वियतनाम ने भारत को दक्षिण चीन सागर में दिया निवेश का न्योता, चीन भड़का
बीजिंग। दक्षिण चीन सागर में वियतनाम की ओर से भारत को तेल और उर्जा के क्षेत्र में निवेश करने से चीन भड़क गया है। चीन ने इस कदम की निंदा की है। चीन ने कहा कि बीजिंग ऐसी किसी भी व्यवस्था के विरोध में है जिसमें उसके अधिकारों का अतिक्रमण हो रहा हो। गौरतलब है कि भारत में वियतनाम के राजदूत टोन सिन थान ने 9 जनवरी को कहा था कि उनका देश दक्षिण चीन सागर में भारत के निवेश का स्वागत करेगा। बता दें कि चीन, दक्षिण चीन सागर पर अपना हक बताता रहा है। इस मसले पर उसकी कई देशों से विवाद चल रहा है।

शांति को भी खतरा हो
सिन थान के बयान पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा लु कंग ने कहा कि चीन अपने पड़ोसी देशों का किसी दूसरे देश के साथ संबंध के खिलाफ नहीं है लेकिन वो ऐसे किसी भी प्रक्रिया के विरोध में है जिसमें दक्षिण चीन सागर में चीन की संप्रभुता को चुनौती दी जाए। जिससे क्षेत्र की शांति को भी खतरा हो।

सिन थान ने कहा था कि...
बता दें कि एक भारतीय टीवी चैनल के साथ बातचीत के दौरान सिन थान ने कहा था कि भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग भी बढ़ने की संभावना है। थान ने कहा था कि भारत, वियतनाम की रक्षा क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है। बता दें कि चीन कई सालों से ONGC की ओर से वियतनाम के दावे वाले दक्षिण चीन सागर के क्षेत्र में तेल के कुओं की खुदाई का विरोध कर रहा है जबकि भारत इसे सिर्फ व्यावसायिक काम बता कर कहता रहा है कि इसका विवाद से कोई संबंध नहीं है।

चीन,पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना हक जताता रहा
गौरतलब है कि चीन,पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना हक जताता रहा है। वहीं वियतनाम,ब्रुनेई, मलेशिया,फिलिपींस और ताइवान इस दावे का विरोध करते हैं। फिलहाल भारत और वियतनाम के आपसी संबंध सुधर रहे हैं। दोनों देशों के बीच दक्षिण चीन के माध्यम से खरबों डॉलर का व्यापार होता है।












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