VIDEO: चीनियों ने बना दिया नया 'अजूबा', पटरी पर लटकते हुए चल रही स्काई ट्रेन, कांच से बनी है फर्श

बीजिंग, 2 जुलाई: चीन की आबादी भले ही दुनिया में सबसे ज्यादा हो, लेकिन उसने कभी इसे अपने विकास पर हाबी नहीं होने दिया। जिस वजह से आज वो तकनीकि के मामले में सभी देशों को पीछे छोड़ रहा है। 2016 में ही उसने वूलिंगयुआन जिले में ग्लास ब्रिज बना डाला, जिसकी सतह पूरी तरह से कांच की बनी हुई है। जिस पर इंसान आसानी से चल सकता है। इसके बाद अब उसने इसी तरह का प्रयोग एक ट्रेन में किया है।

स्काई ट्रेन पर हो रहा काम

स्काई ट्रेन पर हो रहा काम

चीनी मीडिया के मुताबिक उसके इंजीनियर्स ने अब ऑटोनोमस 'स्काई ट्रेन' तैयार की है। आमतौर पर ट्रेनें जमीन या फिर पुल पर बिछाई गई पटरियों पर चलती हैं, लेकिन स्काई ट्रेन में पूरा मामला उल्टा है। इसमें ट्रेन हवा में बिछाई गई पटरियों से लटकती हुए चलती है। इसका काम करीब-करीब पूरा हो गया है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू में 26 जून को पहली बार ट्रेन का ट्रायल भी हुआ।

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    फर्श कांच से बनी

    फर्श कांच से बनी

    वैसे ये सामान्य लोगों के लिए बनाई गई है, लेकिन इसका ज्यादा फोकस टूरिज्म पर है। जिस वजह से इसकी पटरियां कई प्रमुख पर्यटन स्थलों से होकर गुजरती हैं। इसके अलावा इसकी खिड़कियों के साथ ही फर्श भी कांच से बनाई गई है। ऐसे में जब ये ट्रेन चलती है, तो आप फर्श से नीचे के दृश्य देख सकते हैं। ये पूरा प्रोजेक्ट द सस्पैंशन टेक्नोलॉजी पर आधारित है।

    270 डिग्री तक नजारा

    270 डिग्री तक नजारा

    प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक जिस तरह ग्लास ब्रिज में कांच का इस्तेमाल करके पुल तैयार कर दिया गया। उसी तरह से इसके फर्श को बनाया गया है। ये बहुत ही मजबूत कांच है, जो काफी वजन झेल सकता है। साथ ही ये पूरी तरह से पारदर्शी है, ऐसे में लोग अंदर बैठकर 270 डिग्री तक नजारा देख सकते हैं। अभी इसे बैट्री पर आधारित सिस्टम के जरिए संचालित किया जा रहा है।

    कितनी है रफ्तार?

    कितनी है रफ्तार?

    वैसे तो अभी इस ट्रेन का ट्रायल चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल के अंत तक इसका संचालन शुरू हो जाएगा। वहीं इसकी अन्य खासियत की बात करें, तो इस ट्रेन की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके साथ ही इसमें 120 लोग बैठ सकते हैं। वहीं पूरी ट्रेन का वजन सिर्फ 2.5 टन ही है।

    पर्यटन का बढ़ावा देना मुख्य मकसद

    चीनी अधिकारियों के मुताबिक कोरोना के चलते पर्यटन उद्योग पर काफी ज्यादा बुरा असर पड़ा है। ऐसे में माना जा रहा है कि ट्रेन का संचालन पूरी तरह से शुरू होने से पर्यटक इसकी ओर आकर्षित होंगे। साथ ही विदेश से भी लोग इस अजूबे को देखने पहुंचेंगे। हालांकि अभी तक इसका किराया नहीं निर्धारित किया गया है।

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