भारतीय सेना ने रचा नया कीर्तिमान, लद्दाख में 16000 फीट की ऊंचाई पर जवान का सफल ऑपरेशन
नई दिल्ली: लद्दाख में पिछले 6 महीने से एलएसी पर विवाद जारी है। जिस वजह से ठंड के मौसम में भी ऊंचाई वाले इलाकों में बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई है। वैसे तो अभी मैदानी इलाकों में मामूली ठंड है, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है, जिस वजह से पारा शून्य के करीब पहुंच गया है। इसी बीच भारतीय सेना के डॉक्टरों ने लद्दाख में 16000 फीट की ऊंचाई पर एक नया कीर्तिमान रचा है।
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खराब मौसम की वजह से नहीं पहुंचा हेलीकॉप्टर
दरअसल लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाके में तैनात एक जवान को अपेंडिक्स की समस्या थी। 28 अक्टूबर को उसको लाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही थी, लेकिन खराब मौसम की वजह से उसे वहां से निकाला नहीं जा सका। इसके बाद सेना की सर्जिकल टीम ने कुछ घंटों की मेहनत के बाद उसका सफल ऑपरेशन किया। जिसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल, एक मेजर और एक कैप्टन (सभी डॉक्टर) शामिल थे। जवान की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। लद्दाख जैसे इलाके में विषम परिस्थितियों में किए गए इस ऑपरेशन को सेना के डॉक्टरों की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

फॉरवर्ड सर्जिकल सेंटर में हुआ ऑपरेशन
सूत्रों के मुताबिक जिस जगह पर जवान का ऑपरेशन हुआ वो समुद्र तल से 16 हजार फीट ऊंचा है। इसके अलावा वहां का तापमान भी इन दिनों शून्य के करीब है। ऐसे मे एक फॉरवर्ड सर्जिकल सेंटर में बड़ी इमरजेंसी सर्जरी करना सेना के डॉक्टरों के लिए बड़ी कामयाबी है। साथ ही ये फॉरवर्ड एरिया में किए गए बड़े ऑपरेशन्स में ये एक है। हाल ही में सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कई फॉरवर्ड एरिया का दौरा किया था। साथ ही ये बात भी सुनिश्चित की थी कि वहां पर जवानों के लिए हर जरूरी उपकरण और सामान उपलब्ध हों।

ठंड के जरूरी सामानों की खरीद
इस बार चीन सीमा पर भीषण ठंड में भी बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती करनी पड़ेगी। जिसके लिए भारतीय सेना ने जरूरी सामानों को खरीद लिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने अमेरिका के साथ 2016 में लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम समझौता किया था। जिसके तहत दोनों देशों के युद्धपोत, विमान एक दूसरे के बेस का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही स्पेयर पार्ट्स, लॉजिस्टिक सपोर्ट, सप्लाई समेत कई अन्य चीजें भी इस समझौते के तहत आती हैं। इसी समझौते के तहत अब भारत ने अमेरिका से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों वाले युद्धक किट खरीदे हैं। जिसमें माइनस 50 डिग्री तक तापमान को झेलने वाले तंबू, कपड़े और युद्धक किट समेत अन्य चीजें शामिल हैं, जो लद्दाख में सर्दियों के वक्त जवानों के काम आएंगी।












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