चीन और अमेरिका ने जलवायु परिवर्तन पर मिलाया हाथ

जलवायु परिवर्तन पर चीन और अमेरिका के अधिकारियों के बीच हाल ही में शंघाई में बैठक हुई थी जिसके बाद अब एक संयुक्त बयान जारी किया गया है.

चीन, कार्बन उत्सर्जन
Reuters
चीन, कार्बन उत्सर्जन

चीन और अमेरिका ने कहा है कि दोनों देश जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आपस में और दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं. चीन के जलवायु दूत शी झेनहुआ ​​और उनके अमेरिकी समकक्ष जॉन केरी के बीच शंघाई में पिछले हफ़्ते हुई कई बैठकों के बाद यह कहा गया है. रविवार को जारी एक संयुक्त बयान में दोनों ने उत्सर्जन कम करने के लिए भविष्य में उठाए जाने वाले विशेष कदमों पर भी अपनी सहमति जताई है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन इस सप्ताह एक वर्चुअल जलवायु सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं. इसमें कई देशों के प्रमुखों के भाग लेने की उम्मीद है.

चीन ने कहा है कि वह इसके लिए तैयार है. हालांकि अब तक यह साफ नहीं है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी दुनिया के बाकी नेताओं की तरह इस सम्मेलन में भाग लेंगे या नहीं. संयुक्त बयान में कहा गया, "अमेरिका और चीन जलवायु संकट से निपटने के लिए एक-दूसरे और अन्य देशों के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इस संकट को गंभीरता से और तुरंत दूर करने की ज़रूरत है."

ये भी पढ़िएः-

चीन, कार्बन उत्सर्जन
Reuters
चीन, कार्बन उत्सर्जन

पेरिस समझौते के पालन पर सहमति

इसमें यह भी कहा गया है, ''दोनों देश पेरिस समझौते के अनुरूप धरती के तापमान को तय सीमा के भीतर रखने के उद्देश्य से उत्सर्जन कम करने के लिए इस दशक में ठोस कार्रवाई करने पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे.'' दोनों देश विकासशील देशों को कम कार्बन उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा के स्रोतों को अपनाने के लिए धन मुहैया कराने पर भी सहमत हुए हैं. पर्यावरण पर काम करने वाली संस्था ग्रीनपीस के वरिष्ठ जलवायु सलाहकार ली शुओ ने दोनों देशों के संयुक्त बयान को सकारात्मक बताया है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, "यह बातचीत एक बहुत साफ संदेश देता है कि इस मामले पर चीन और यूएसए एक-दूसरे से सहयोग करेंगे. शंघाई की बैठकों से पहले यह संदेश नहीं था." चीन और अमेरिका ने कहा है कि वे दोनों देश जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं.

https://www.youtube.com/watch?v=eXjQRzz5G6o

बाइडन के दौर की पहली उच्चस्तरीय यात्रा

जो बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के ​बाद उनके प्रशासन के किसी सदस्य की यह चीन की पहली उच्च-स्तरीय यात्रा है. हालांकि पिछले महीने इस बातचीत के लिए अमेरिकी और चीनी अधिकारियों ने मुलाकात की थी. शंघाई जाने से पहले जॉन केरी ने अमेरिकी समाचार चैनल सीएनएन से कहा था कि जलवायु संकट से निपटने के लिए चीन को साथ लेना 'बहुत जरूरी' है. उन्होंने यह भी माना था कि अमेरिका की चीन के साथ कुछ अहम मसलों पर असहमति है.

वैज्ञानिकों ने चेताया है कि दुनिया के तापमान को पूर्व-औद्योगिक स्तर की तुलना में दो डिग्री से भी कम बढ़ने का लक्ष्य रखना चाहिए. इनके अनुसार जलवायु को बचाने के लिए बेहतर होगा कि हमें इस लक्ष्य को महत्वाकांक्षी बनाते हुए तापमान को 1.5 डिग्री से कम ही बढ़ने दें.

प्रदूषण
Reuters
प्रदूषण

बीबीसी के पर्यावरण विशेषज्ञ का विश्लेषण

बीबीसी के पर्यावरण विश्लेषक रोजर हैराबिन का मानना है कि अमेरिका और चीन का यह संयुक्त बयान इस दुनिया को लेकर चिंतित रहने वाले हर शख़्स को राहत देगा. हालांकि जलवायु में हो रहे बदलाव तब तक नहीं रूकेंगे जब तक कि दुनिया के सबसे बड़े प्रदूषक कठोर कदम न उठाएं. उनके अनुसार, ''हाल की एक रिपोर्ट में कहा गया कि चीन को जलवायु पर अपने वादे पूरा करने के लिए कोयला से चलने वाले 588 बिजली घरों को बंद कर देना चाहिए. इस वक़्त क्या चीन सही दिशा में बढ़ रहा है? बिल्कुल नहीं. अर्थव्यवस्था बढ़ाने के लिए इसके कई इलाकों में कई नए कोयला चालित बिजली घर बनाए जा रहे हैं.''

रोजर हैराबिन कहते हैं, ''जॉन केरी और चीन की बैठक से एक नतीजा यह निकल कर आया कि दोनों देशों ने स्वीकार किया है कि पूंजी के प्रवाह को ज्यादा कार्बन उत्सर्जित करने वाली परियोजनाओं की बजाय कम-कार्बन परियोजनाओं की ओर मोड़ना चाहिए. दोनों देशों ने अपने उत्सर्जन को और भी कम करने का वादा किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अगले हफ़्ते अमेरिकी शिखर सम्मेलन में या उससे पहले अपने प्रस्तावों पर से पर्दा उठाएंगे.'' हैराबिन के मुताबिक़, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने पर धुंध छाई हुई है. इसकी बजाय वह इसी हफ़्ते चीन के दावोस कहे जाने वाले बोआओ फोरम में चीन के सख़्त लक्ष्यों का ऐलान कर सकते हैं. हालांकि किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि जलवायु संकट से निपटने का काम केवल महाशक्तियों को करना है. इसके लिए दुनिया के सभी देशों को मिलकर प्रयास करना चाहिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+