मंकीपॉक्स से डर गया चीन, पहला मामला सामने आते ही कहा, 'विदेशियों से दूर रहो'
बीजिंग के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि, मंकीपॉक्स से बचने के लिए विदेशी यात्रियों को नहीं छूने की सलाह दी है।
बीजिंग, 19 सितंबर : कोरोना महामारी (Covid-19) से ग्रसित चीन अब मंकीपॉक्स (Monkeypox) के खतरे से घबरा गया है। इसको लेकर बीजिंग के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि, मंकीपॉक्स से बचने के लिए विदेशी यात्रियों को नहीं छूने की सलाह दी है। चीन के इस संकीर्ण मानसिकता वाले सोच की चारो तरफ निंदा हो रही है। बता दें कि, चीन के चोंगकिंग शहर में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है और इससे देश में दहशत का माहौल है।

विदेशियों से दूर रहें, मंकीपॉक्स से घबराया चीन
चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेशन के मुख्य महामारी विज्ञानी वू जुनयू (Wu Zunyou) ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि, वे विदेशियों को न छुए। चीन की माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट वीबो (China's microblogging website Weibo) पर उनकी पोस्ट ने एक विवाद छेड़ दिया है, कई लोगों ने इसकी तुलना उस भेदभाव से की है जो विदेशों में एशियाई लोगों ने कोविड -19 महामारी की शुरुआत में सामना किया था।

कैसे बचे मंकीपॉक्स से, चीन ने बताया
सीएनएन (CNN) के अनुसार, जुनयू ने पोस्ट में उन पांच सिफारिशों का उल्लेख किया है, जिनका पालत चीन की जनता मंकीपॉक्स वायरस को रोकने के लिए कर सकती है। इसमें विदेशियों से स्कीन टू स्कीन कॉन्टेक्ट (skin-to-skin contact) नहीं करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि, मंकीपॉक्स की निगरानी और रोकथाम को मजबूत करना आवश्यक और महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान लोगों से निकट संपर्क करने से बचना जरूरी है।

पहले चीनी लोग से दूर भागे अब चीनी विदेशी से दूर भागेंगे?
एक वीबो यूजर ने इसकी स्वास्थ्य अधिकारी की सलाह की तुलना कोरोना महामारी से कर दी है। यूजर ने लिखा, कोरोना महामारी के समय में विदेशी लोगों ने चीनी लोगों से दूरी बनाई थी। उस समय विदेशी लोग चीन के लोगों को डर की निगाहों से देख रहे थे। चीन में मंकीपॉक्स का मामला चोंगकिंग शहर में विदेश से आए एक व्यक्ति में पाया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया है कि, मंकीपॉक्स से ग्रसित व्यक्ति चीन का नागरिक है या फिर विदेशी है।

चोंगकिंग में मिला मंकीपॉक्स का मरीज
नगर स्वास्थ्य आयोग ने कहा है कि, चोंगकिंग पहुंचने पर व्यक्ति को क्वारंटाइन में रखा गया है और उसे लोगों के संपर्क से दूर कर दिया गया है। मरीज फिलहाल चिकित्सा निगरानी में है। मई में दुनिया के कई देशों में मंकीपॉक्स का मामला देखा जाने लगा। खबर के मुताबिक, कोरोना के बाद अब 90 देशों में मंकीपॉक्स का मामला सामने आने से एक तरह से एक और वायरस को लेकर लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तो मंकीपॉक्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। अभी तक दुनिया में 60 हजार से अधिक मंकीपॉक्स के पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, कुछ देशों ने इस वायरस से लोगों के मरने की भी जानकारी दी है।












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