Bangladesh: मशहूर बंगाली लोक गायक शेख हसीना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, अब क्यों भागना पड़ रहा?

Bangladesh News: जाने-माने बांग्लादेशी लोक गायक राहुल आनंद को आज परिवार के साथ जान बचाकर भागना पड़ रहा है। दंगाइयों ने उनके घर पर सोमवार को हमला करके सबकुछ तबाह दिया था। आनंद खुद उन प्रदर्शनकारियों का साथ दे रहे थे, जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं।

आनंद बोस ढाका के जिस घर में रहते थे, वह 140 साल पुराना है। सोमवार को हिंदू होने की वजह से हथियारबंद दंगाइयों ने उनके घर का मेन गेट तोड़कर वहां पर कहर बरपाना शुरू कर दिया। उपद्रवियों को उनके घर में जो सामान मिला उसे लूट दिया और फिर घर को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के पहले और बाद का वीडियो और तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।

bangladesh singer house destroyed

हिंदू लोक गायक के घर को दंगाइयों ने किया तबाह
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में लोक गायक के घर में रखा 3,000 से ज्यादा हाथ से निर्मित वाद्य यंत्र तबाह कर दिया गया। यह वह संगीत के यंत्र थे, जिससे राहुल आनंद का जीवन जुड़ा है। आज 48 साल के गायक को परिवार के साथ जान बचाने के लाले पड़ गए हैं। उनके जिस घर में कभी संगीत गूंजता था, आज वहां मातम मनाने के लिए भी कोई नहीं है।

जहां संगीत बजता था, वहां अब मातमी शांति है!
औपनिवेशिक शैली के इस घर में आनंद अपने बेटे और पत्नी के साथ पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से रह रहे थे और उसके कोने-कोने में संगीत की झनकार महसूस होती थी। यहीं से उनका लोक बैंड 'जोलर गान' लोकप्रिय हुआ। पिछले साल (2023) में जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन बांग्लादेश यात्रा पर आए थे तो वह भी इनसे मिलने से खुद को रोक नहीं सके थे।

लेकिन, आज खुद आनंद, उनकी पत्नी और बेटा दंगाइयों से छिपने को मजबूर हैं। जिस समय हिंसक भीड़ ने उनके घर पर हमला किया, तब संयोग से ये लोग वहां मौजूद नहीं थे, नहीं तो खबर और भी भयावह मिल सकती थी।

जो मिला वही उठाकर ले गए दंगाई, फिर घर को आग के गवाले कर दिया
'जोलर गान' बैंड के एक फाउंडिंग मेंबर सैफुल इस्लाम के हवाले से डेली स्टार ने लिखा है कि भीड़ को जो कुछ भी हाथ लगा, वह उठाकर ले गए। चाहे फर्नीचर हो, आईना हो या अन्य बेशकीमती सामान। जाते-जाते उनके घर और उनके वाद्य यंत्रों की जमा-पूंजी को आग लगा दी। इस बर्बरता से जुड़ा वीडियो और तस्वीर ऑनलाइन वायरल हो चुका है।

शेख हसीना के खिलाफ प्रदर्शन में सक्रिय थे राहुल आनंद
पिछले शनिवार को ही बांग्लादेश के संगीतकारों ने आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में एक मंडली जुटाई थी, जिसमें राहुल आनंद भी मौजूद थे। शोनार बांग्ला सर्कस के प्रशासक और म्यूजिक रिसर्चर एवं कल्चरल ऐक्टिविस्ट गौतम शूभो ने कहा, 'राहुल-दा और कई अन्य संगीतकार 3 बजे के बाद रबींद्र सरोबर पर जुटे थे......यह कहना मुश्किल है कि हमला निशाना बनाकर किया गया है, लेकिन यह गवाह है कि कला और संस्कृति का अपमान करने वाले लोग सक्रिय हैं।...इससे हमारे देश की छवि खराब हो रही है....'

इस तरह की प्रतिक्रिया को टाला नहीं जा सकता- बांग्लादेशी लेखक
ढाका में रहने वाले लेखक जोबैद अहसन ने उम्मीद जताई है कि अंतिरम सरकार के गठन के साथ हालात बदल जाएंगे। उन्होंने कहा, 'किसी भी बदलाव में इस तरह की प्रतिक्रिया को टाला नहीं जा सकता....खासकर जब जनता 15 साल से जनता इस तरह का उत्पीड़न झेल रही हो....कुछ उपद्रवी इसका फायदा उठाएंगे...।'

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कुछ एजेंडा-धारी लोग सक्रिय हैं- बांग्लादेशी अभिनेता
वहीं अभिनेता अजमेरी हक ने राष्ट्र की धर्मनिरपेक्षता की भावना को तोड़ने वाले लोगों की आलोचना की है। उन्होंने कहा, 'यह बहुत ही बड़ा घृणित अपराध है। मुझे पूरा यकीन है कि कुछ एजेंडा-धारी लोग विवाद को निरंतर बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।'

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