चीन के रहस्यमयी अंतरिक्ष यान ने स्पेस में छोड़ा ‘उपग्रह’, जानिए किस बात से डरा अमेरिका?
यूएस स्पेस फोर्स ने दावा किया है कि चीन ने अपने सीक्रेट रियूजेबल स्पेसप्लेन को ऑर्बिट में छोड़ा है।
चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। उसका मून मिशन तो जारी है ही, मंगल मिशन की भी तैयारियां चल रही हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की तर्ज पर वह अपना अंतरिक्ष स्टेशन तैयार कर रहा है। चीन की स्पेस एजेंसी CNSA ने 5 अगस्त 2022 को गांसू प्रांत के जियुकुआन स्थित स्पेस स्टेशन से लॉन्ग मार्च 2एफ (Long March-2F) रॉकेट छोड़ा था। दावे के मुताबिक इस रॉकेट में एक रीयूजेबल स्पेसक्राफ्ट को भी भेजा गया था। यूएस स्पेस फोर्स के ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, चीन ने अपने सीक्रेट रियूजेबल स्पेसप्लेन को ऑर्बिट में छोड़ा है।
अंतरिक्ष रक्षा स्क्वाड्रन ने अंतरिक्ष यान को किया ट्रैक
बतादें कि यह अंतरिक्ष यान अब 90 दिनों के लिए कक्षा में है। अमेरिकी अंतरिक्ष बल के 18 वें अंतरिक्ष रक्षा स्क्वाड्रन ने अंतरिक्ष यान के करीब एक वस्तु को ट्रैक किया है। इस वस्तु की प्रकृति अज्ञात बताई जा रही है और इसके अंतरिक्षयान के बेहद करीब होने की संभावना जताई जा रही है। ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक दो हफ्ते पहले, अंतरिक्ष यान जब पृथ्वी के सबसे करीब था, वह अपनी परिधि से उठा था, तभी यह ऑबजेक्ट छोड़ा गया था। अंतरिक्ष रक्षा स्क्वाड्रन के मुताबिक यह वस्तु कोई उपग्रह हो सकता है।
पहले भी ऐसी हरकत कर चुका है चीन
यह पहली बार नहीं है जब अंतरिक्ष यान ने किसी वस्तु को बाहर छोड़ा है। चीन के अंतरिक्ष यान ने सितंबर 2020 में अपने पहले, दो दिवसीय मिशन के अंत में परिक्रमा करने से पहले दो कक्षाओं के आसपास एक वस्तु को छोड़ा था। ऐसे में एक संभावना यह है कि वस्तु अंतरिक्ष यान की निगरानी के लिए एक छोटा उपग्रह है। यह छोटा उपग्रह पेलोड को कक्षा में तैनात करने के लिए एक परीक्षण भी हो सकता है। अमेरिकी अंतरिक्ष बल को यह आशंका है कि यह चीन की अमेरिकी प्रोग्रामों पर नजर रखने की साजिश भी हो सकती है। उपग्रह के द्वारा वह अमेरिकी अंतरिक्ष गतिविधियों पर नजर रख सकता है।

अमेरिका की बराबरी करना चाहता है चीन
बतादें कि यह चीन एक पायलट प्रोजेक्ट है। लेकिन स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में भेजकर चीन ने अमेरिका की कुछ हद तक बराबरी कर ली है। अमेरिका जिस स्पेस शटल प्रोग्राम को 2011 में बंद कर चुका है, चीन अब ठीक वैसा ही स्पेसक्राफ्ट बनाकर अंतरिक्ष में भेज चुका है। चाइना एकेडमी ऑफ लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी(CALT) जो कि व्हीक्ल डेवलप करती है, के अनुसार इस परियोजना को चीन की वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति, एयरोस्पेस शक्ति और परिवहन शक्ति के निर्माण का समर्थन करने के लिए देखा जाता है।
चीन ने मिशन पर कोई अपडेट जारी नहीं किया
बतादें कि चीन ने इस स्पेसक्राफ्ट का उपयोग अपने अंतरिक्ष स्टेशन पर एस्ट्रोनॉट्स को लाने-ले जाने के लिए करने की बात कही है। इसके साथ ही यह स्पेसशिप कार्गो सप्लाई भी चीन का दावा है कि फिलहाल ये स्पेसक्राफ्ट धरती से 100 किलोमीटर ऊपर कारमान लाइन के पास चक्कर लगाएगा। उसके बाद यह धरती पर वापस आ जाएगा। हालांकि चीन ने इस स्पेसक्राफ्ट के मार्ग, ऊंचाई आदि की जानकारी शेयर नहीं की है। यह स्पेसक्राफ्ट अमेरिकी एयरफोर्स के X-37B की तरह ही दिखता है। इसके अलावा अंतरिक्ष यान के प्रक्षेपण की घोषणा के एक संक्षिप्त बयान के बाद से चीन ने मिशन पर कोई अपडेट जारी नहीं किया है और न ही स्पेसक्राफ्ट की कोई छवि प्रकाशित की गई है।












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