अंतरिक्ष में पहला मामला, NASA एस्ट्रोनॉट के खून के थक्के का इलाज धरती से डॉक्टर ने किया

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के एक लंबे मिशन के दौरान चिकित्सा से जुड़ी एक बड़ी खोज हुई है। दरअसल आईएसएस पर मिशन के दौरान ही नासा के एक अंतरिक्ष यात्री (एस्ट्रोनॉट) को खून के थक्के की समस्या हो गई। उनके गले की नस (jugular vein partway) में खून का थक्का (deep vein thrombosis - DVT) जम गया। ये एक बड़ी परेशानी थी, क्योंकि वक्त रहते अगर इस समस्या का इलाज नहीं किया जाता, तो ये अंतरिक्ष यात्री के फेफड़ों और दिमाग तक पहुंच सकता था।

धरती पर कैसे होता है इस बीमारी का इलाज?

धरती पर कैसे होता है इस बीमारी का इलाज?

धरती पर इस बीमारी के इलाज के लिए खून को पतला किया जाता है, लेकिन अंतरिक्ष से आया ये ऐसा पहला मामला था। इस समस्या को हल करने के लिए अंतरिक्ष एजेंसी ने उत्तरी केरोलिना के डॉक्टर स्टीफन मोल को बुलाया। डॉक्टर स्टीफन मोल रक्त थक्के के विशेषज्ञ हैं। हालंकि नासा ने ना तो क्रू के सदस्य का नाम बताया है और ना ही इस घटना के बारे में कुछ कहा है।

मिशन में इस थक्के के बारे में पता चला

मिशन में इस थक्के के बारे में पता चला

अंतरिक्ष यात्री को एक शोध अध्ययन के लिए गर्दन का अल्ट्रासाउंड करते समय छह महीने के मिशन में इस थक्के के बारे में पता चला था। ऐसी कठिन परिस्थितियों पर काम करते समय, डॉक्टर अक्सर चिकित्सा रिकॉर्ड को देखते हैं कि पिछली घटनाओं में कैसे ऐसी स्थिति से निपटा गया था। लेकिन अंतरिक्ष में रक्त के थक्के के इलाज के लिए कोई उदाहरण नहीं था। क्योंकि मोल का सपना बचपन में अंतरिक्ष यात्री बनना रहा है, तो वो इस परेशानी को कैसे भी करके हल करना चाहते थे।

डॉक्टर मोल ने क्या कहा?

डॉक्टर मोल ने क्या कहा?

मोल ने एक बयान जारी कर गुरुवार को कहा, 'ये जानते हुए कि अंतरिक्ष में कोई आपातकालीन रूम नहीं हैं, हमें अपने विकल्पों को गंभीरता से देखना पड़ा।' मोल और नासा की मेडिकल टीम ने रक्त के थक्के का इलाज करने के लिए खून को पतला करना एक विकल्प के तौर पर चुना। अंतरिक्ष यात्री को एक दवाई लेने को कहा गया। नासा की टीम के सदस्य ने पृथ्वी पर लौटने से कुछ समय पहले गोलियां बंद कर दीं और फिर थक्के के उपचार की आवश्यकता नहीं पड़ी। मोल की थक्के पर केस स्टडी गुरुवार को द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हुई है।

केस स्टडी में क्या लिखा है?

केस स्टडी में क्या लिखा है?

इस केस स्टडी ने नवंबर 2019 में प्रकाशित नासा के शोध पर प्रकाश डाला गया है, जो लंबे समय तक अंतरिक्ष मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री के रक्त प्रवाह की समस्या पर जोर देता है। इस रिपोर्ट में स्वस्थ्य अंतरिक्ष यात्री की गले की नस में थक्के को 'स्पेसफ्लाइट से जुड़े नए जोखिम की खोज' बताया है। इसके बाद मोल और नासा के वैज्ञानिकों ने उपचार और संभावित निवारक उपायों सहित अंतरिक्ष में रक्त के थक्कों पर और अधिक शोध करने की बात भी कही है।

इन सवालों के जवाब जरूरी?

इन सवालों के जवाब जरूरी?

मोल का कहना है, 'आप कैसे डीवीटी (खून का थक्का) के खतरे को कम कर सकते हैं? क्या आईएसएस में अधिक दवाएं होनी चाहिए। इन सभी सवालों के जवाब देने की जरूरत है, खासतौर पर उस योजना के लिए, जिसमें अंतरिक्ष यात्री को चांद और मंगल पर लंबे समय तक मिशन के लिए रहना होगा।'

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