B-2 Bomber: ईरान के दोस्तों के हथियार डिपो को तबाह कर रहा परमाणु जेट, दुनिया के सबसे खतरनाक बॉम्बर को जानिए
B-2 Stealth Bomber Airstrikes: सात सालों में ये पहली बार हुआ है, जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने यमन में जमीन के नीचे बंकरों में छिपे हूती आतंकवादियों पर हमला करने के लिए B-2A स्पिरिट परमाणु-सक्षम बमवर्षक तैनात किया है।
दूसरे लड़ाकू विमानों के साथ-साथ अमेरिकी B-2 स्टील्थ बमवर्षकों ने 16 अक्टूबर को यमन में हूतियों के भूमिगत हथियार भंडारों पर भीषण हमले किए हैं और अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है, कि यह हमला यमन के अंदर किसी रणनीतिक बमवर्षक की तरफ से किया गया पहला हमला है।

अमेरिकी रक्षा सचिव के बयान से मिली जानकारी के मुताबिक, "अमेरिकी वायु सेना के B-2 बमवर्षकों सहित अमेरिकी सैन्य बलों ने यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में पांच कठोर भूमिगत हथियार भंडारों पर सटीक हमले किए। अमेरिकी बलों ने हूतियों की कई भूमिगत सुविधाओं को निशाना बनाया, जिनमें विभिन्न प्रकार के हथियार घटक रखे हुए थे, जिनका उपयोग हूतियों ने पूरे क्षेत्र में नागरिक और सैन्य जहाजों को निशाना बनाने के लिए किया है।"
वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने खुलासा किया है, कि उसके हवाई अड्डों ने यमन में हूती विद्रोहियों के भूमिगत हथियार भंडार पर हमला करने के लिए अमेरिका को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है। 16 अक्टूबर को किए गए इस ऑपरेशन में ईरानी प्रॉक्सी के खिलाफ बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स की पहली तैनाती शामिल थी, जिसके बारे में विशेषज्ञों ने कहा कि इससे तेहरान को एक कड़ा संदेश गया है। अमेरिका ने यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में स्थित पांच भूमिगत हथियार भंडारण स्थलों पर हमले किए। इन सुविधाओं को हूतियों के सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण माना गया, जो वैश्विक व्यापार मार्गों और लाल सागर में नौकायन करने वाले नाविकों की सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा कर रहे थे।
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स एक बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म है जो बमों का बहुत भारी भार ले जा सकता है। और ये अमेरिकी ऑपरेशंस में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, लिहाजा इस फाइटर जेट के बारे में जानना काफी जरूरी हो जाता है।
दुनिया का सबसे खतरनाक फाइटर जेट: बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स
हालांक, पेंटागन ने यमन में इन बंकर-बस्टिंग हमलों के लिए B-2A फाइटर जेट से गिराए गए हथियार का नाम नहीं बताया है। लेकिन, ज्यादातर डिफेंस एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया है, कि यह GBU-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) बम हो सकता है, जो अमेरिकी शस्त्रागार में सबसे भारी बम है।
सिर्फ B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर ही GBU-57 बम को ले जा सकता है, जिसका वजन 30,000 पाउंड (14,000 किलोग्राम) है। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का ये भी मानना है, कि अमेरिका ने B-2 बॉम्बर से ज्वाइंट डायरेक्ट अटैक म्यूनिशन (JDAM) गिराई होगी।
हालांकि, हम पुष्टि नहीं कर सकते हैं, कि अमेरिका ने यमन में हूती विद्रहियों के ठिकाने पर कौन सा बम गिराया है।
B-2 बॉम्बर 40,000 पाउंड से ज्यादा का पेलोड ले जा सकता है और इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 336,500 पाउंड है, जिससे यह कठोर बंकरों से लेकर मोबाइल दुश्मन इकाइयों तक, जैसे कठिन लक्ष्यों को भेद सकता है।
B-2 स्पिरिट बॉम्बर अमेरिकी शस्त्रागार में मौजूद एकमात्र लंबी दूरी का बॉम्बर है, जो परमाणु और पारंपरिक बमों को लेकर लंबी दूरी के लिए उड़ान भर सकता है और इसमें स्टेल्थ टेक्नोलॉजी है, जो इसे रडार से बचाता है। वहीं, भारी पेलोड को ये सटीक ठिकाने पर गिराने की क्षमता रखता है, जो इसे अत्यधिक विनाशक बना देता है।
दुनिया के ज्यादातर शक्तिशाली देशों के पास भी एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम नहीं हैं, जो B-2 स्पिरिट बॉम्बर को निशाना बना सके, तो भला हूती विद्रोहियों के पास कहां से आएगा और ईरान को लेकर रिपोर्ट है, कि उसने रूस से एस-400 मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा है, तो हो सकता है, कि वो B-2 स्पिरिट बॉम्बर को ट्रैक कर सके, लेकिन क्या एस-400 से B-2 स्पिरिट बॉम्बर को गिराया जा सकता है, फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है।

आतंकियों के लिए विनाशक फाइटर जेट
यह बात और भी साफ हो गई है, कि B-2 को सात साल से ज्यादा समय के बाद बमबारी मिशन के लिए तैनात किया गया है। आखिरी बार इस बमवर्षक को 2017 में लीबिया में ISIS के ट्रेनिंग सेंटर पर हमला करने के लिए तैनात किया गया था। उस समय, दो B-2 ने लक्ष्यों पर 230 किलोग्राम के ज्वाइंट अटैक डायरेक्ट म्यूनिशन (JDAM) बम गिराए थे और लगभग 85 ISIS ऑपरेटिव को मार गिराया था।
लिहाजा, दुनियाभर के आतंकवादियों के लिए ये एक मौत बांटने वाला फाइटर जेट है।
ये फाइटर जेट 900 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है, जबकि इसकी मैक्सिमम स्पीड एक हजार किलोमोटीर प्रति घंटे से भी ज्यादा है। वहीं, ये फाइटर जेट आकाश में 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।
सबसे बड़ी खासियत इस बमबर्षक विमान की ये है, कि ये अपने पेट में बमों को लेकर उड़ान भर सकता है और हमला करने से ठीक पहले इसका पेट, यानि इंटरनल बे खुल जाता है। इस बॉम्बर में दो इंटरनल बे होते हैं, जिसमें 230 किलोग्राम वजनी एमके-82, और जीबीयू-38 टाइप के 80 बमों को एक साथ रखकर उड़ान भरा जा सकता है।












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