डिजिटल मार्केट का किंग बना इंडिया, फेसबुक, गुगल, रिलायंस समेत दिग्गज कंपनियां कर रही हैं एंट्री की तैयारी
फेसबुक इंक, अमेजन इंक और गुगल के साथ क्रेडिट कार्ट वितरण करने वाली कंपनियां जैसे वीजा, मास्टरकार्ड ने भारत के डिजिटल और रिटेल पेमेंट बाजार में पैर जमाने के लिए डिजिटल रिटेल मार्केट में उतरने की तैयारी कर रही हैं।
क्वालालमपुर: विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में एक देश है भारत। और भारत की सबसे बड़ी शक्ति यहां सवा अरब से ज्यादा लोग हैं और यहां का बाजार है, जिसकी शक्ति को पूरी दुनिया सलाम कर रही है। भारतीय टेक्नोलॉजी और अर्थव्यवस्था में लगातार विस्तार हो रहा है जिसकी वजह से विश्व की दिग्गज आईटी कंपनियां भारत में आने के लिए होड़ लगा रही हैं।

दिग्गज IT कंपनियों में होड़
स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक इंक, अमेजन इंक और गुगल के साथ क्रेडिट कार्ट वितरण करने वाली कंपनियां जैसे वीजा, मास्टरकार्ड ने भारत के डिजिटल और रिटेल पेमेंट बाजार में पैर जमाने के लिए डिजिटल रिटेल मार्केट में उतरने की तैयारी कर रही हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में न्यू अंब्रेला एंटिटी यानि NUE के लिए एप्लीकेशन भरने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 31 मार्च तक के लिए कर दिया है। पहले एप्लीकेशन भरने की आखिरी तारीख 26 फरवरी तक ही थी। एनयूई की मदद से ये कंपनियां यूपीआई की तरह पेमेंट नेटवर्क तैयार कर पाएंगी जिससे डिजिटल पेमेंट मार्केट में कंपीटिशन भी काफी बढ़ने की संभावना होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक न्यू अंब्रेला एंटिटी के लिए कंसोर्टिमय ऑफ कंपनीज भी रेस में आ गई हैं। यानि, रिलाइंस, गुगल और फेसबुक एक साथ एनयूई की रेस में हैं। टाटा ग्रुप, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिन्द्रा बैंक, मास्टरकार्ड, पेयू एकसाथ कंसोर्टियम में हैं। आईसीआईसीआई बैंक, अमेजन, एक्सिस बैंक, पाइन लैब्स. वीजा कार्ड और बिलडेस्क एकसाथ कंसोर्टियम में हैं वहीं इंडसइंड बैंक, पेटीएम, ओला फाइनेंसियल, जेटापे, ईपीएस, सेंट्रम फाइनेंस एक साथ कंसोर्टियम में हैं। हालांकि, सबसे दिलचस्प बात ये है किसी भी सरकारी बैंक ने एनयूई को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई है। किसी भी सरकार बैंक ने पेमेंड इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
भारत का डिजिटल मार्केट
भारत का डिजिटल मार्केट लगातार तरक्की कर रहा है और इंटरनेट की सुविधा बढ़ने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी डिजिटल पेमेंट की सुविधा बढ़ती जा रही है। भारत के करोड़ों लोग डिजिटल मार्केट में पेमेंट्स कर रहे हैं और दिग्गज कंपनियां इसी का फायदा उठाना चाह रही हैं। स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च से पहले कई और बड़ी कंपनियां इस उभरते मार्केट से फायॉदा उठाने के लिए आवेदन कर सकती हैं। Credit Suisse Group ने अनुमान लगाया है कि साल 2023 तक भारत नें एक ट्रिलियन यूएस डॉलर का पेमेंट डिजिटल तरीके से भारत में होगा। लिहाजा इस मार्केट का फायदा उठाने के लिए कंपनी कई तरह के आकर्षण ऑफर के साथ बाजार में सकती हैं।












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