Arsh Dalla: कौन हैं अर्श डाला? जो कनाडा में गिरफ्तार, पंजाब टारगेट किलिंग में था शामिल
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार आन के बाद कनाडा का भारत के प्रति रूख में बदलाव आया है। एक- एक के बाद एक लगातार दो खालिस्तानी आतंकियों पर एक्शन लिया गया है। पहली कार्रवाई कनाडा ने खालिस्तानी आतंकी इंद्रजीत गोसल के खिलाफ की। हालांकि बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। वहीं अब निज्जर का करीबी बताए जाने वाले मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी अर्श डाला को गिरफ्तार किया गया है।
इंद्रजीत गोसल के बाद खालिस्तानी आतंकवादी अर्श डाला की गिरफ्तारी खालिस्तान नेटवर्क की कमर तोड़ने वाला है। दरअसल डाला निज्जर का करीबी बताया जा रहा है।

जसवंत गिल की हत्या में शामिल था अर्श डाला
पंजाब में हुई दोनों गुर्गों की गिरफ्तारी को लेकर डीजीपी ने बताया कि स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में दोनों शूटर्स को अरेस्ट किया गया है. पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने ही अर्श डाला के कहने पर 7 नवंबर को ग्वालियर में जसवंत सिंह गिल की हत्या की थी।
पंजाब में डाला गैंग के दो गुर्गे गिरफ्तार
खालिस्तान के दो गुर्गों की गिरफ्तारी को लेकर पंजाब डीजीपी ने बताया कि स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में दोनों शूटर्स को अरेस्ट किया गया है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने ही अर्श डाला के कहने पर 7 नवंबर को ग्वालियर में जसवंत सिंह गिल की हत्या की थी। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, गैंगस्टर अर्श डाला भारत से फरार होने के बाद कनाडा में अपने परिवार के साथ रहा है। रविवार सुबह (10 नवंबर) अर्श डाला के जिन दो गुर्गों के खिलाफ गुर्गों को गिरफ्तार किया गया, वे गुरप्रीत सिंह हत्याकांड में शामिल थे। इसके अलावा आरोप है यही दोनों शूटर्स ने अर्श डाला के आदेश पर ग्वालियर में जसवंत सिंह गिल की हत्या कर दी थी।
खालिस्तानी आतंकी डाला पंजाब के मोगा जिले का रहने वाला है। वह खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) जैसे चरमपंथी ग्रुप से जुड़ा हुआ है। डाला कई संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। इसके अलावा अर्श डाला के संपर्क गैंगस्टर गोल्डी बरार से भी है।
अर्शदीप डाला अपनी पत्नी और बेटी के साथ कनाडा में रह रहे हैं। उनके पास 1 सितंबर, 2017 को जालंधर में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा जारी किया गया पासपोर्ट है। ये पासपोर्ट की अवधि 31 अगस्त, 2027 तक वैध है।
डाला का नाम वर्ष 2020 में पहली बार सामने आया। अर्श डाला पर इस वक्त आतंकी फंडिंग, आतंकी मॉड्यूल तैयार करने, सीमा पार से हथियारों की सप्लाई में संलिप्त होने के साथ खासकर हत्याओं के लिए षड्यंत्र रचने का आरोप था। खुफिया एजेंसियों द्वारा बनाए गए डोजियर के अनुसार, डाला का हत्या का रिकॉर्ड मारे गए केटीएफ नेता हरदीप सिंह निज्जर से भी ज्यादा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, निज्जर के साथ मिलकर डाला ने तीन सदस्यीय केटीएफ मॉड्यूल बनाया। ये प्लान 2021 में मोगा में सनशाइन क्लॉथ्स स्टोर के मालिक तेजिंदर उर्फ पिंका की हत्या करने के लिए था।












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