Chile Forest Fire 2026: जंगल से निकली आग का बवंडर, निगल गया शहर, 19 की मौत और 50,000 बेघर
Chile Forest Fire 2026: दक्षिण अमेरिकी देश चिली एक बार फिर भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। मध्य और दक्षिणी चिली के जंगलों में भड़की आग ने विनाशकारी रूप ले लिया है, जिसमें अब तक 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। न्युब्ले और बायोबियो क्षेत्रों में फैली इस आग ने 50 हजार से अधिक लोगों को बेघर कर दिया है।
राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने प्रभावित इलाकों में आपातकाल और कर्फ्यू लागू कर दिया है। तेज हवाओं और बढ़ते तापमान के कारण आग का बवंडर बस्तियों को निगल रहा है, जिससे कई शहर पूरी तरह राख के ढेर में तब्दील हो गए हैं।

आग का बवंडर और तबाही का मंजर
चिली के न्युब्ले और बायोबियो इलाकों में आग इतनी बेकाबू है कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए चंद मिनटों का ही समय मिल पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग का बवंडर कुछ ही सेकंड में घरों और गाड़ियों को अपनी चपेट में ले रहा है। पेंको और लिरक्वेन जैसे शहरों में हालात सबसे गंभीर हैं, जहां हजारों लोग केवल अपने पहने हुए कपड़ों में जान बचाकर भागने को मजबूर हुए। अब तक 50 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं, जो इस दशक की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक है।
ये भी पढे़ं: Trump thanks Iran: ईरान पर आग उगलने वाले ट्रंप अचानक क्यों बोले 'थैंक यू'? वजह जान कर रह जाएंगे दंग
सरकार की प्रतिक्रिया और आपातकाल
हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने तत्काल प्रभाव से न्युब्ले और बायोबियो में आपातकाल घोषित कर दिया है। आग बुझाने के लिए 4,000 से अधिक दमकलकर्मियों के साथ सेना को भी मैदान में उतारा गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है ताकि लूटपाट रोकी जा सके और बचाव कार्यों में तेजी आए। राष्ट्रपति ने राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखते हुए एकजुटता का आह्वान किया है और खुद प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की है।
समुद्र तट पर शरण लेने को मजबूर लोग
पोर्ट सिटी लिरक्वेन में आग ने ऐसी तबाही मचाई कि लोगों के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा था। कई नागरिकों ने समुद्र तट की ओर दौड़ लगाकर अपनी जान बचाई। 57 वर्षीय अलेजांद्रो अरेडोंडो जैसे स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में कुछ भी साबुत नहीं बचा है। रविवार रात को सेना सड़कों पर गश्त करती रही, जबकि लोग टॉर्च की रोशनी में अपने जले हुए आशियानों के मलबे में अपनों या जरूरी सामान को तलाशते नजर आए।
ये भी पढे़ं: Trump Greenland: 'ग्रीनलैंड पर समर्थन नहीं दिया तो बर्बाद कर दूंगा इकोनॉमी', ट्रंप ने दुनिया को दी खुली धमकी
जलवायु परिवर्तन और मौसम की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि चिली में बार-बार लगने वाली यह भीषण आग जलवायु परिवर्तन का सीधा परिणाम है। लंबे समय से जारी सूखा, चरम मौसम और बढ़ता तापमान आग की तीव्रता को बढ़ा रहा है। इस बार भी तेज हवाओं ने दमकलकर्मियों के काम को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। चिली का इतिहास ऐसी त्रासदियों से भरा रहा है; फरवरी 2024 में भी विना डेल मार की आग में 138 लोगों ने जान गंवाई थी, जो इस देश के लिए एक गहरा घाव बना हुआ है।












Click it and Unblock the Notifications