बांग्लादेश पर आखिरकार होश में आया बाइडेन प्रशासन, PM शेख हसीना को चिट्ठी लिखकर किया भूल सुधार!

Biden letter to Bangladesh: बांग्लादेश को लेकर आखिरकार बाइडेन प्रशासन को होश आ गया है और चुनाव खत्म होने के करीब एक महीने बाद आखिरकार अमेरिका की तरफ से बांग्लादेश की नई सरकार को लेकर बयान आया है। बाइडेन प्रशासन की तरफ से प्रधानमंत्री शेख हसीना को चिट्ठी लिखी गई है।

बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने कहा, कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने प्रधान मंत्री शेख हसीना को पत्र लिखकर बांग्लादेश के आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की है।

Biden letter to Bangladesh

चिट्टी में उन्होंने स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए अपने साझा दृष्टिकोण पर बांग्लादेश के साथ साझेदारी करने की इच्छा भी जताई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति की चिट्ठी इसलिए मायने रखती है, क्योंकि चुनाव से पहले अमेरिका बार बार बांग्लादेश को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए धमकियां दे रहा था, जबकि भारत प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ मजबूती से खड़ा था। भारत बार बार अमेरिका से कह रहा था, कि वो निष्पक्ष चुनाव के बहाने बांग्लादेश में जिन तत्वों को समर्थन दे रहा है, वो चरमपंथी संगठन हैं और इससे ना सिर्फ बांग्लादेश की सुरक्षा को खतरा है, बल्कि क्षेत्र के लिए भी ऐसे तत्वों खतरनाक साबित हो सकते हैं।

लेकिन बाइडेन प्रशासन ने कुछ भी सुनने के मूड में नहीं था। जिसकी वजह से बांग्लादेश को लेकर भारत और अमेरिका लंबे समय से आमने-सामने थे। हालांकि, भारत ने शेख हसीना सरकार का समर्थन जारी रखा, जबकि अमेरिका ने कई बांग्लादेशी अधिकारियों और नेताओं के अमेरिका आने पर प्रतिबंध लगा दिए, जिनके नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गये हैं।

शेख हसीना को जो बाइडेन की चिट्ठी

राष्ट्रपति बाइडेन ने अपने पत्र में कहा है, कि "संयुक्त राज्य अमेरिका, बांग्लादेश के महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों का समर्थन करने और स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए हमारे साझा दृष्टिकोण पर बांग्लादेश के साथ साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

ये वही वादे हैं, जो भारत ने बांग्लादेश के साथ किया हुआ है और इंडो-पैसिफिक में भारत लगातार फलने-फुलने में बांग्लादेश की मदद करता रहा है। भारत और बांग्लादेश की मौजूदा शेख हसीना सरकार काफी मजबूत संबंध रखते हैं, जबकि अमेरिका जिस बेगम खालिदा जिया का समर्थन कर रहा था, वो ना सिर्फ पाकिस्तान परस्त थीं, बल्कि उनके पिछले कार्यकाल के दौरान ढाका बदमाश आईएसआई का अड्डा बन गया था और कई चरमपंथी संगठनों ने भारत में अशांति फैलाना शुरू कर दिया था।

वहीं, शेख हसीना प्रशासन के साथ अमेरिका के रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं, खासकर बाइडेन प्रशासन हमेशा से शेख हसीना के साथ दोहरा रवैया अपनाता रहा है।

बाइडेन ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, कि "जैसा कि दोनों देश, अमेरिका-बांग्लादेश साझेदारी के अगले अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह अपने प्रशासन की क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक विकास, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा, वैश्विक पर एक साथ काम जारी रखने की ईमानदार इच्छा व्यक्त करना चाहते हैं। स्वास्थ्य, मानवीय सहायता, विशेष रूप से रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर मिलकर काम करने की इच्छा रखते हैं।"

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम शेख हसीना को लिखा है, कि "समस्याओं को हल करने के लिए मिलकर काम करने का हमारा एक लंबा और सफल इतिहास है और हमारे मजबूत लोगों से लोगों के संबंध इस रिश्ते की नींव हैं।"

संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास ने रविवार को विदेश मंत्रालय के साथ पत्र साझा किया है।

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