बांग्लादेश हिंसा: उपद्रवियों के निशाने पर आए अल्पसंख्यक हिंदू , चुन-चुन कर जलाई जा रही दुकानें और घर
Bangladesh anti Hindu Riots: बांग्लादेश की सत्ता पर 15 साल से काबिज शेख हसीना सरकार का 5 अगस्त को तख्तापटल हो चुका है। शेख़ हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद सड़कों पर उतरे उपद्रवी जगह-जगह आगजनी और तोड़-फोड़ कर रहे हैं।
वहीं उपद्रवियों के निशाने पर अब वहां रह रहे अल्संख्यक हिंदू आ चुके हैं। उपद्रवियों का समूह भीड़ में हिंदुओं को चुन-चुन कर उन पर हमले कर रही है। उनके घरों और दुकानों में लूट-पाट कर आग के हवाले कर रहे हैं।

उपद्रवियों ने मंदिर में तोड-फोड़ कर लगाई आग
बांग्लादेश के मेहरपुर इस्कॉन मंदिर में दंगाइयों ने तोड़फोड़ की और उसे आग के हवाले कर दिया।रेलबाजारहाट में एक मंदिर में भी हमलावरों ने तोड़फोड़ की। बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध ईसाई परिषद के उत्तम कुमार रॉय ने बताया कि खानसामा उपजिला में तीन हिंदुओं के घरों पर हमला किया गया।
चुन-चुन कर जलाई जा रही दुकानें और घर
आउटलेट द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार अब 27 जिलों में हिंदुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लालमोनिरहाट सदर उपजिला में पूजा समिति के सचिव प्रदीप चंद्र रॉय के घर में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई। इस के अलावा नगर पालिका सदस्य मुहिन रॉय की कंप्यूटर दुकान का भी उपद्रवियों ने कुछ ऐसा हश्र किया।
एक ही गांव में 12 हिंदुओं के घरों को किया आग में स्वाहा
कालीगंज उपजिला के चंद्रपुर गांव में चार हिंदू परिवारों के घरों पर हमला कर लूटपाट की गई। वहीं, हातिबंधा उपजिला के पुरबो सरदुबी गांव में 12 हिंदुओं के घरों में आग लगा दी गई।
दिनाजपुर शहर और उसके उप-जिलों में 10 हिंदुओं के घरों पर हमला किया गया।
घरों से घसीट कर पिट रहे हिंदू
ओइक्या परिषद के महासचिव मोनिंदर कुमार नाथ बताया कि अब कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां हिंदुओं को टारगेट ना किया जा रहा है। हिंदुओं को उनके घरों से घसीटकर पीटा जा रहा है और उनकी दुकानों और घरों को लूटा जा रहा है। जिसके कारण हिंदू बहुत भयभीत हैं।
बांग्लादेश में क्यों भड़की हिंसा
बता दें सरकारी नौकरियों में आरक्षण का विरोध में छात्रों का आंदोलन इतना आक्रामण हो गया कि शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ कर भागना पड़ा। बांग्लादेश में फैली हिंसा में अब तक 300 लोगों की मौत हो चुकी है। शेख़ हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद हज़ारों प्रदर्शनकारी उनके सरकारी आवास में घुसे और वहां तोड़फोड़ और लूटपाट की। इस हिंसा में वहां रह रहे हिंदूओं की जिंदगी भी अब खतरे में हैं।












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