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Bhaskar and Arun Savani Case: अमेरिका में सावनी ब्रदर्स का 'महा-घोटाला', होगी 400 साल से ज्यादा की जेल?

Bhaskar and Arun Savani Case: अमेरिका में भारतीय मूल के दो भाइयों से जुड़ा एक बड़ा धोखाधड़ी मामला सामने आया है, जिसने वहां की जांच एजेंसियों को चौंका दिया। पेनसिल्वेनिया में रहने वाले भास्कर सावनी और अरुण सावनी को अदालत ने कई गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया है। अभियोजकों के अनुसार दोनों भाइयों ने सालों तक एक संगठित नेटवर्क चलाया, जिसके जरिए वीजा धोखाधड़ी, हेल्थकेयर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी जैसी गतिविधियां की गईं।

जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने विदेशी कर्मचारियों की भर्ती से लेकर मेडिकल बिलिंग तक कई योजनाओं का इस्तेमाल कर करोड़ों डॉलर कमाए। इस मामले में उनकी सहयोगी अलेक्सांद्रा रेडोमियाक को भी दोषी पाया गया है। अदालत के अनुसार दोनों भाइयों को सैकड़ों साल तक की जेल की सजा हो सकती है और सजा का एलान जुलाई 2026 में किया जाएगा।

Bhaskar and Arun Savani Case

Bhaskar and Arun Savani Case: "सावनी ग्रुप" के जरिए चलाया गया नेटवर्क

अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार पेशे से डेंटिस्ट भास्कर सावनी और उनके भाई अरुण सावनी ने मिलकर "सावनी ग्रुप" नाम का एक जटिल नेटवर्क बनाया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए कई सालों तक अलग-अलग धोखाधड़ी योजनाएं चलाई गईं, जिनसे लाखों-करोड़ों डॉलर की कमाई की गई।

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Bhaskar and Arun Savani Case: H-1B वीजा आवेदन में धोखाधड़ी का आरोप

जांच में सामने आया कि इस ग्रुप ने बड़ी संख्या में विदेशी कर्मचारियों के लिए फर्जी H-1B वीजा आवेदन दाखिल किए। अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कई कर्मचारी भारत से थे। आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद इन कर्मचारियों को मजबूर किया जाता था कि वे अपनी सैलरी का हिस्सा और अलग-अलग फीस वापस सावनी ग्रुप को दें।

Bhaskar and Arun Savani Case: मेडिकेड प्रोग्राम को 30 मिलियन डॉलर का नुकसान

अभियोजकों के मुताबिक इस नेटवर्क ने अमेरिकी सरकारी हेल्थ प्रोग्राम मेडिकेड को भी निशाना बनाया। जांच में पाया गया कि जिन डेंटल क्लिनिक के मेडिकेड कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुके थे, उनकी जगह नाममात्र के मालिकों के जरिए नई डेंटल प्रैक्टिस खोलकर बिलिंग की जाती थी। अधिकारियों के अनुसार इस योजना के जरिए मेडिकेड से 30 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम धोखाधड़ी से ली गई।

Bhaskar and Arun Savani Case: फर्जी बिलिंग और लाइसेंस के बिना इलाज

प्रोसीक्यूटर्स ने बताया कि कई बार मेडिकेड को ऐसे इलाज के बिल भेजे गए जब संबंधित डेंटिस्ट अमेरिका में मौजूद ही नहीं थे। कुछ मामलों में किसी दूसरे डेंटिस्ट के नेशनल प्रोवाइडर आइडेंटिफायर का इस्तेमाल कर बिलिंग की गई। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ इलाज बिना उचित योग्यता वाले डेंटिस्ट से करवाए गए।

Bhaskar and Arun Savani Case: मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक खातों का नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार हेल्थकेयर फ्रॉड से कमाई गई रकम को छिपाने के लिए अलग-अलग कंपनियों और कॉर्पोरेट बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। अभियोजकों का कहना है कि इन खातों के जरिए पैसे को कई जगह ट्रांसफर कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई।

Bhaskar and Arun Savani Case: टैक्स और वायर फ्रॉड के आरोप

अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सावनी भाइयों ने फर्जी बिजनेस खर्च दिखाकर टैक्स से बचने की कोशिश की। जांच में पाया गया कि करीब 1.6 मिलियन डॉलर की निजी आय और कर्मचारियों की लगभग 1.1 मिलियन डॉलर की आय पर टैक्स नहीं चुकाया गया।

Bhaskar and Arun Savani Case: बिना मंजूरी वाले डेंटल इम्प्लांट लगाने का मामला

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। अभियोजकों के अनुसार कुछ मरीजों में ऐसे प्रोटोटाइप डेंटल इम्प्लांट लगाए गए जिन पर "Not For Human Use" लिखा था। अधिकारियों का कहना है कि इन उपकरणों को अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से मंजूरी नहीं मिली थी और मरीजों को इसकी जानकारी भी नहीं दी गई।

Bhaskar and Arun Savani किन आरोपों में दोषी ठहराए गए

अदालत ने भास्कर सावनी को रैकेटियरिंग कानून का उल्लंघन करने की साजिश, वीजा धोखाधड़ी, हेल्थकेयर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स फ्रॉड और फूड, ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट से जुड़ी साजिश जैसे कई आरोपों में दोषी पाया है।

अरुण सावनी को भी रैकेटियरिंग साजिश, वीजा धोखाधड़ी, हेल्थकेयर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स अपराधों से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया गया है। वहीं अलेक्सांद्रा रेडोमियाक को रैकेटियरिंग साजिश और हेल्थकेयर फ्रॉड से जुड़े मामलों में दोषी पाया गया।

Bhaskar and Arun Savani Case: जुलाई 2026 में सुनाई जाएगी सजा

अदालत के अनुसार भास्कर सावनी को अधिकतम 420 साल और अरुण सावनी को 415 साल तक की जेल हो सकती है। उनकी सहयोगी अलेक्सांद्रा रेडोमियाक को अधिकतम 40 साल की सजा का सामना करना पड़ सकता है। तीनों को सजा सुनाने की तारीख जुलाई 2026 तय की गई है।

With AI Inputs

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