इजरायली कंपनियों के टूल्स का इस्तेमाल कर करोड़ों लोगों पर नजर रख रही केंद्र सरकारः रिपोर्ट
फाइनेंशियल टाइम्स की एक हालिया रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि केंद्र सरकार इजरायली टेक कंपनियों के द्वारा शक्तिशाली निगरानी उपकरण खरीदकर अपने नागरिकों पर नजर रख रही है।
'India's communications backdoor attracts surveillance companies' शीर्षक वाली रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे भारत की संचार निगरानी प्रणालियां निगरानी कंपनियों के लिए 'बैकडोर' बना रही हैं ताकि 'सरकार को 1.4 अरब नागरिकों की निगरानी करने में सक्षम बनाया जा सके।'

'कॉग्नाइट' एक स्पाइवेयर उपकरण है जिसे पेगासस का विकल्प माना जाता है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट (पुष्टि वन इंडिया हिन्दी नहीं करती) में कहा गया है कि कॉग्नाइट और सेप्टियर जैसी कंपनियों से खरीदे गए निगरानी उपकरण समुद्र के नीचे केबल लैंडिंग स्टेशनों और डेटा केंद्रों पर लगाए गए हैं।
दूरसंचार कंपनियों को इन उपकरणों को लगाना अनिवार्य है। यह भारत की सुरक्षा एजेंसियों को नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा और संचार तक पहुंच प्रदान करता है। ये एआई और डेटा एनालिटिक्स की मदद लेकर जरूरत पड़ने पर देश की सुरक्षा एजेंसियों को डेटा ढूंढकर, कॉपी कर दे सकता है।
इजरायल स्थित कंपनी सेप्टियर ने कथित तौर पर मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो, वोडाफोन आइडिया और सिंगापुर की सिंगटेल सहित अन्य दूरसंचार समूहों को अपनी 'वैध इंटरसेप्शन तकनीक' बेची है। सेप्टियर के प्रचार वीडियो के अनुसार, इसकी तकनीक टार्गेट की आवाज, संदेश सेवा, वेब सर्फिंग और ईमेल पत्राचार की जानकारी निकाल सकती है।
साल 2021 में मेटा ने आरोप लगाया था कि कॉग्नाइट उन कई कंपनियों में से एक थी जिनकी सेवाओं का इस्तेमाल अमेरिका, चीन, इजरायल, सऊदी अरब आदि देशों में लगभग 50,000 पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनेताओं को ट्रैक करने के लिए किया जा रहा था, हालांकि इसमें भारत का कहीं जिक्र नहीं था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सेप्टियर उन दर्जनों कंपनियों में से एक थी जिन्हें अटलांटिक काउंसिल ने 2021 में संभावित रूप से गैर-जिम्मेदार प्रसारक माना था। अमेरिका स्थित थिंक टैंक ने अनुमान लगाया था कि ये कंपनियां जोखिम को स्वीकार करने या अनदेखा करने को तैयार हैं।
इससे पहले 2021 में भारतीय विपक्षी दल के नेताओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं ने पेगासस स्पाइवेयर के इस्तेमाल को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था।
-
बांग्लादेश के राजदूत रियाज़ हामिदुल्लाह ने भारत के साथ संवेदनशील मुद्दों के सौहार्दपूर्ण समाधान का आह्वान किया। -
Middle East Crisis पर PM मोदी ने CM संग बुलाई इमरजेंसी मीटिंग, क्या है सरकार का 7 एम्पावर्ड ग्रुप्स प्लान? -
Petrol Diesel Shortage Fact Check: सच में भारत के पास अब सिर्फ दो दिन का पेट्रोल बचा है? या 60 दिन का बैकअप? -
Uttar Pradesh LPG Cylinder Price Today List: गैस सिलेंडर Lucknow में कितना महंगा? 39 जिलों में कितना है रेट? -
Lucknow Petrol Crisis: पेट्रोल की किल्लत? बाइक में सिर्फ ₹200-कार में ₹1000 का तेल! DM बोले- मांग 35% बढ़ी -
'Monalisa झूठी है', महाकुंभ वायरल गर्ल की मां का बड़ा दावा, पिता जय सिंह ने सबके सामने रखा बेटी का ऐसा सच -
Monalisa Caste: मुस्लिम मर्द से शादी करने वाली मोनालिसा की क्या है जाति? क्या कर लिया धर्म परिवर्तन? -
IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी रद्द, BCCI ने अचानक ले लिया बड़ा फैसला, मैच पर भी मंडराए संकट के बादल? -
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच?












Click it and Unblock the Notifications