चीन में 81 लाख से ज्यादा मोबाइल यूजर्स लापता, एक्टिविस्ट का दावा, कोरोना वायरस ने ले ली जान
नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस का खतरा मंडरा रहा है, लाखों लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जबकि हजारो लोग को यह संक्रमण लील चुका है। इस वायरस के फैलने की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी, जिसके बाद धीरे-धीरे यह वायरस एक-एक करके दुनिया भर के देशों में फैल गया। हालांकि चीन अब दावा कर रहा है कि उसके यहां अब स्थानीय संक्रमण के मामले नहीं आ रहे हैं, जो भी नए मामले सामने आ रहे हैं वह विदेश से आए लोगों में हैं। यही नहीं चीन में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में इजाफा होना भी लगभग थम गया है।

क्या सही हैं चीन के आंकड़े ?
चीन का दावा है कि उसने इस संक्रमण पर काबू पाने में सफलता पा ली है। चीन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कोरोना संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 3270 है और इससे संक्रमित लोगों की संख्या 81093 है। पिछले कई दिनों से चीन में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 80 हजार के आस-पास ही थमी है। वहीं इससे उलट इटली में पिछले कुछ दिनों से लगातार हर रोज सैकडों लोगों की मौत हो रही है। अभी तक इस वायरस की वजह से इटली में 5476 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 59138 लोग इससे संक्रमित है। लेकिन चीन के दावों पर चीन की एक एक्टिविस्ट ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

मानव अधिकार एक्टिविस्ट का दावा
चीन में मानव अधिकारों के लिए काम करने वाली एक्टिविस्ट जेनिफर जेंग ने ट्वीट करके अपनी ही देश की कम्युनिस्ट सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि चाइना मोबाइल्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार 8.116 यानि तकरीबन 81 लाख मोबाइल यूजर लापता हो गए हैं। अहम बात यह है कि मोबाइल यूजर्स की संख्या में यह रिकॉर्ड कमी जनवरी और फरवरी के माह में दर्ज की गई है। इसी समय चीन में कोरोना वायरस का संक्रमण अपने शीर्ष पर था।

क्या कोरोना ने 81 लाख लोगों की जान ली?
जेनिफर जेंग ने 81 लाख मोबाइल यूजर्स के लापता होने पर सवाल खड़ा करते हुए इस बात का संदेह जताया है कि आखिर ये यूजर्स कहां चले गए। क्या इन लोगों ने दूसरा सिम ले लिया या फिर ये लोग दूसरी दुनिया में अपना फोन लेकर नहीं जा सके। अपने ट्वीट में जेनिफर जेंग ने चीन की रिपोर्ट का भी हवाला दिया है। जेनिफर ने इस बात का संदेह जताया है कि इस वायरस के चलते 81 लाख लोगों की मौत हो गई है।

तमाम पत्रकारों को किया गया चीन से बाहर
जेनिफर के दावों को इसलिए भी मजबूती मिलती है क्योंकि चीन में यह खबर भी सामने आई थी कि बड़ी संख्या में लाशों का अंतिम संस्कार वुहान शहर में किया गया था। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद चीन ने वॉशिंगटन जर्नल, न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकारों को अपने देश से बाहर कर दिया था। इन तमाम संस्थानों के पत्रकारों ने अपनी खबरों में कहा था कि चीन कोरोना वायरस से मरने वालों का सही आंकड़ा नहीं पेश कर रहा है और चीन अहम जानकारियों को दुनिया से छिपा रहा है। अहम बात यह है की चीन में जब पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर माह में इस वायरस की शुरुआत हुई थी तो चीन ने इस वायरस की गंभीरता को लेकर दुनिया को आगाह नहीं किया।












Click it and Unblock the Notifications