काबुल में प्लेन से गिरकर नाबालिग की हुई दर्दनाक मौत, परिवार ने बयां किया खौफनाक मंजर
काबुल, 19 अगस्त। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद काबुल एयरपोर्ट पर लोगों की भारी भीड़ की तस्वीरें और वीडियो दुनियाभर के सामने आईं, जिसमे लोग किसी भी हाल में अपनी जान बचाकर अफगानिस्तान से बाहर जाना चाहते थे। इस दौरान लोग हवाई जहाज के पहिए से भी खुद को बांधकर देश से बाहर जाने की कोशिश कर रहे थे, इस दौरान हवा में प्लेन से गिरने से लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के दौरान 17 साल के एक अफगानी लड़के की पहचान हुई है जिसकी प्लेन से गिरने से मौत हो गई। यही नहीं उसके छोटे भाई की भी संभवत: मौत हो गई। काबुल एयरपोर्ट पर इस दर्दनाक हादसे के बाद अफगानी लड़के के परिवार ने काबुल एयरपोर्ट पर भयावह तस्वीर के दर्द को साझा किया है।
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प्लेन से गिरने से हाथ-पैर शरीर से अलग हुआ
अफगानी लड़के के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि जब हमे उसका शव मिला तो उसके शरीर में हाथ और पैर नहीं थे, वो कटकर अलग हो गए थे, मैं खुद उसके शव को लेकर वापस आया। तालिबान के कब्जे के बाद दोनों अफगानी लड़के सोमवार को काबुल एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने घर में किसी को भी नहीं बताया, वो अपनी पर्सनल आईडी ली और एयरपोर्ट चले गए। दोनों भाई एयरपोर्ट पहुंचे और किसी तरह से देश से बाहर चले जाना चाहते थे। हालांकि एक लड़के का शव परिवार वालों को मिल गया है लेकिन दूसरे लड़के का अभी तक पता नहीं है और परिवार वालों को उम्मीद है कि उन्हें उनका बेटा जिंदा या मृत जरूर मिलेगा।

दूसरे बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहा परिवार
परिवार का कहना है कि अपने दोनों बेटों को खोने से हम बहुत दुखी हैं, हमे एक का शव मिला है लेकिन दूसरा अभी भी लापता है। हमे उम्मीद है कि जिंदा या मृत जरूर मिलेगा जिससे हम अपने परिवार को कम से कम सांत्वना तो दे सकते हैं। हम बहुत चिंतित हैं, हम एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल उसकी तलाश में गए, लेकिन अभी तक उसकी कोई जनकारी नहीं मिल पाई है। परिवार का कहना है कि लड़के की मां बहुत ज्यादा दुखी है और बुरी तरह से टूट गई है, वह हमेशा रोती रहती हैं।

तालिबान लोगों की हत्या कर रहा है
रिपोर्ट के अनुसार दोनों परिवार माता-पिता के 8 लड़के थे और इनकी उम्र कम थी और उन्होंने 1990 के दशक के तालिबान के शोषण को नहीं देखा था। अपनी आजादी छिन जाने से इन लड़कों के भीतर भय का माहौल था, वो ना तो स्कूल जा पाते थे, ना संगीत सुन पाते थे। अफगान सरकार के गिर जाने के बाद से हालात काफी बदतर हो गएथे। परिवार ने बताया कि हर कोई बस देश छोड़कर भाग जाना चाहता है, लोगों में तालिबान का भय है, वो लोगों की हत्या कर रहे हैं।

लोग छोड़ देना चाहते हैं अफगानिस्तान
गौर करने वाली बात है कि काबुल एयरपोर्ट पर हजारों की संख्या में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली थी। तालिबान के काबुल में आने के बाद एयरपोर्ट पर भारी संख्या में अमेरिकी जवान तैनात थे, इस दौरान गोलीबारी की भी खबर सामने आई थी। अमेरिकी सैन्य विमान से बड़ी संख्या में लोगों को काबुल से बाहर निकाला गया। अमेरिका के अनुसार अभी तक तकरीबन 3000 लोगों को लोगों को काबुल से बाहर निकाला जा चुका है। वहीं भारत भी अपने नागरिकों को यहां से निकालने की लगातार कोशिश में जुटा है।












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