ्य है। शेरिल ने इस घटना को चमत्कार बताया। स्थानीय अस्पताल में नवजात आईसीयू में ले जाने के बाद शेरिल ने बच्चे की मां के संपर्क में रखा हुआ था।












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