चीन ने बताया वह क्यों नहीं मसूद अजहर को आतंकी घोषित कर पा रहा है
बीजिंग। चीन ने चौथी बार जैश ए मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव में वीटो लगाकर अंड़गा डाल दिया। चीन की ओर से अपने इस रुख का बचाव यह कहते हुए किया गया है कि उसे इस पूरे मामले में और गहनता से जांच करनी है। चीन की मानें तो वह भारत के साथ अच्छे संबंधों का इच्छुक है लेकिन साथ ही उसे पूरे मामले की गहनता से जांच करनी है। जैश ने 14 फरवरी को पुलवामाम में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। दक्षिण कश्मीर में हुए इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे।

चीन ने लगाया है टेक्निकल होल्ड
गुरुवार को यूनाइटेड नेशंस की सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में मसूद अजहर को ग्लोबल टेरिरस्ट वाले प्रस्ताव में चीन ने फिर से टेक्निकल होल्ड लगा दिया। इस प्रस्ताव को अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की तरफ से पेश किया गया था। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से इस पर बयान जारी किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग से जब इस प्रस्ताव पर टेक्निकल होल्ड लगाने की वजह से पूछी गई तो उन्होंने कुछ इस तरह से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चीन ने हमेशा यूएन की प्रतिबंध समिति के समक्ष आने वाले किसी भी नाम को लेकर गहनता से जांच करता आया है।
नियम का पालन कर रहा है चीन
लू कांग ने कहा, 'यूएनएससी की 1267 समिति के पास किसी भी संगठन या फिर व्यक्ति को ग्लोबल टेररिस्ट साबित करने के लिए कुछ तय मानक और एक प्रक्रिया है। चीन ने इस आवेदन पर भी जांच किया लेकिन हमें और समय चाहिए। इस वजह से ही हमनें टेक्निकल होल्ड लगाया है।' लू कांग ने कहा कि चीन ने फैसला नियमों के तहत ही लिया है। लू कांग के मुताबिक चीन वह उम्मीद करता है कि इस कमेटी की ओर से जरूरी एक्शन लिया जाएगा ताकि संबंधित देशों के बीच आपसी बातचीत हो और क्षेत्रीय अशांति अस्थिरता को नुकसान पहुंचाने पहुंचाने वाले कारकों से निबटा जा सके। लू कांग ने यह भी कहा कि चीन हमेशा एक सृजनात्मक और जिम्मेदारी भरे रवैये का प्रदर्शन इस मसले को लेकर करता रहेगा। यह भी पढ़ें-बिलावल भुट्टो बोले नए पाकिस्तान में पीएम जेल में और आतंकी आजाद












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