अमेरिका से युद्ध की आशंका के बीच नॉर्थ कोरिया का साथ छोड़ा रहा है ये पुराना दोस्त
बीजिंग। यूएस सेक्रटरी ऑफ स्टेट रेक्स टिलर्सन ने हाल ही में चीन की यात्रा की, जहां उन्होंने नॉर्थ कोरिया से बाज आने के लिए चर्चा पर जोर दिया था। इस बीच अब खबर रही है कि चीन में भी नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर प्रोग्राम को बंद करने के चर्चा हो रही है। सूत्रों की मानें तो चीन सार्वजनिक बहसों के जरिए नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर प्रोग्राम को बंद करने के लिए दबाव डाल रहा है।

टेंशन खत्म करने में जुटा चीन
अमेरिकी सेक्रटरी ऑफ स्टेट रेक्स टिलर्सन ने अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान कहा था कि हम शांति से नॉर्थ कोरिया से बातचीत के जरिए समाधान का हल ढूंढना चाहते हैं। टिलर्सन ने कहा था कि हम देखना चाहते हैं कि नॉर्थ कोरिया बातचीत के रास्ते पर आता है या नहीं। वहीं, दूसरी ओर चीन भी चाहता है कि वॉशिंगटन और प्योंगयांग के बीच बातचीत से दोनों देशों की टेंशन को खत्म किया जाए।

चीन अब नॉर्थ कोरिया के प्रतिबंधों का समर्थन कर रहा है
अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया पर जो आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, उनको चीन ने भी समर्थन किया है। पेकिंग यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज के डीन जिया ने इसी संदर्भ में एक आर्टिकल पब्लिश किया है। जिया लिखते हैं कि जब युद्ध की वास्तविक स्थिति बनेगी तब प्योंयांग पर इसकी चर्चा करनी चाहिए कि नॉर्थ कोरिया के न्यूक्लियर हथियारों पर नियंत्रण किसका होगा।

चीन को भड़का तो चीन को होगा नुकसान
जिया अपने आर्टिकल में कहते हैं कि अगर युद्ध भड़का तो नॉर्थ कोरिया से भारी मात्रा में लोग चीन की तरफ रुख करेंगे। ऐसे में चीन बिल्कुल नहीं चाहेगा कि कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध हो और लोगों को उनके देश में शरण लेनी पड़े। जिया के अनुसार, इसे रोकने के लिए चीन नॉर्थ कोरिया में अपनी सेना भेज सकता है। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने नॉर्थ कोरिया पर हाल ही में जिस तरह से प्रतिबंध लगाए हैं, उसे देखते हुए प्योंगयांग को लेकर चीन के रवैये में भी बदलाव देखने को मिला है।












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