चीनी कंपनी Huawei ने चुराए इमरान सरकार के व्यापार समेत कई गोपनीय दस्तावेज, पाकिस्तान में खलबली
चीन की कंपनी हुआवै पर पाकिस्तान सरकार के गोपनीय ट्रेड सिक्रेट चोरी करने के आरोप लगे हैं।
इस्लामाबाद, अगस्त 15: चीन की हुआवै कंपनी ने पाकिस्तान में बहुत बड़ी जासूसी करते हुए पाकिस्तान सरकार की तमाम गोपनीय जानकारियां चुरा ली हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की हुआवै टेक्नोलॉजीज कंपनी ने पाकिस्तान सरकार की बड़ी जासूसी करते हुए व्यापार संबंधित तमाम गोपनीय जानकारयों को चुरा लिया है। चीन की इस कंपनी के खिलाफ अमेरिका की एक अदालत में एक अमेरिकी कंपनी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है और चीन की हुआवै कंपनी पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

चीन की कंपनी पाकिस्तान की जासूसी
चीन की कंपनी हुआवै पर पाकिस्तान सरकार के गोपनीय ट्रेड सिक्रेट चोरी करने के आरोप लगे हैं। अमेरिका की एक कंपनी ने अमेरिकी कोर्ट में दायर याचिका में चीन की कंपनी पर पाकिस्तान में जासूसी करने के आरोप लगाए हैं। अमेरिका की बिजनेस एफिशिएंसी सॉल्यूशंस एलएलसी (बीईएस) ने बुधवार को कैलिफोर्निया की जिला अदालत में दायर मुकदमे में कहा है कि हुआवै ने उसे चीन में एक ऐसी प्रणाली स्थापित करने के लिए कहा था, जिससे कंपनी को पाकिस्तान के लाहौर शहर की सभी जानकारियां मिल सके और कंपनी को पाकिस्तान सरकार, सरकार के अधिकारियों समेत तमाम संवेदनशील गोपनीय जानकारियां हासिल हो सके। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने चीनी कंपनी के पाकिस्तान में जासूसी करने को लेकर यह बड़ा दावा किया है।

चीनी कंपनी पर सनसनीखेज आरोप
अमेरिकन कंपनी बीईएस ने कोर्ट में दर्ज कराए मुकदमे में कहा है कि, हुआवै ने पाकिस्तान में अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए कई संवेदनशील दस्तावेजों को चुरा लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की कंपनी ने पाकिस्तान में लोगों के सरकारी आईडी कार्ड की जानकारियां, विदेशी रजिस्ट्रेशन, टैक्स डिटेल्स, आपराधिक रिकॉर्ड समेत पाकिस्तान सरकार की कई संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां चुरा ली हैं। वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकन कंपनी ने चीनी कंपनी के खिलाफ दायर मुकदमे में कहा है कि ''चीन की कंपनी हुआवै ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुक्षा से संबंधित अति संवेदनशील गोपनीय दस्तावेज चुरा लिए हैं''। कंपनी ने कहा कि हुआवै कंपनी की तरफ से उसे बीजिंग में एक कॉन्ट्र्क्ट दिया गया था और उस काम को करते वक्त उसे चीनी कंपनी की चोरी की जानकारियां मिली हैं।

किस तरह चीनी कंपनी ने की चोरी ?
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थिति सॉफ्टवेयर कंपनी बीईएस ने आरोप लगाया है कि उसने पाकिस्तान के लौहार में एक डीईएस का सेटअप 2017 में लगाया था और चीन की कंपनी हुआवै के कहने पर उसना डीईएस का डूप्लीकेट चीन के सुजोकू में लगाया। जिसके बाद हुआवै कंपनी की तरफ से उसे कहा गया कि वो लाहौर में मिलने वाली तमाम डेटा को डायरेक्ट चीन में ट्रांसफर का सेटअप तैयार करे। जिसको लेकर अमेरिकन कंपनी ने कहा कि वो पहले पाकिस्तान सरकार से अप्रूवल ले। अमेरिकन कंपनी ने कहा है कि चीन की कंपनी ने पाकिस्तान से इतने खुफिया दस्तावेज चुरा लिए हैं, जिसके बाद अब चीन के पास पाकिस्तान का कुछ भी सीक्रेट नहीं बचा होगा।

पाकिस्तान में मची खलबली
अमेरिकन कंपनी के खुलासे के बाद पाकिस्तान में हड़कंप तो मच गया है लेकिन चीन की नाराजगी के डर से कोई इस मुद्दे पर बोल नहीं रहा है। वहीं, लाहौर परियोजना की देखरेख करने वाले पंजाब सेफ सिटीज अथॉरिटी के मुख्य परिचालन अधिकारी मुहम्मद कामरान खान ने कहा कि, उन्होंने अमेरिकन कंपनी बीईएस के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि ''हमारी टीम आरोपों की जांच कर रही है और हुआवै से स्पष्टीकरण मांगा है। हमने इस मुद्दे के बाद हुआवै पर डेटा सुरक्षा जांच भी की है।''

आरोपों पर हुआवै का जवाब
अमेरिकन अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक हुआवै कंपनी के प्रवक्ता ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों पर कहा है ''वो अदालत में चल रहे मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा''। कंपनी की तरफ से कहा गया है कि "हुआवै कंपनी दूसरों की इंटलेक्च्वल प्रॉपर्टी (बौद्धिक संपदा) का सम्मान करता है, और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि हुआवै ने कभी भी कोई चोरी की हो''। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के कहने पर चीन की कंपनी ने पाकिस्तान में बहुत बड़ी जासूसी की है और पिछले दरवाजे से पाकिस्तान सरकार के तमाम खुफिया दस्तावेज चीन पहुंचा दिए हैं।

अमेरिका ने क्या कहा ?
चीन की कंपनी हुआवै पर पाकिस्तान में जासूसी करने के आरोप पर अमेरिका में मुकदमा दर्ज हो गया है और कोर्ट में मामला चल रहा है। वहीं, अमेरिका ने कहा है कि कंपनी के उपकरण उन देशों में चीनी जासूसी को एक्टिवेट कर सकते हैं, जो इसे स्थापित करते हैं। हुआवै ने बार-बार कहा है कि वह कभी भी किसी सरकार की ओर से जासूसी नहीं करेगी, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकन कंपनी ने कोर्ट में दो दस्तावेज जमा किए हैं, उसमें सबूतों के आधार पाकिस्तान में जासूसी की रिपोर्ट है। आपको बता दें कि कई रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने पिछले हफ्ते इजरायल की कई सार्वजनिक कंपनियों और सरकारी कंपनियों को हैक कर लिया था और माना जा रहा है कि चीन ने इजरायली कंपनियों के कई टेक्नोलॉजी चुरा लिए हैं। इसके अवाना चीनी कंपनियां ईरान, सऊदी अरब और अन्य देशों में इसी तरह के साइबर हमले करते रहे हैं।












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