क्या चीन ने बना रखी है कोरोना की सिक्रेट दवाई? कैसे कोविड को किया कंट्रोल? सामने आई वजहें

चीन ने एक बार फिर सीक्रेट मेडिसिन के इस्तेमाल और वुहान लैब लीक थ्योरी को लेकर सफाई दी है और चीन की पारदर्शिता पर फिर सवाल उठ रहे हैं।

बीजिंग, जून 20: कोरोना वायरस महामारी पर चीन के नियंत्रण को लेकर आज भी दुनिया भर में सवाल उठ रहे हैं। जानलेवा महामारी को पैदा करने वाला चीन पूरी दुनिया में इस वायरस को फैलाकर खुद तमाशा देख रहा है। कई विशेषज्ञों ने तो यहां तक दावा किया है कि चीन ने किसी तरह की गुप्त दवा या वैक्सीन बना लिया है और देश को कोरोना वायरस से बचा रहा है। इस बीच वुहान लैब से कोरोना वायरस के लीक होने की थ्योरी को अमेरिका समेत कई देश अब भी मान रहे हैं।

कोरोना की सिक्रेट दवाई?

कोरोना की सिक्रेट दवाई?

चीन ने एक बार फिर सीक्रेट मेडिसिन के इस्तेमाल और वुहान लैब लीक थ्योरी को लेकर सफाई दी है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट में चाइना मीडिया ग्रुप से जुड़े अनिल पांडे ने लिखा है कि चीन में रहने वाले लोग जानते हैं कि पिछले साल यहां कितने सख्त नियमों का पालन किया गया, जो अब तक जारी है। लेकिन दूसरे देश की सरकारों और लोगों ने इस वायरस को उतनी गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण वहां बार-बार महामारी की स्थिति बिगड़ती जा रही है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन के लगभग सभी शहरों में इस महामारी पर अच्छी तरह काबू पा लिया गया है। इसके बावजूद लोग मास्क पहनकर ही घरों से बाहर निकलते हैं। किसी भी मॉल में घुसने पर शरीर का तापमान चेक किया जाता है या फिर ग्रीन कोड चेक करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। कहने का मतलब यह है कि चीन कोरोना महामारी की गंभीरता से अच्छी तरह वाकिफ है। इसी वजह से चीन की सरकार और नागरिक अभी भी पूरी सावधानी बरत रहे हैं, क्योंकि जब तक पूरी दुनिया से इस वायरस का खात्मा नहीं होगा, तब तक इसके फैलने की आशंका बनी रहेगी।

चीन में उठाए गये सख्त कदम ?

चीन में उठाए गये सख्त कदम ?

आपको बता दें कि कई देश इस महामारी की दूसरी और तीसरी लहर का सामना कर रहे हैं, जबकि चीन ने अपने देश में दूसरी लहर को दस्तक नहीं देने दी। इसके लिए कड़े कदम उठाए गए। राजधानी बीजिंग में कई महीनों से विदेश से कोई सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं आई है, जबकि कुछ समय पहले तक भारत, दिल्ली, मुंबई आदि शहरों में हवाई जहाजों को विश्व के कई दूसरे देश, जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय देशों से डायरेक्ट फ्लाइट का संचालन शुरू हो चुका था और अब भी जारी है।

भारत में सख्ती नहीं

भारत में सख्ती नहीं

विदेश से भारत आने वाले यात्रियों को भारत में सख्त क्वारंटाइन में भी नहीं रहना पड़ा। लेकिन विदेश से चीन आने वाले हर शख्स को दो हफ्ते के लिए होटल में आइसोलेशन में रहना ही होता है। इस दौरान अगर उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो क्वारंटाइन का समय और बढ़ जाता है। होटल के बाद एक हफ्ते तक घर में भी अकेले रहने की अनिवार्यता है। और रिपोर्ट है की चीन ने गुप्त दवाएं बना ली हैं और इसके जरिए वो कोरोना वायरस को पूरी तरह से कंट्रोल करने में कामयाब रहा है। विषेषज्ञों का मानना है कि दुनिया को ध्यान इस बात की तरफ देना चाहिए, कि क्या चीन ने कोई सीक्रेट दवा बना ली है। क्योंकि, पिछले साल फरवरी महीने में, जब डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित भी नहीं किया था, तभी चीन की सेना पीएलए के वैज्ञानिक ने वैक्सीन का पेटेंट हासिल करने के लिए फॉर्म भर दिया था। ऐसे में सवाल यही है कि क्या चीन ने कोरोना वायरस की सीक्रेट दवा बना ली है?

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