बलूच एक्टिविस्ट का दावा: 'कुलभूषण जाधव की ISI ने ईरान से कराई थी किडनैपिंग, आतंकी मुल्ला उमर को दिए थे करोड़ों रुपए'
नई दिल्ली। जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बलूचिस्तान के सामाजिक कार्यकर्ता मामा कादिर बलोच का दावा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने ईरान से जाधव का अपहरण करवाया था। सीएनएन न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कादिर बलोच ने कहा कि, कुलभूषण का अपहरण कल पाकिस्तान लाने के लिए आईएसआई ने आतंकी मुल्ला उमर बलोच ईरानी को करोड़ों रुपये दिए थे।

जाधव का ईरान के चाबहार से मुल्ला उमर ने अपहरण किया था
कादिर बलोच 'वॉइस ऑफ मिसिंग बलोच' नाम की संस्था के वाइस प्रेसिडेंट हैं। कादिर बलोच पूरे बलूचिस्तान में नेटवर्क फैला हुआ है। कादिर के मुताबिक जाधव का ईरान के चाबहार से मुल्ला उमर ने अपहरण किया था। उन्होंने बताया कि इस संस्था के को-ऑर्डिनेटरों को जानकारी मिली है कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया था। बलोच के मुताबिक मुल्ला उमर बलूचिस्तान में ISI के आतंकी के रूप में फेमस है।

कादिर बलोच का दावा, चाबहार से किडनैप किया गया था
आतंकी मुल्ला उमर बलोच ईरानी बलूचिस्तान के कार्यकर्ताओं और फ्रीडम फाइटर्स के अपहरण और मर्डर का काम करता है। इसके बदले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी उसे भारी रकम देती है। कादिर बलोच ने बताया कि जिस वक्त कुलभूषण जाधव को ईरान के चाबहार से किडनैप किया गया था उनके को-ऑर्डिनेटर वहां मौजूद थे। जाधव को पाकिस्तान के एवज में मुल्ला उमर को कोरड़ों की रकम मिली थी।

जब जाधव का अपहरण हुआ था तब उनकी आंखों पर पट्टी बंधी थी
जाधव की किडनैपिंग के बारे में जानकारी देते हुए बलोच ने बताया कि, जब जाधव को ले जाया जा रहा था तब उसके हाथ बंधे हुए थे और उसकी आंखों पर पट्टी थी। चाबहार से जाधव को पहले ईरान-बलूचिस्तान के बॉर्डर पर स्थित मश्कल शहर लाया गया। यहां मुल्ला उमर ने जाधव को आईएसआई के हवाले कर दिया। आईएसआई वहां से जाधव को क्वेटा लेकर आई। इसके बाद दुनिया को दिखाने के लिए आईएसआई ने घोषणा की कि भारतीय जासूस जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया है। सच तो यह है कि जाधव बलूचिस्तान आए ही नहीं थे। उनकी मुल्ला उमर ने किडनैपिंग की थी।

कुलभूषण कभी भी बलूचिस्तान नहीं आए
बचोल ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि किसी भारतीय की रहस्यमय अपहरण हुआ है तो उन्होने को-ऑर्डिनेटर्स से इस मामले की जांच करने के लिए कहा। उनकी टीम की जांच में सामने आया कि कुलभूषण जाधव अपनी जिंदगी में कभी बलूचिस्तान नहीं आए हैं। बलूचिस्तान के हर जिले में हमारा एक कोऑर्डिनेटर है। उनके किसी भी को-ऑर्डिनेटर ने कभी भी जाधव को नहीं बलूचिस्तान के इलाकों में नहीं देखा।












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