Bangladesh: राष्ट्रपति ने किया संसद भंग और जेल से बाहर आईं खालिदा जिया, क्या बनेंगी देश की प्रधानमंत्री?

Bangladesh News: बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अंतरिम सरकार के गठन के लिए मंगलवार को संसद को भंग कर दिया है।

राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया है, कि राष्ट्रपति शहाबुद्दीन की तीनों सशस्त्र सेनाओं के प्रमुखों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और आरक्षण विरोधी आंदोलन के नेताओं के साथ हुई बैठक में लिए गए फैसले के आधार पर राष्ट्रीय संसद को भंग कर दिया गया है।

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प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है, कि बीएनपी अध्यक्ष खालिदा जिया को रिहा कर दिया गया है।

प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है, कि छात्र आंदोलन और विभिन्न मामलों में 1 जुलाई से 5 अगस्त तक हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिनमें से कई को पहले ही रिहा किया जा चुका है।

खालिदा जिया निकलीं जेल से बाहर?

वहीं संसद भंग होने के ठीक बाद पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया को आधिकारिक तौर पर रिहा कर दिया गया है।

बंगभवन से जारी मीडिया रिलीज में इस फैसले का खुलासा किया गया। प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया है, कि छात्र आंदोलन और विभिन्न मामलों में 1 जुलाई से 5 अगस्त तक हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान, नौसेना और वायु सेना प्रमुखों और बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक करने के बाद खालिदा को रिहा करने पर सहमति जताई थी।

वह फिलहाल एवरकेयर अस्पताल में इलाज करा रही हैं। बीएनपी मीडिया सेल के सदस्य शैरूल कबीर खान ने कहा, कि "राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने बेगम जिया की रिहाई का आदेश दिया है। यह खुशी शब्दों से परे है।"

पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया तब से नजरबंद हैं, जब शेख हसीना की सरकार ने 25 मार्च 2020 को खालिदा जिया की सजा को निलंबित करते हुए एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से उन्हें अस्थायी रूप से जेल से रिहा कर दिया था। इस आदेश में शर्त थी, कि वह अपने गुलशन घर में रहेंगी और महामारी के दौरान देश से बाहर नहीं जाएंगी।

तब से उन्हें जेल से बाहर रखने के लिए कई बार इस अवधि को बढ़ाया गया है।

बीएनपी प्रमुख 8 फरवरी 2018 को जेल में गईं थी, जब एक विशेष अदालत ने उन्हें जिया अनाथालय ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में पांच साल की जेल की सजा सुनाई। 30 अक्टूबर 2018 को उच्च न्यायालय ने उनकी सजा को बढ़ाकर 10 साल कर दिया था।

बांग्लादेशी मिलिट्री चीफ की भारत से बातचीत

वहीं, हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने सेना प्रमुख जनरल वकर-उज़-ज़मान के नेतृत्व में बांग्लादेश के सैन्य नेतृत्व से संपर्क किया है और अनुरोध किया है, कि देश में जल्द से जल्द शांति, कानून और व्यवस्था तथा सामान्य स्थिति बहाल की जाए।

भारत के शीर्ष सरकारी सूत्रों का हवाला देते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है, कि मोदी सरकार ने पहले ही बांग्लादेश के सेना प्रमुख से संपर्क किया है और सोमवार को शेख हसीना के इस्तीफे के बाद देश में सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद करने की इच्छा जताई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, कि शेख हसीना के साथ देश के मेहमान की तरह व्यवहार किया जा रहा है और वह अपने भविष्य के प्रवास का चयन खुद करेंगी। शेख हसीना ने बाद में गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स बेस पर भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। पीटीआई के अनुसार, उन्हें भारत के भीतर एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। भारतीय मीडिया के सूत्रों से यह भी संकेत मिलता है, कि हसीना ब्रिटेन में शरण मांग रही हैं।

शेख हसीना सरकार के मंत्री को रोका गया

वहीं, पूर्व डाक, दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जुनैद अहमद पलक को देश से भागने की कोशिश करते समय हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रोक लिया गया है। एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने डेली स्टार को बताया, कि एचएसआईए अधिकारी उन्हें हवाईअड्डे पर ही रख रहे हैं और उन्होंने सेना को इसकी सूचना दे दी है।

अधिकारी ने बताया कि पलक नई दिल्ली जाने की कोशिश कर रहा था तभी हवाईअड्डे के कर्मचारियों और श्रमिकों ने उन्हें रोक लिया।

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