China news: गलवान झड़प के बाद भारत आ सकते हैं चीन के विदेश मंत्री, लद्दाख पर होगा समझौता?
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि, चीन और भारत को हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में "कुछ झटकों" का सामना करना पड़ा है।
नई दिल्ली, मार्च 16: जून 2020 में लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हिंसक झड़प के बाद पहली बार किसी वरिष्ठ चीनी नेता की भारत की यात्रा हो सकती है और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्री वांग यी इस महीने के अंत में भारत का दौरा कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत आने से पहले वो नेपाल के दौरे पर रहेंगे। वहीं, सीमा विवाद को सुलक्षाने के लिए भारत और चीन के सैन्य कमांडर्स के बीच लगातार बातचीत भी चल रही है।

मई 2020 में हुई थी झड़प
15 जून 2020 को भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प हुई थी और उसके बाद से दोनों ही देशों के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। दोनों देशों की तरफ से उग्र बयान भी जारी किए गये और पिछले महीने भी भारतीय विदेश मंत्री ने कहा था कि, चीन के साथ इस वक्त रिश्ते 'अत्यधिक तनावपूर्ण' चल रहे हैं। 15 जून, 2020 को गालवान घाटी की झड़पों के बाद देशों देशों के बीच विवाद काफी बढ़ गया था, जिसमें भारत के कम से कम 20 जवान शहीद हो गये थे, जबकि चीन ने अपने चार सैनिकों के मारे जाने की बात करीब एक साल बाद कबूली थी। हालांकि, कई विदेशी रिपोर्ट्स में कम से कम 42 चीनी जवानों के मारे जाने का दावा किया गया है, जिससे चीन ने हमेशा इनकार किया है।

भारत पर चीनी विदेश मंत्री का बयान
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि, चीन और भारत को हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में "कुछ झटकों" का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने सीमा विवाद के समाधान के लिए "निष्पक्ष और न्यायसंगत" समाधान के लिए समान स्तर पर परामर्श और मतभेदों को सुलझाने की अपील की थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि, कुछ ताकतों ने हमेशा अमेरिका के संदर्भ में चीन और भारत के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश की है। सीमा मुद्दे और दोनों पड़ोसियों के बीच संबंधों पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि, "चीन और भारत के संबंधों को हाल के वर्षों में कुछ झटकों का सामना करना पड़ा है, जो दोनों देशों और दोनों देश के लोगों के मौलिक हितों की पूर्ति नहीं करता है।"

भारतीय विदेश मंत्री ने क्या कहा था?
वहीं, भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस साल जर्मनी में म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन (एमएससी) में कहा था कि, चीन के साथ भारत के संबंध अभी "बहुत कठिन दौर" से गुजर रहे हैं। वहीं, भारतीय विदेश मंत्री ने कहा था कि, बीजिंग सीमा समझौतों का उल्लंघन कर रहा है, जिससे दोनों ही देशों के बीच तनाव है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया था कि, "सीमा की स्थिति, दोनों देशों के बीच के संबंधों की स्थिति का निर्धारण करेगी"। जयशंकर ने पिछले महीने जोर देकर कहा था कि, भारत लद्दाख सीमा मुद्दे पर चीन के साथ पूरी स्पष्टता के साथ बातचीत कर रहा है। उन्बोंने कहा था, कि चीन सीमा पर यथास्थिति में किसी भी बदलाव या वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को एकतरफा रूप से बदलने के किसी भी तरह का प्रयास नहीं करे।












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