America Iran Tension: 'ईरान को इस धरती से मिटां दूंगा’, खामेनेई को ट्रंप की धमकी, हत्या का सता रहा डर?- Video
America Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी हत्या की कोशिश हुई, तो अमेरिका ईरान को "मिटा देगा"। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "मेरे बहुत कड़े निर्देश हैं। अगर कुछ भी होता है, तो हम उन्हें इस धरती से मिटा देंगे।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है, ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है।
पहले भी दे चुके हैं ऐसे आदेश
ट्रंप इससे पहले भी अपने सलाहकारों को निर्देश दे चुके हैं कि अगर ईरान उनकी जान पर किसी भी हमले में शामिल पाया जाता है, तो उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया जाए। उनकी यह टिप्पणी ईरान के भीतर बढ़ती अशांति के साथ-साथ वॉशिंगटन और तेहरान के बीच नेतृत्व को लेकर तीखी बयानबाजी के बीच सामने आई है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि ट्रंप को भी अपनी हत्या का डर सता रहा है।

खामेनेई को लेकर ईरान की चेतावनी
ईरान ने ट्रंप को अपने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाने वाली किसी भी कार्रवाई के खिलाफ चेताया है। खामेनेई लगभग चार दशकों से इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व कर रहे हैं। ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबोलफज़ल शेकरची ने एपी के हवाले से कहा, "अगर हमारे नेता पर हमला होता है, तो हम उस हाथ को काट देंगे और उनकी दुनिया में आग लगा देंगे।"
ट्रंप का खामेनेई पर तीखा हमला
हाल ही में पॉलिटिको को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने खामेनेई को "एक बीमार आदमी" बताया। उन्होंने कहा कि खामेनेई को "लोगों को मारना बंद कर देश को सही ढंग से चलाना चाहिए" और यह कि "ईरान में नए नेतृत्व की तलाश का समय आ गया है।" यह बयान पिछले साल ईरान की खराब अर्थव्यवस्था के कारण भड़के विरोध प्रदर्शनों पर हुई हिंसक कार्रवाई के बाद आया है।
मौतों और गिरफ्तारियों के आंकड़े
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इन विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या कम से कम 4,519 है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ जगहों पर 5 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने के भी दावे किए गए हैं। ईरानी अधिकारियों ने हजारों मौतों को स्वीकार किया है। खुद खामेनेई ने "कई हजार" लोगों के मारे जाने की बात कही और इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
हजारों गिरफ्तारियां और फांसी का डर
उसी मानवाधिकार समूह ने 26,300 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। इससे अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों में फांसी की आशंका बढ़ गई है। ईरान पहले से ही दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां सबसे ज्यादा फांसी दी जाती हैं, और अधिकारियों के बयानों से हिरासत में लिए गए लोगों के भविष्य को लेकर चिंता और गहरी हो गई है।
अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर नजर
तनाव बढ़ने के साथ अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर भी ध्यान गया है। अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन, जो पहले दक्षिण चीन सागर में था, अब तीन विध्वंसक जहाजों के साथ हिंद महासागर की ओर बढ़ता देखा गया है। अमेरिकी नौसेना ने भले ही सीधे तौर पर मध्य पूर्व की पुष्टि नहीं की हो, लेकिन उसकी मौजूदा स्थिति इस क्षेत्र से कुछ ही दिनों की दूरी पर मानी जा रही है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications