'राक्षस भाग गया है', शेख हसीना पर मोहम्मद यूनुस की सबसे खतरनाक टिप्पणी, हिंदुओं से आज करेंगे मुलाकात

Bangladesh News: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के नेता मुहम्मद यूनुस ने उन छात्रों की सराहना की है, जिनके विरोध प्रदर्शन के कारण देश में शेख हसीना का शासन खत्म हो गया और वे देश से बाहर चली गईं।

छात्रों से मिलने के बाद मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने कहा, कि "इसमें कोई संदेह नहीं है...छात्रों के नेतृत्व वाली क्रांति ने पूरी सरकार को गिरा दिया।"

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छात्रों के साथ हुई बातचीत को रेखांकित करते हुए यूनुस ने कहा, "मैंने छात्रों से कहा, 'मैं आपका सम्मान करता हूं और आपकी प्रशंसा करता हूं...आपने जो हासिल किया है वह वास्तव में बेजोड़ है...और चूंकि आपने मुझे अंतरिम प्रशासन का प्रभार संभालने के लिए कहा है, इसलिए मैं इसे स्वीकार करता हूं।"

उन्होंने शेख हसीना को, जो इस्तीफा देने के बाद देश छोड़कर चली गईं और फिलहाल भारत में सुरक्षित रह रही हैं, उन्हें एक "राक्षस" बताया है।

उन्होंने शेख हसीना के देश से चले जाने का नाम लिए बिना कहा, "आखिरकार, वह क्षण आ गया है- राक्षस चला गया है।" शेख हसीना के देश से चले जाने से देश में विपक्ष की तरफ से निरंकुश शासन के अंत का संकेत दिया जा रहा है, हालांकि ये अंतरिम सरकार कब तक चलेगी, फिलहाल इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया है।

बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर क्या बोले?

उन्होंने कहा कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी अधिकारियों के हाई-प्रोफाइल इस्तीफे कानूनी हैं, क्योंकि हसीना की सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्र नेताओं ने उन्हें पद छोड़ने के लिए अल्टीमेटम जारी किया था।

मोहम्मद यूनुस ने कहा, "कानूनी तौर पर...सभी कदम उठाए गए।" उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार की एक प्रमुख प्राथमिकता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बहाल करना है। उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन को "एक जल्लाद" करार दिया।

रविवार को विरोध प्रदर्शन के छात्र नेताओं द्वारा नाम का प्रस्ताव रखे जाने के बाद सैयद रेफात अहमद को नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। आपको बता दें, कि बांग्लादेश में भड़की हिंसा में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है।

मोहम्मद यूनुस, लंबे समय से शेख हसीना और उनकी सरकार के आलोचक रहे हैं।

2008 में शेख हसीना के साथ मोहम्मद यूनुस की मुश्किलें तब शुरू हुईं, जब उनके प्रशासन ने उनके और उनके ग्रामीण बैंक के खिलाफ कई जांच शुरू कीं। 2013 में उन पर नोबेल पुरस्कार और एक किताब से रॉयल्टी सहित सरकारी अनुमति के बिना पैसे लेने के आरोप में मुकदमा चलाया गया। हालांकि, यूनुस ने आरोपों से इनकार किया है और उनके समर्थकों का कहना है, कि शेख हसीना के साथ उनके खराब संबंधों के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।

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हिंदुओं को सुरक्षा दे पाएंगे मोहम्मद यूनुस?

देश में चल रही राजनीतिक अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच, बांग्लादेश में हिंदुओं को बुरी तरह से निशाना बनाया गया है, जिससे हिंदू समुदाय के लोग खौफ के साए में जी रहे हैं।

आज, अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करने वाले दो समूह - हिंदू, बौद्ध, ईसाई एकता परिषद और बांग्लादेश पूजा उडजापान परिषद - अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस से मिलेंगे। इस बैठक का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि 5 अगस्त को हसीना सरकार के पतन के बाद से 52 जिलों में हिंदू समुदाय के सदस्यों पर हमलों की कम से कम 205 घटनाएं सामने आई हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ढाका में राजबोंगशी में हिंदुओं पर हमले किए गये हैं, लेकिन ज्यादातर हमले गांवों और अंदरूनी इलाकों में हुए हैं, खास तौर पर सीमावर्ती इलाकों में हिंदू परिवारों को निशाना बनाया गया है। हिंदू समुदाय के नेताओं ने कहा है, कि सबसे बड़ी चुनौती इन रिपोर्टों की पुष्टि करना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों में इजाफे की सबसे बड़ी वजह पुलिस बल का नहीं होना है। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिसवालों की हत्या की गई है, जिससे डरे पुलिसवालों ने स्टेशनों को छोड़ दिया है। ज्यातातर मामलों में शिकायतों को दर्ज करने वाला कोई नहीं है और इंडियन एक्सप्रेस ने ग्राउंड रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है, कि कानून प्रवर्तन कर्मियों की अनुपस्थिति में हिंदू समुदाय असहाय हो गया है।

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