रूस में हो रहा बड़ा खेल, वैगनर ग्रुप के इनकार के बाद चेचन्या के लड़ाकों ने किया पुतिन के कॉन्टैक्ट पर साइन
रूस की सबसे बड़ी प्राइवेट मिलिट्री वैगनर ने रक्षा मंत्रालय के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने से इनकार कर दिया है। वैगनर ग्रुप के इस इनकार के ठीक एक दिन बाद चेचन्या ग्रुप के लीडर ने पुतिन के इन विशेष अनुबंध को स्वीकार कर लिया।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक 1 जुलाई तक रूस की तरफ से लड़ने वाली हर प्राइवेट आर्मी टुकड़ी को रूसी सेना का हिस्सा बनना होगा।
लेकिन रूस की सबसे बड़ी प्राइवेट मिलिट्री वैगनर ग्रुप ने ये समझौता करने से इनकार कर दिया है। रक्षा मंत्रालय के आदेश को वैगनर ग्रुप द्वारा मानने से इनकार करने के बाद विवाद बढ़ गया है।

कॉन्ट्रैक्ट पर दस्तखत करने के बाद स्वयंसेवक सेनानियों को नियमित सैनिकों के समान लाभ और सुरक्षा मिल सकेगी। इसमें सैनिकों और उनके परिवारों के मारे जाने या घायल होने पर सरकार से आर्थिक और कई अन्य सुविधाएं मिलतीं।
रक्षा मंत्रालय ने हाल में आदेश दिया था कि रूस की तरफ से मोर्चे पर लड़ रही सभी प्राइवेट मिलिट्री से रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु द्वारा स्वीकृत एक कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाया जाएगा।
इस आदेश के जारी होने के बाद वैगनर ग्रुप के प्रमुख येवगेनी प्रिगोजिन ने कहा कि वे रक्षा मंत्रालय के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। आपको बता दें कि वैगनर ग्रुप और रूसी सेना के बीच कई बार मतभेद की खबरें आ चुकी हैं।
कुछ दिन पहले प्रिगोझिन ने कुछ वीडियो जारी कर सेना पर गंभीर आरोप लगाए थे। प्रिगोजिन ने रूस के डिफेंस मिनिस्टर सर्गेई शोइगू के बारे में कहा कि वो सेना को ठीक से मैनेज नहीं कर पा रहे हैं।
प्रिगोझिन ने कहा कि बाखमुत में उसके सैनिकों को हथियारों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। येवगेनी के कॉनट्रैक्ट पर साइन करने से इनकार करने के बाद अभी तक रूस के किसी मंत्री या अधिकारी का जवाब नहीं आया है।
हालांकि ऐसी खबरें आ रही हैं कि वैगनर ग्रुप यूक्रेन में अब आगे का युद्ध लड़ने से इन्कार कर सकता है। आपको बता दें कि वैगनर ग्रुप पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के कई गंभीर आरोप लग चुके हैं।
वैगनर ने पिछले महीने रूस के लिए बाखमुत इलाके पर कब्जा किया था। अमेरिका ने दावा किया था कि इस कब्जे में येवगेनी प्रिगोजिन के एक लाख से ज्यादा सैनिक मारे गए हैं।
इस बीच सूचना मिल रही है कि रूसी रक्षा मंत्रालय के कॉन्ट्रैक्ट पर चेचन विशेष बलों के अखमत ग्रुप ने हस्ताक्षर किए हैं। अखमत ग्रुप पर चेचन्या इलाके के नेता रमजान कादिरोव का नियंत्रण है।
अखमत ग्रुप के नेता रमजान कादिरोव की ओर से रूसी सेना का प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद अखमत कमांडर आप्टी अलाउदिनोव ने कहा कि ये एक शानदार मौका है। अलाउदिनोव ने कहा कि यूनिट ने पिछले 15 महीनों में यूक्रेन को हजारों स्वयंसेवकों को तैयार और भेजा है।
आपको बता दें कि प्रिगोझिन के विपरीत, कादिरोव ने हाल ही में रूसी रक्षा मंत्रालय की आलोचना करने से परहेज किया है। ऐसा माना जा रहा है कि भविष्य में दोनों रूसी प्राइवेट सेनाएं आपस में टकरा सकती हैं।












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