मानवाधिकार संकट बनता जा रहा है कोरोना वायरस, कई पीढ़ियों में नहीं देखी गई ऐसी महामारी: संयुक्त राष्ट्र
नई दिल्ली। दुनिया पर कहर बनकर टूटा कोरोना वायरस अब तक 1.97 लाख से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बन चुका है। चीन के वुहान शहर से सामने आई इस महामारी ने अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश को भी घुटने पर बिठा दिया है। महामारी से अमेरिका में 50 हजार से ज्यादा जानें जा चुकी हैं। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के चलते एक और संकट आने की चेतावनी दी है। एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, कोरोना वायरस एक मानव संकट है जो तेजी से मानवाधिकार संकट बनती जा रही है।

कोरोना वायरस के चलते बढ़ा है भेदभाव
गौरतलब है कि दुनिया के कई देश कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में चले गए हैं, जिससे अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है और कई लोगों की नौकरी पर भी खतरा बना हुआ है। एक वीडियो संदेश में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को कहा कि COVID-19 से निपटने के लिए जन सेवाओं की आपूर्ति में भेदभाव किया जा रहा है जो आने वाले समय में बड़ी गलती साबित हो सकती है।
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नफरत फैलाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी
एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, कोरोना संकट में कुछ संरचनात्मक असमानताएं हैं जो जन सेवाएं मुहैया कराने में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न कर रही हैं। इस मुश्किल घड़ी में नफरत फैलाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है और कुछ समुदायों पर कोरोना वायरस का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। गुटेरेस के मुताबिक कई देशों में संवेदनशील समूहों पर हमले बढ़े हैं और सख्त सुरक्षा कार्रवाई के जोखिम से स्वास्थ्य प्रतिक्रिया कमतर हो रही हैं।

दुनिया में 2.6 मिलियन से अधिक लोगों को संक्रमित
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस अब तक वैश्विक स्तर पर 2.6 मिलियन से अधिक लोगों को संक्रमित कर चुका है, जबकि 197,120 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह वायरस सबसे पहले मध्य चीनी शहर वुहान में पिछले साल के अंत में सामने आया था। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवासी, शरणार्थी और आंतरिक रूप से विस्थापित लोग विशेष रूप से असुरक्षित हैं। गुटेरेस कहा कि कोरोना के चलते दुनिया के 131 से अधिक देशों ने अपनी सीमाओं को बंद कर दिया है, केवल 30 शरणार्थियों के लिए छूट की अनुमति दी है।

कई पीढ़ियों में नहीं देखा गया ऐसा संकट
एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय दुनिया के लिए और संकट ला सकता है। कुछ देशों में नस्ली राष्ट्रवाद, लोकलुभावनवाद, निरंकुशता और मानवाधिकारों से पीछे हटने के मामले बढ़ने से लोगों में गुस्सा और विरोधाभास बढ़ रहा है। ये घटनाएं कोरोना वायरस से असंबद्ध उद्देश्यों के लिए दमनकारी उपाय अपनाने का बहाना प्रदान करता है। गुटेरेस ने कहा, जैसा कि मैंने पहले कहा था कि संकट के समय मानवाधिकारों को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता। इस समय हमें एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है।
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