India-China Trade: भारत के आगे झुक गया ड्रैगन! रेयर अर्थ मैग्नेट देने पर बनी सहमति, शर्त सुनकर उड़ जाएंगे होश!
India-China Trade: भारतीय ऑटोमोबाइल और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और व्यापारिक जीत सामने आई है। पिछले कई महीनों से 'रेयर अर्थ मैग्नेट' (REMs) की कमी से जूझ रहे भारतीय उद्योगों के लिए चीन ने आखिरकार अपने दरवाजे खोल दिए हैं।
वैश्विक प्रतिबंधों (Global sanctions) और कड़े नियमों के बीच, चीन की कॉमर्स मिनिस्ट्री ने भारतीय सप्लायर्स और दिग्गज वैश्विक कंपनियों की भारतीय यूनिट को आयात लाइसेंस (Import License) जारी करना शुरू कर दिया है। यह कदम न केवल भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मिशन को रफ्तार देगा, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में छाई अनिश्चितता के बादलों को भी हटा देगा।

India-China Trade: इन दिग्गज कंपनियों को मिली हरी झंडी
चीन की इस मंजूरी से भारत में काम कर रही बड़ी औद्योगिक इकाइयों को सीधा फायदा होगा। सूत्रों के मुताबिक, लाइसेंस प्राप्त करने वाली लिस्ट में जय उशिन (Jay Ushin), जर्मन ऑटो कंपोनेंट (German automotive component) दिग्गज कॉन्टिनेंटल एजी (Continental AG) की भारतीय यूनिट, और मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki), महिंद्रा (Mahindra), व होंडा स्कूटर्स (Honda Scooters) के प्रमुख सप्लायर्स शामिल हैं। हालांकि प्रक्रिया अभी धीमी है, लेकिन आवेदनों का क्लियर होना उत्पादन लाइनों के लिए शुभ संकेत है।
India-China Trade: 'डिफेंस' और 'दोहरे उपयोग' पर रोक
चीन ने इन महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात के लिए एक अनिवार्य शर्त रखी है। नए नियमों के तहत, चीनी सप्लायर्स को निर्यात की अनुमति तभी मिलेगी जब भारतीय आयातक इस बात की पुख्ता गारंटी देंगे कि इन मैग्नेट्स का उपयोग रक्षा (Defence) संबंधी उपकरणों में नहीं किया जाएगा। चीन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इन सामग्रियों का कोई 'दोहरा उपयोग' (Dual-use) न हो सके। यह प्रक्रिया लंबी और कागजी तौर पर जटिल है, लेकिन सप्लाई चेन को चालू रखने का यही एकमात्र रास्ता बनकर उभरा है।
India-China Trade: क्यों अहम हैं 'रेयर अर्थ मैग्नेट'?
रेयर अर्थ मैग्नेट आधुनिक तकनीक की रीढ़ माने जाते हैं। इनके बिना निम्नलिखित क्षेत्रों में उत्पादन लगभग असंभव है:
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV): मोटरों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए।
- इलेक्ट्रॉनिक्स: स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स में।
- मेडिकल उपकरण: एमआरआई (MRI) मशीनों और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों में।
- क्लीन एनर्जी: विंड टर्बाइन के निर्माण में।
India-China Trade: राजनयिक बातचीत का रंग लाया असर
यह राहत अचानक नहीं मिली है। पिछले छह महीनों से भारत सरकार चीनी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में थी। जून 2024 में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच नई दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। चीन ने तब व्यापारिक बाधाओं को कम करने का आश्वासन दिया था, जिसका क्रियान्वयन अब जमीन पर दिखने लगा है।
India-China Trade: क्या होता है रेयर अर्थ मैग्नेट?
रेयर अर्थ मैग्नेट को आप 'सुपर पावर' वाला चुंबक समझ सकते हैं, जो आम काले चुंबक की तुलना में कई गुना अधिक शक्तिशाली होता है। यह खास तरह के दुर्लभ खनिजों से बना होता है और इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह आकार में बहुत छोटा होने के बावजूद भारी मशीनों को चलाने की ताकत रखता है। आज के दौर में आपके स्मार्टफोन के वाइब्रेशन से लेकर, इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मोटर और लैपटॉप तक, हर आधुनिक गैजेट को छोटा और स्मार्ट बनाने के लिए इसी 'जादुई चुंबक' का इस्तेमाल किया जाता है।












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