अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिट्ठी में इंग्लिश की टीचर ने पकड़ी इतनी गलतियां
इन दिनों सोशल मीडिया पर व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक चिट्ठी काफी वायरल हो रही है जिसमें कई गलतियां आसानी से नोटिस की जा सकती है। इस चिट्ठी में गलतियां निकाली हैं अटलांटा की रहने वाली इंग्लिश टीचर युवॉन मैसॉन ने जिन्होंने 17 वर्षों तक ग्रीनविले पब्लिक स्कूल में बच्चों को ग्रामर पढ़ाई है।
वॉशिंगटन। इन दिनों सोशल मीडिया पर व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक चिट्ठी काफी वायरल हो रही है जिसमें कई गलतियां आसानी से नोटिस की जा सकती है। इस चिट्ठी में गलतियां निकाली हैं अटलांटा की रहने वाली इंग्लिश टीचर युवॉन मैसॉन ने जिन्होंने 17 वर्षों तक ग्रीनविले पब्लिक स्कूल में बच्चों को ग्रामर पढ़ाई है। मैसॉन की मानें तो चिट्ठी को पढ़कर उन्हें लगा ही नहीं कि वह राष्ट्रपति की चिट्ठी पढ़ रहीं हैं बल्कि ऐसा लगा कि जैसे अपने किसी स्टूडेंट की एग्जाम शीट चेक कर रही हैं। मैसॉन डेमोक्रेटिक पार्टी की विचारधारा वाली हैं और कहती हैं कि उन्होंने आज से पहले इतनी सारी गलतियां किसी ऐसी चिट्ठी में नहीं देखी हैं जो उनके पास व्हाइट हाउस से आया हो।

ट्रंप की सी ग्रेड वाली चिट्ठी
मैसॉन के मुताबिक उन्होंने कई हजारों बार इस चिट्ठी को पढ़ा और फिर उन्होंने चिट्ठी को सही करके वापस कर दिया। उन्होंने वही चिट्ठी व्हाइट हाउस को वापस कर दी जिसमें उन्होंने कई गलतियां निकाली थीं। वह कहती हैं कि राष्ट्रपति के पास से आई यह चिट्ठी जरूरी किसी स्टाफ मेंबर ने लिखी है लेकिन इसमें ट्रंप के सिग्नेचर हैं। मैसॉन के पास यह चिट्ठी उस जवाब के तहत आई जो उन्होंने 14 फरवरी को फ्लोरिडा के स्कूल में हुई फायरिंग के बाद व्हाइट हाउस को लिखी थी और उन्होंने राष्ट्रपति से एक सवाल पूछा था। मैसॉन के मुताबिक जब आपको व्हाइट हाउस जैसी जगह से कोई चिट्ठी आए जो सरकार की सर्वोच्च संस्था है तो आप उम्मीद करते हैं कि वह कम से कम ग्रामर के तौर पर तो ठीक होगी।
बार-बार कैपिटल लेटर का प्रयोग
मैसान ने ट्रंप की चिट्ठी में बार-बार कुछ शब्दों को कैपिटल लेटर में लिखे जाने पर पकड़ा है। ये शब्द हैं, नेशन, फेडरल, प्रेसीडेंट और स्टेट। इन कैपिटल लेटर्स की वजह से ये जो शब्द कॉमन नाउन के हैं वे प्रॉपर नाउन में तब्दील हो गए। मैसॉन ने इस चिट्ठी को बैंगनी रंग की पेन से साइन किया है क्योंकि आजकल अमेरिका में कुछ शिक्षाविद लाल रंग की कलम को हत्तोसाहित करने का जरिया मानते हैं। मैसॉन ने 11 जगहों को बैंगनी रंग से चिन्हित किया हैं जहां पर कैपिटल लेटर्स का प्रयोग हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर यह किसी मिडिल स्कूल के बच्चे ने लिखा होता तो वह उसे सी या फिर सी-प्लस ग्रेड देती। अगर हाईस्कूल के बच्चे ने लिखा होता तो उसको डी ग्रेड मिलता। मैसॉन ने पूरे एक वर्ष तक ट्रंप को पोस्टकार्ड भेजे हैं।












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