बाजार में आएंगे अब चाइनीज कुत्ते, क्लोनिंग कर बन सकेगी कुत्तों की फौज
बीजिंग। चीन के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्हें एक ऐसी तकनीक मिल गई है जिसकी मदद से ताकतवर और तेज ' सुपर डॉग्स' तैयार कर सकते हैं। साथ ही वैज्ञानिक इन कुत्तों की मास ब्रीडिंग भी कर सकते हैं। बीजिंग में चीनी रिसर्चर्स की एक टीम ने बताया कि वे अब कुत्तों के जीन को बदलकर उसका स्वभाव बदल सकते हैं और फिर क्लोनिंग की मदद से फिर से इनका उत्पादन कर सकते हैं। ब्रिटिश न्यूजपेपर डेली मेल की ओर से इसकी जानकारी दी गई है।

क्या हैं चीन के सुपर डॉग्स
चीनी वैज्ञानिकों ने इस पूरी जानकारी को एक उदाहरण के जरिए समझाया। उन्होंने बताया है कि वह किसी भी कुत्ते को इस तरह का बना सकते हैं कि उसकी मसल्स बढ़ जाएंगी और उसकी दौड़ने की क्षमता भी पहले से बेहतर हो सकेगी। साथ ही वह इस तरह के कई सारे कुत्ते भी तैयार कर सकते हैं। रिसर्चर्स की टीम को लीड कर रहे रिसर्चर लाइ लियानज्यू ने यह जानकारी दी। ये वैज्ञानिक बीजिंग की कंपनी शिनो जीन से है। वैज्ञानिकों ने हाल ही में क्लोनिंग से मदद बीगल को तैयार किया है। उसके बाद ही वैज्ञानिकों ने दावा किया और उन्होंनें इस कुत्ते का नाम लॉन्ग लॉन्ग रखा है। कंपनी का कहना है कि लॉन्ग लॉन्ग दुनिया में अपनी तरह का पहला कुत्ता है क्योंकि इसे जेनेटिकली तैयार किया गया है।
कैसे तैयार हुआ था लॉन्ग लॉन्ग
शिनो जीन की लैब में एक मेल पपी का जन्म 28 मई को हुआ था। लॉन्ग लॉन्ग के पिता का नाम एप्पल है और वह भी 29 दिसंबर 2016 को इसी लैब में जन्मे थे। शिनो जीन की ओर से बताया गया है कि एप्पल को एक प्रयोगशाला के कुत्ते के तौर पर तैयार किया गया था ताकि रिसर्चर्स आगे इस पर अध्ययन कर सकें। साथ ही वह एक मेडिकल अवस्था अथेरोस्क्लेरोसिस का पता लगा सकें जिसमें धमनियां अतिरिक्त वसा की वजह से ब्लॉक हो जाती हैं। वैज्ञानिकों ने एप्पल को तैयार करने के लिए जीन नॉकऑउट तकनीक का प्रयोग किया था। इसमें उन्होंने एक छोटी सी कोशिका को एक स्वस्थ बीगल की कोशिश से थोड़ा बदला। ताकि एप्पल स्वस्थ पैदा हो। आपको बता दें कि वर्ष 2005 में साउथ कोरिया के वैज्ञानिकों ने इस तरह के दावे किए थे। लेकिन लॉन्ग लॉन्ग को तैयार करके शिनो जीन पहली ऐसी कंपनी बन गई है जो डुप्लीकेट कुत्ते तैयार कर सकती है।












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