अमेरिका और चीन के झगड़े में फंसे Elon Musk, एक गलत कदम से बर्बाद हो जाएगा पूरा साम्राज्य!
व्हाइट हाउस ने एलन मस्क और उनकी कंपनी टेस्ला को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि, अगर वो चीन के साथ जाएंगे, तो उन्हें 'गंभीर कानून' का सामना करना होगा।
बीजिंग/वॉशिंगटन, जनवरी 05: अमेरिका और चीन की तनातनी के बीच दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क फंस गये हैं और अमेरिका की तरफ से एलन मस्क को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है। अमेरिका ने एलन मस्क के साथ ही साथ कई और कारोबारियों और प्राइवेट सेक्टर को चेतावनी दी है, लेकिन मुख्य तौर पर अमेरिका के निशाने पर एलन मस्क ही हैं।
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व्हाइट हाउस के निशाने पर मस्क
व्हाइट हाउस ने निजी कंपनियों और प्राइवेट सेक्टर से शिनजियांग में चीन द्वारा उइगर मुस्लिमों के मानवाधिकारों के हनन और नरसंहार का विरोध करने का आग्रह किया है। क्योडो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस की तरफ से एक तरह से चेतावनी उस वक्त दी गई है, जब दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने अपनी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला का शोरूम चीन के शिनजियांग प्रांत में खोलने का फैसला किया है, जिसको लेकर कहा जाता है, कि चीन यहां पर दर्जनों कंसंट्रेशन कैंप चला रहा है, जहां करीब 10 लाख उइगर मुस्लिमों को बंधक बनाकर रखा गया है और अब एलन मस्क की कंपनी टेस्ला शिनजियांग प्रांत में शोरूम खोलेगी, जिसको लेकर उन्हें व्हाइट हाइस से सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है।

अमेरिका की चेतावनी का मतलब
अमेरिका की तरफ से सीधे तौर पर एलन मस्क को कहा गया है कि, वो अपनी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला का शोरूम शिनजियांग प्रांत में नहीं खोलें और वो उइगर मुस्लिमों पर होने वाले अत्याचार को लेकर चीन की आलोचना करें। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि, निजी क्षेत्र की कंपनियां जो अपनी सप्लाई चेन के भीतर जबरन श्रम और मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकामयाब रहती हैं, उन्हें अमेरिका के भीतर 'गंभीर कानूनी' और 'ग्राहक जोखिम' का सामना करना पड़ सकता है। व्हाइट हाउस प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि, ''मैं किसी एक कंपनी की बात नहीं कर रही हूं, लेकिन प्राइवेट सेक्टर को शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के नरसंहार का विरोध करना चाहिए''।

एलन मस्क पर अमेरिका की सख्ती
ये पहली बार है, जब एलन मस्क को व्हाइट हाउस की तरफ से सीधी कानूनी चेतावनी दी गई और अब एलन मस्क के सामने चीन या अमेरिका में कौन, चुनने की समस्या आ गई है। पिछले कई महीनों से अमेरिका लगातार शिनजियांग में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाले चीनी दमन का विरोध कर रहा है और अमेरिका पहले ही शिनजियांग प्रांत में बनने वाले प्रोडक्स पर प्रतिबंध लगा चुका है। इसके साथ ही अमेरिका ने शीतकालीन बीजिंग ओलंपिक का भी डिप्लोमेटिक बहिष्कार कर दिया है, जिसका आयोजन अगले महीने से होने वाला है। अमेरिका ने चीन के खिलाफ अपना अभियान काफी तेज कर रखा है और अमेरिका की सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन का साथ मिल रहा है। अमेरिका के अलावा ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया समेत 5 बड़े देश शीतकालीन बीजिंग ओलंपिक का डिप्लोमेटिक बहिष्कार कर चुके हैं।

अत्याचार बर्दाश्त करने की इजाजत नहीं
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि, "सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, शिनजियांग में जो हो रहा है, उसके विपरीत नहीं देख सकता है"। उन्होंने टेस्ला समेत तमाम अमेरिकी कंपनियों को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि, ''सप्लाई चेन में अगर जबरन श्रम को मंजूरी दी गई को फिर ऐसी कंपनियों पर को गंभीर कानूनी संकट के साथ साथ उनकी प्रतिष्ठा और उन्हें ग्राहकों की समस्या का सामना करना पड़ सकता है''। व्हाइट हाउस द्वारा एलन मस्क को दी गई ये बहुत बड़ी चेतावनी है।

शिनजियांग में टेस्ला का शोरूम शुरू
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेस्ला ने कहा है कि उसने शिनजियांग की राजधानी उरुमकी में एक शोरूम खोला है, जिसने काम करना शुरू कर दिया है, जिसकी अमेरिका में व्यापक आलोचना की जा रही है। अमेरिका विश्व का पहला ऐसा देश पिछले साल बन गया था, जिसने शिनजियांग में चीनी कार्रवाई को 'नरसंहार' घोषित कर दिया था और अमेरिका के बाद कनाडा और डेनमार्क ने भी शिनजियांग में चीनी कार्रवाई को 'नरसंहार' की श्रेणी में रखा है। डेनमार्क यूरोप का पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने चीन के खिलाफ सख्त कदम उठाया है, जबकि डेनमार्क के बाद पिछले साल अप्रैल में यूनाइटेड किंगडम ने भी शिनजियांग में चीन की चल रही कार्रवाई को "नरसंहार" घोषित किया था।

फंस गये एलन मस्क?
शिनजियांग को लेकर अमेरिका काफी सख्त है और अब विश्लेषकों का कहना है कि, एलन मस्क अब अमेरिका और चीन के बीच फंस चुके हैं। क्योंकि, चीन में टेस्ला का कारोबार काफी विकसित हो चुका है और अब अगर अमेरिका की चेतावनी के बाद एलन मस्क टेस्ला का शोरूम शिनजियांग में बंद करते हैं, तो उन्हें चीन की नाराजगी मोल लेनी पड़ सकती है और चीन से उनका व्यापार ही खत्म हो सकता है, जो टेस्ला के लिए 'खुदकुशी' जैसा कदम होगा, जबकि एलन मस्क का सारा कारोबार अमेरिका से ही चलता है और अमेरिका से पंगा लेकर एलन मस्क अपना कारोबार ही नहीं चला सकते हैं, लिहाजा विश्लेषकों का मानना है कि एलन मस्क अब अमेरिका और चीन के बीच फंस चुके हैं।

रॉकेट के रफ्तार से बढ़ रही संपत्ति
एलन मस्क 2021 में सबसे ज्यादा कमाई करने के बाद 2022 की शुरुआत भी उन्होंने जबरदस्त की है। इस साल के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को एलन ने आय में 33.8 बिलियन डॉलर (करीब 2.53 लाख करोड़ रुपए) की कमाई की है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, सोमवार को जबरदस्त कमाई के बाद एलन मस्क की दौलत 304 बिलियन डॉलर हो गई। मस्क इस समय दुनिया के सबसे अमीर इंसान हैं।

टेस्ला के शेयर्स में जबरदस्त उछाल
साल 2022 के पहले कारोबारी दिन में मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। टेस्ला कंपनी के शेयर सोमवार को 13.5 फीसदी की तेजी आई। जिससे इसके शेयकर 1,199.78 डॉलर पर पहुंच गए। माना जा रहा है कि 2022 में भी टेस्ला का प्रदर्शन दमदार रहेगा। की उम्मीद है। बर्लिन और टेक्सस में कंपनी कारों को बनाना शुरू कर रही है, ऐसे में डिलिवरी में भी तेजी आएगी। लेकिन, अब जब अमेरिका की सरकार की तरफ से टेस्ला और एलन मस्क को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है, तो देखना दिलचस्प होगा, कि टेस्ला के शेयर्स पर इसका क्या असर पड़ता है।

2004 में शुरू की थी टेस्ला
साल 2004 में एलन मस्क ने कारों की दुनिया में क्रांति लाते हुए इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला शुरू की थी। टेस्ला आज इलेक्ट्रिक कार की दुनिया में अग्रणी कंपनी है। बता दें कि 2021 में एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हैं। इसके अलावा उनको टाइम ने साल 2021 के लिए 'पर्सन ऑफ द ईयर' भी चुना है।












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