एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन का प्रभाव खत्म होगा! जापान-ऑस्ट्रेलिया का बड़ा प्लान! समझौते पर हस्ताक्षर किए

इस चौथे शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने कहा कि समझौता अगले दशक के लिए सुरक्षा सहयोग की क्षेत्र में एक दिशा दिखाने वाले कंपास के तौर पर काम करेगा।

एशिया प्रशांत क्षेत्र (Asia Pacific region) में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए जापान और ऑस्ट्रेलिया (Australia-Japan) ने पूरी तैयारी कर ली है। इससे 'ड्रैगन' का टेंशन में आना लाज़मी है। खबर के मुताबिक दोनों देश (जापान-ऑस्ट्रेलिया) चीन (China) की सैन्य उपस्थिति का मुकाबला करने के उद्देश्य से एक नए सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

चीन को सबक सिखाएंगे जापान और ऑस्ट्रेलिया

चीन को सबक सिखाएंगे जापान और ऑस्ट्रेलिया

चीन का एशिया प्रशांत क्षेत्र में सैन्य प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है। इससे अमेरिका, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया समेत कई ताकतवर देश चिंतित हैं। सभी ताकतवर देश चाहते हैं कि इस क्षेत्र से चीन का प्रभाव किसी भी तरह से कम या फिर खत्म कर दिया जाए। इन सब बातों को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया और जापान ने एक ऐसे सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत अधिक से अधिक खुफिया जानकारी साझा करने और आपसी सैन्य सहयोग को और अधिक गहरा किया जाएगा। इस समझौते पर दोनों देशों ने आपसी सहमती जताई है।

पर्थ में जापान और ऑस्ट्रेलियाई पीएम की मुलाकात

पर्थ में जापान और ऑस्ट्रेलियाई पीएम की मुलाकात

शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के पर्थ (Perth) शहर में वार्षिक ऑस्ट्रेलिया-जापान नेताओं की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज (Australian Prime Minister Anthony Albanese) और उनके जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा (Fumio Kishida) ने दोनों देशों के बीत के सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने पर सहमति जताई।

खुफिया जानकारी साझा करेंगे ऑस्ट्रेलिया और जापान

खुफिया जानकारी साझा करेंगे ऑस्ट्रेलिया और जापान

बैठक में ऑस्ट्रेलिया के पीएम अल्बनीज ने कहा कि जापान की सेना उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल कर्मियों के साथ प्रशिक्षण और अभ्यास करेगी, और दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। बता दें कि मई में अल्बानी के पदभार ग्रहण करने के बाद, इस चौथे शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने कहा कि समझौता अगले दशक के लिए सुरक्षा सहयोग की क्षेत्र में एक दिशा दिखाने वाले कंपास के तौर पर काम करेगा।

जापान-ऑस्ट्रेलिया संबंधों से चीन होगा प्रभावित?

जापान-ऑस्ट्रेलिया संबंधों से चीन होगा प्रभावित?

अल्बनीज ने आधिकारिक तौर पर "सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा" का स्वागत करते हुए कहा, दोनों देशों के बीच स्ट्रेटेजिक एलाइनमेंट के क्षेत्र के लिए एक मजबूत संकेत दे रही है। इस पर जापान के पीएम फुमियो किशिदा ने कहा कि दोनों देश गंभीर रणनीतिक वातावरण के तहत एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत (free and open Indo-Pacific) को अचीव करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।

जापान रक्षा बजट में वृद्धि सुनिश्चित करेगा

जापान रक्षा बजट में वृद्धि सुनिश्चित करेगा

जापानी पीएम किशिदा ने आगे कहा कि, हम काउंटरस्ट्राइक क्षमताओं सहित राष्ट्रीय रक्षा के लिए आवश्यक सभी विकल्पों की जांच करने के लिए दृढ़ संकल्प हैं। जापान अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए रक्षा बजट में पर्याप्त वृद्धि सुनिश्चित करेगी। इस पर ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि तथाकथित काउंटरस्ट्राइक क्षमता सहित रक्षा के लिए सभी आवश्यक विकल्पों पर विचार किया जाएगा और अगले पांच वर्षों में जापान की रक्षा क्षमता को मौलिक रूप से मजबूत करने के दिशा में काम किया जाएगा।

जापान-ऑस्ट्रेलिया संबंध मजबूत

जापान-ऑस्ट्रेलिया संबंध मजबूत

पीएम एंथनी ने कहा कि, जापान और ऑस्ट्रेलिया को एक साथ जोड़ने वाले बंधन बहुत मजबूत हो गए हैं और हमारे दोनों देश समान विचारधारा वाले देशों के बीच सहयोग के केंद्रीय स्तंभ बन गए हैं। बता दें कि, एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत के जवाब में कैनबरा और टोक्यो ने सुरक्षा संबंधों को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। मई में, किशिदा और अल्बानीज़ ने सुरक्षा सहयोग पर एक नई द्विपक्षीय घोषणा की दिशा में काम करने का भी वचन दिया।

जलवायु परिवर्तन पर चर्चा

जलवायु परिवर्तन पर चर्चा

इससे पूर्व की संयुक्त घोषणा में दोनों देशों ने आतंकवाद और उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु हथियार कार्यक्रमों जैसे क्षेत्रों में जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सुरक्षा सहयोग को रेखांकित किया गया था। 2014 में दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ाया। इन विषयों से इतर अल्बनीज और किशिदा ने जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान शून्य कार्बन उत्सर्जन पर जोर दिया और इसके तहत स्वच्छ ऊर्जा तकनीक में निवेश को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श हुआ। समझौते पर हस्ताक्षर के क्रम में अल्बनीज ने संवाददाताओं को बताया कि, 2050 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन पर काम करने की दिशा में जापान-ऑस्ट्रेलिया ने अपनी प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण खनिजों के लिए सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला बनाने में मदद करने के लिए सहमति व्यक्त की गई जो कि भविष्य की हरित प्रौद्योगिकियों के निर्माण के लिए अति आवश्यक है।

जापान-ऑस्ट्रेलिया एक दूसरे के सहयोगी

जापान ऑस्ट्रेलियाई गैस का एक प्रमुख खरीदारों में से एक है और उसने ऑस्ट्रेलिया में उत्पादित हाइड्रोजन ऊर्जा पर कई बड़े दांव लगाए हैं। वह इसलिए क्योंकि यह घरेलू ऊर्जा उत्पादन की कमी और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करता है। एक जापानी अधिकारी ने बैठक से पहले कहा, जापान अपने एलएनजी का 40 प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया से आयात करता है। इसलिए जापान के लिए ऊर्जा के पहलू से ऑस्ट्रेलिया के साथ एक स्थिर संबंध रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है।

(Photo Credit : Twitter & PTI)

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