चीन में प्रॉपर्टी सेक्टर में आई तबाही, अर्थव्यवस्था में आ सकती है सुनामी, बैंकों के सैकड़ों अरब डॉलर फंसे
China Property Crisis: चीन का शानदार इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऊंची ऊंची बिल्डिंग्स भले ही किताबों पर उसकी विकास की कहानी लिख रही हों, लेकिन इन बिल्डिंग्स ने चीनी प्रॉपर्टी कारोबार को तहस-नहस कर दिया है, लिहाजा अब प्रॉपर्टी व्यवसाय में शामिल कंपनियां, बैंकों से लिया अरबों डॉलर का लोन चुका नहीं पा रहे हैं, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर ही गंभीर संकट पैदा हो गया है।
लिहाजा, अब सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या चीन का फैल रहा प्रॉपर्टी क्राइसिस बैंकों और वित्तीय संस्थानों तक फैल जाएगा?
हाल के महीनों में घरों की गिरती कीमतों ने चीनी प्रॉपर्टी डेवलपर्स को सड़कों पर ला खड़ा किया है और अब उनके लिए अपने फ्लैटों को बेचना, बैंक का ऋण चुकाना और नये प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करना, करीब करीब नामुमिकन हो चुका है।
रियल एस्टेट कंपनियों के भारी घाटे और शेयरों की गिरती कीमतों ने निवेशकों में हड़कंप पैदा कर दिया है।

कितनी विकराल हो गई है चीन की स्थिति?
चीन के सबसे बड़े निजी धन प्रबंधकों में से एक, झोंगज़ी एंटरप्राइज ग्रुप, जिसने प्रॉपर्टी कारोबार में बड़े पैमाने पर निवेश किया है, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसने बिगड़ते नकदी संकट के बीच अपनी बैलेंस सीट की समीक्षा के लिए जुलाई महीने के अंत में केपीएमजी को काम पर रखा था, और केपीएमजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि झोंगज़ी एंटरप्राइज ग्रुप ने जिन प्रॉपर्टी कंपनियों को ऋण दिया है, उन ऋणों की उगाही अब काफी लंबे समय बाद हो पाएगी।
जिसके बाद झोंगज़ी एंटरप्राइज ग्रुप ने अब प्रॉपर्टी में निवेश को सस्पेंड कर दिया है, जिसकी वजह से कई सारे प्रॉपर्टी कंपनियों के कई प्रोजेक्ट आधे पर लटक गये हैं।
उसी समय, वैश्विक हेज फंडों ने इस महीने के पहले दो हफ्तों में चीनी शेयरों, मुख्य रूप से प्रॉपर्टी कंपनियों वाले शेयरों को बेच दिया है, और रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वो चीन के रिएय एस्टेट कारोबार में मंदी आने को लेकर स्पष्ट राय रखते हैं।
कुछ अर्थशास्त्रियों ने चीनी सरकार से प्रॉपर्टी मार्केट को बढ़ावा देने के लिए और अधिक उपाय शुरू करने का आह्वान किया है, ताकि प्रॉपर्टी मार्केट की समस्याओं को बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों में फैलने से रोका जा सके।
सरकारी सहायता ही एकमात्र विकल्प
इस साल जब चीन में सरकार ने सख्त कोविड प्रतिबंधों को अचानक हटाया, तो प्रॉपर्टी सेक्टर में कीमतों में फिर से इजाफा होना शुरू हुआ था, लेकिन मई महीने के बाद से, घर की कीमतों में भारी गिरावट शुरू हो गई है, क्योंकि लोगों में बीच आर्थिक संकट फैली और लोगों ने घर खरीदना बंद कर दिया।
चीन के कई ज्यादा जीडीपी वाले प्रांस, खासकर गुइझोउ और गुआंग्शी में प्रॉपर्टी कंपनियों के माथे पर भारी ऋण संकट जमा हो गया है।
जिसके बाद प्रॉपर्टी डेवलपर्स ने घरों को बेचने के लिए भारी छूट देना शुरू कर दिया, क्योंकि उन्हें हर हाल में अपने ऋणों का भुगतान करना था, लिहाजा प्रॉपर्टी सेक्टर ही धराम से गिर गया।
चीन की राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) के अनुसार, 70 सबसे बड़े चीनी शहरों में से 44 शहरों में जुलाई में नए घर की कीमतों में साल-दर-साल के मुकाबले भारी गिरावट दर्ज की गई। जून में 70 शहरों में से 42 शहरों में नए घर की कीमतों में भारी कमी की गई।
हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों में बाजार में स्पष्ट गिरावट नहीं देखी गई, लेकिन मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है, कि शीर्ष स्तर के शहरों में कुछ प्रमुख स्थानों पर मौजूदा घर की कीमतों में दो साल पहले की तुलना में 15% की गिरावट आई है, जबकि टियर-दो और टियर-थ्री शहरों में कीमतों में 25 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
पिछले दो महीनों में, कई घटनाओं से पता चला है, कि चीन का प्रॉपर्टी संकट बैंकिंग और निवेश क्षेत्रों तक फैल रहा है।
4 जुलाई को, ब्लूमबर्ग ने बताया था, कि चीन के सरकारी बैंक हाल के महीनों में सामान्य 10 वर्षों के बजाय 25 वर्षों की परिपक्वता अवधि के साथ स्थानीय सरकारी वित्तपोषण वाहन (एलजीएफवी) ऋण की पेशकश कर रहे हैं। इस कदम से लंबे समय में बड़े चीनी बैंकों के मार्जिन पर असर पड़ेगा।
जिसके बाद, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC) और एग्रीकल्चरल बैंक ऑफ चाइना के शेयरों में क्रमशः 18.4% और 17.4% की गिरावट आई है। इसी अवधि में बैंक ऑफ चाइना के शेयरों में 16.1% की गिरावट आई है, जबकि चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक के शेयरों में 19.4% की गिरावट आई है।
दिवालिया होने लगी हैं कंपनियां
6 अगस्त को, कंट्री गार्डन, जो प्रसिद्ध चीनी प्रॉपर्टी डेवलपर है, वो 22.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के दो बांडों पर ब्याज का भुगतान करने में नाकाम रहा है। 13 अगस्त को, राज्य के स्वामित्व वाली प्रॉपर्टी डेवलपर, सिनो-ओशन ग्रुप, अपने 700 मिलियन डॉलर के नोटों पर 20.9 मिलियन डॉलर का ब्याज देने में नाकाम रहा है।
वहीं, चीन की प्रसिद्ध प्रॉपर्टी कंपनी एवरग्रांडे ग्रुप, जो दुनिया का सबसे अधिक ऋणी संपत्ति डेवलपर है, उसने संयुक्त राज्य अमेरिका में दिवालियापन प्रोटेक्शन के लिए आवेदन किया है, क्योंकि यह ऋण पुनर्गठन और लेनदारों के साथ एक समझौते पर पहुंचने का प्रयास कर रहा है।
एवरग्रांडे, जो कभी चीन का शीर्ष डेवलपर था, 2021 में अपने 300 अरब डॉलर से ज्यादा के कर्ज में भुगतान नहीं कर पाया, जो चीन के प्रॉपर्टी क्राइसिस का पोस्टर चाइल्ड बन गया है।
प्रॉपर्टी सेक्टर में आई तबाही चीन की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है, क्योंकि चीनी अर्थव्यवस्था में प्रॉपर्टी सेक्टर का योगदान 40 प्रतिशत से ज्यादा है, ऐसी स्थिति में चीन की अर्थव्यवस्था के भी डंवाडोल होने की आशंका है।












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