Bilawal Bhutto India: बिलावल भुट्टो आज आएंगे भारत, पाकिस्तान के साथ नहीं होगी द्विपक्षीय वार्ता
माना जा रहा है, कि पाकिस्तान अपने विदेश मंत्री को भारत भेजकर यह संदेश देना चाहता है, कि वो भारत के साथ संबंधों को सुधारने के लिए तैयार है। हालांकि, भारत कह चुका है, कि द्विपक्षीय बैठक नहीं होगी।

Bilawal Bhutto India SCO Summit: पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी भारत के गोवा में आज से शुरू होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। लिहाजा, बिलावल भुट्टो का भारत दौरा आज से शुरू हो रहा है।
एससीओ एक आठ सदस्यीय राजनीतिक और सुरक्षा ब्लॉक है, जिसमें रूस और चीन भी शामिल हैं। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, वर्तमान अध्यक्ष, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के निमंत्रण पर वित्त मंत्री बिलावल भुट्टो एससीओ की चर्चा में भाग लेने गोवा पहुंचेंगे।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, कि "बैठक में हमारी भागीदारी एससीओ चार्टर और प्रक्रियाओं के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता और पाकिस्तान द्वारा अपनी विदेश नीति की प्राथमिकताओं में क्षेत्र को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है।"
बिलावल भुट्टो का भारत दौरा
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सिविल एविएशन अथॉरिटी के सूत्रों ने कहा है, कि विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चार्टर्ड विमान से कराची से गोवा के लिए रवाना होंगे। वहीं, घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने कहा, कि भारतीय नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने पीसीसीए से संपर्क किया और विशेष विमान के लिए मार्ग को अंतिम रूप दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक एससीओ के डायलॉग पार्टनर बनने के लिए बहरीन, कुवैत मालदीव, म्यांमार और यूएई जैसे पांच देशों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने का भी गवाह बनेगी।
भारत के अलावा, एससीओ के सदस्य देशों में चीन, रूसी संघ, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान भी शामिल हैं।
एससीओ का मकसद क्या है?
एससीओ के प्रमुख उद्देश्यों में सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास और अच्छे-पड़ोसी संबंधों को बढ़ावा देना, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करना और राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था, संस्कृति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, परिवहन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, ऊर्जा के क्षेत्र में प्रभावी सहयोग के लिए एक रूपरेखा तैयार करना शामिल है।
भारत और पाकिस्तान के अलावा, एससीओ के अन्य सदस्य देश चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान हैं। इन आठ सदस्य देशों में वैश्विक जनसंख्या का लगभग 42 प्रतिशत और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 25 प्रतिशत हिस्सा है। इसमें चार पर्यवेक्षक राज्य - अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया - और छह संवाद सहयोगी - अर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्की भी शामिल हैं।
पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय वार्ता नहीं
पिछले हफ्ते कुछ पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था, कि बिलावल भुट्टो भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं, लेकिन भारतीय सूत्रों ने किसी भी तरह के द्विपक्षीय बैठक की संभावनाओं से इनकार कर दियाय़।
वहीं, बिलावल भुट्टो ने जियो न्यूज से बात करते हुए कहा था, कि उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी बैठक की व्यवस्था के लिए कोई अनुरोध नहीं किया था। आपको बता दें, कि इससे पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री की पिछली द्विपक्षीय यात्रा जुलाई 2011 में हुई थी, जब हिना रब्बानी खार भारत आई थीं।
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बिलावल भुट्टो जरदारी की भारत यात्रा ऐसे में हो रही है, जब दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध वर्षों से तनावपूर्ण चल रहे हैं। खासकर कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के बीच राजनयिक संबंध निम्नतम स्तर तक पहुंच चुके हैं।












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