Black Panthers अभी विलुप्त नहीं हुए, इस कोने में हैं मौजूद, DNA रिपोर्ट में मिले अहम सुराग
पृथ्वी से विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके वन्य जीवों की सूची में ब्लैक पैंथर्स का नाम दर्ज है। यानि ये जीव पृथ्वी पर शायद ही देखने को मिलें। ऐसे में साइंटिस्ट्स ने जीवों से जुड़ी एक रिसर्च में बड़ा दावा किया है।

Photo: Insta @mithunhphotography
Black Panthers: वैज्ञानिकों ने हाल ही में ब्लैक पैंथर्स की मौजूदगी के संकेत दिए हैं। हाल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक काले पैंथर के साथ काली बिल्लियों का भी पता चला है। दावा किया जा रहा है कि ये वन्य जीव स्वतंत्र रूप से एक क्षेत्र विशेष में घूम रहे हैं। विज्ञान पत्रिका स्ट्राउड न्यूज एंड जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, एक भेड़ के हमले के बाद कांटेदार तार की बाड़ पर फंसे काले बालों के डीएनए से काले पैंथर और अन्य बड़ी बिल्लियों के जीवित होने का पता चला है।
जलवायु परिवर्तन के कारण हमारे पर्यावरण की सम्पन्नता लगातार छिनती जा रही है। पेड़ पौधों की संख्या घटने के साथ ही पर्यावरण से कई वन्यजीव भी विलुप्त हो रहे हैं। इस बीच ब्लैक पैंथर्स को लेकर एक अध्ययन में अहम दावा किया गया है। स्ट्राउड न्यूज एंड जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, एक भेड़ के हमले के बाद कांटेदार तार की बाड़ में फंसे काले बालों से डीएनए टेस्ट किए गए। जिनसे ब्रिटेन में रहने वाले काले पैंथर और अन्य बड़ी बिल्लियों के अस्तित्व का पता चला है।
यह भी पढ़ें: Aliens की होगी इंसानों से होगी बात! NASA ने Space में भेजे सिग्नल, 6 साल में आएगा जवाब
ये डीएनए टेस्ट के लिए ब्लैक पैंथर्स के बालों के सैंपल ब्रिटेन में ग्लूस्टरशायर के एक खेत से मिले है। सांटिस्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन में पैंथर की पेंथेरा ब्रिटानिया डिक्लासिफाइड नाम की प्रजाति के अस्तित्व में होने की बात एक डॉक्यूमेंट्री में की गई थी, जो ब्रिटेन में बड़ी बिल्ली की प्रजातियों के एक रिपोर्ट के आधार पर बनाई गई थी।
मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक फोरेंसिक प्रयोगशाला में बालों के सैंपल बड़ी बिल्ली प्रजातियों के सैंपल के साथ 99 प्रतिशत मैच कर गए। ये शोध रॉयल कृषि विश्वविद्यालय के एस्पर्ट्स ने किया। जिसमें माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए विश्लेषण में ब्रिटेन में काले तेंदुए की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। जिसके बाद इसको लेकर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई।
मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक ब्लैक कैट पर डॉक्यूमेंट्री का निर्माण करने वाली ड्रैगनफ्लाई फिल्म्स के मैथ्यू एवरेट ने कहा, "स्थानीय लोगों, किसानों और जमींदारों से इस तरह के साक्ष्य एकत्र करना आवश्यक है। इससे ब्लैक पैंथर्स के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती है।"
ब्लैक डॉग पर डॉक्यूमेंट्री बानाने वाले एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुर्लभ वन्य जीवों के अस्तित्त्व की जांच के लिए उनका डीएनएस सैंपल मिलना कठिन है। लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले भी पिछले साल ग्लॉस्टरशायर में मोटरवे के किनारे और एक हवाई अड्डे के पास एक बड़ी काली बिल्ली को कई बार देखा गया था।
Recommended Video

यह भी पढ़ें: सांप जैसा 100 Kg का Robot, 'चांद के उस पार' बनाएगा ठिकाना! Space में 'समुद्र' के रहस्य से उठेगा पर्दा












Click it and Unblock the Notifications