गाजा के लिए दिल्ली में लगेगी मुस्लिम देशों की जमघट, भारत से दोस्त इजराइल पर दबाव बनाने की कोशिश?
अरब और इस्लामी देशों का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गाजा में चल रहे संकट को दूर करने की पहल के तहत भारत सहित पी5 देशों का दौरा करने के लिए तैयार है। पी-7 देशों में फ्रांस, चीन, अमेरिका, रूस और ब्रिटेन आते हैं।
इस प्रतिनिधिमंडल का लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (पी5) के सभी पांच स्थायी सदस्यों के अधिकारियों के साथ मिलना है ताकि गाजा में शत्रुता बंद करने के लिए इजराइल को मनाने में समर्थन हासिल किया जा सके।

इस 7 देशों के प्रतिनिधिमंडल में सऊदी अरब, मिस्र, सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन, फिलिस्तीन, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री और इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के महासचिव प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।
डेलिगेशन को सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद नेतृत्व करेंगे। हालांकि इसकी तारीख तय नहीं हुई है मगर माना जा रहा है कि यह दौरा इसी हफ्ते के आखिर में हो सकता है। कुछ दिन पहले इसी दल ने चीन का दौरा भी किया था।
भारत दौरे पर आ रहे प्रतिनिधिमंडल में सऊदी अरब के विदेश मंत्री के अलावा जॉर्डन के उप प्रधानमंत्री अयमान सफादी, इजिप्ट के फॉरेन मिनिस्टर सामेह शौक्री और फिलिस्तीन के फॉरेन मिनिस्टर रियाद अल मालिकी शामिल होंगे। ये सभी भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत, दक्षिण एशिया की बड़ी ताकत है। अरब देश चाहते हैं कि भारत मिडिल ईस्ट में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे। गौरतलब है कि भारत के इजराइल और फिलिस्तीन दोनों से करीबी रिश्ते हैं।
मंत्रियों की योजना गाजा में तत्काल युद्धविराम के लिए तत्काल उपायों पर चर्चा करने, एक वास्तविक राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने और मानवीय चिंताओं को संबोधित करने की है।
प्रतिनिधिमंडल का पहला पड़ाव बीजिंग में था, जहां उन्होंने चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से मुलाकात की और गाजा में तत्काल युद्धविराम और मानवीय सहायता पहुंचाने का आह्वान किया।
इजराइल के साथ चीन के बढ़ते आर्थिक संबंधों के बावजूद, प्रतिनिधिमंडल ने फिलिस्तीनियों पर हमलों को रोकने के लिए चीन सहित महान शक्तियों से मजबूत भूमिका का आग्रह किया।
चीनी विदेश मंत्री ने फ़िलिस्तीनी लोगों के उचित हित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए, अरब और इस्लामी देशों के लिए चीन के समर्थन की पुष्टि की।












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