अमेरिका ने लिया आतंकियों से भीषण बदला, सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर हवाई हमला, भारी तबाही

ईरान के साथ विवाद के बीच अमेरिका ने सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर एयरस्ट्राइक किया है।

वाशिंगटन/दमिश्क: ईरान के साथ न्यूक्लियर डील पर भारी विवाद के बीच अमेरिका ने ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर एयरस्ट्राइक किया है। अमेरिका ने ये एयरस्ट्राइक सीरिया में स्थिति मिलिशिया ठिकानों पर किया है। अमेरिका ने कहा है कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर किए गये हमले के जबाव में मिलिशिया ठिकानों पर हवाई हमला किया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इराक में अमेरिकी ठिकाने पर इराकी चरमपंथी गुट द्वारा हमले में अमेरिका का एक कॉन्ट्रेक्टर मारा गया था और बदला लेने के लिए अमेरिका ने सीरिया में ईरान द्वारा समर्थिक मिलिशिया के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।

Recommended Video

      Syria में Iran समर्थक समूहों पर America की Air Strike, India ने क्या कहा? | वनइंडिया हिंदी
      AIR STRIKE

      राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद एयरस्ट्राइक

      नाम ना छापने की शर्त पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के दो अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि सीरिया में मिलिशिया ठिकानों पर ये हवाई हमला राष्ट्रपति जो बाइडेन की मंजूरी के बाद किया गया है। यानि, राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने पहली बार किसी देश में स्थिति किसी आतंकी समूह के ठिकाने पर हवाई हमले को मंजूरी दी है। वहीं, पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सीरिया में हुए हवाई हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही सीरिया में मिलिशिया ठिकानों को निशाना बनाया गया है। पेंटागन ने अपने बयान में कहा है कि सीरिया में एयरस्ट्राइक ना सिर्फ इराक में अमेरिकी ठिकानों और सैन्य अधिकारियों पर हुए हमले का बदला है बल्कि किसी संभावित हमले को रोकने के लिए भी मिलिशिया ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिका के सहयोगी देशों से विचार विमर्श के बाद हवाई हमले को मंजूरी दी।

      'सीरिया में शिया आतंकियों पर हमला'

      अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अपने बयान में कहा है कि 'जिन ठिकानों को हमने एयरस्ट्राइक में ध्वस्त किया है, उसके बारे में हमें पूरी जानकारी थी और हमें पता है कि हमने किसे निशाना बनाया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि हमें पूरा यकीन है कि हमने जिन ठिकानों को ध्वस्त किया है उन ठिकानों का इस्तेमाल शिया आतंकी अमेरिका और सहयोगी देशों के खिलाफ कर रहे थे। इसी ठिकाने से 15 फरवरी को इराक स्थिति अमेरिका के एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया गया था जिसमें एक कॉन्ट्रेक्टर की मौत हो हई थी जबकि कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हो गये थे। अमेरिकी रक्षामंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रपति जो बाइडेन को इस हमले को मंजूरी देने के लिए सलाह दी गई थी'

      अमेरिका ने कहा है सीरिया में शिया आतंकियों के ठिकानों पर किया गया हमला सिर्फ एक एयर स्ट्राइक नहीं बल्कि ये एक चेतावनी है और उन्हें एक सजा दी गई है। हालांकि, अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अमेरिकी एयरस्ट्राइक में सीरिया स्थिति मिलिशिया के ठिकानों को कितना नुकसान पहुंचा है और कितने लोग मारे गये हैं। लेकिन, अमेरिका ने दावा किया है कि उन्हें सबक सिखाया जा चुका है।

      इराकी और कुछ वेस्टर्न सैन्य जानकारों का कहना है कि इराक स्थिति अमेरिकी या फिर सैन्य गठबंधन के सैनिकों को निशाना इराक के कुछ छोटे आतंकी समूह भी बनाते हैं, जिन्हें ईरान समर्थित मिलिशिया का सपोर्ट हासिल रहता है। वहीं, सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा था कि 'हम मानते हैं कि ईरान की शह पर ही इराक और सीरिया स्थिति आतंकी ग्रुप अमेरिकी सैनिकों या फिर सहयोगी देशों के सैनिकों को निशाना बनाने की हिमाकत करते हैं। आतंकियों के हमले को ईरान द्वारा सहयोग दी जाती है और हमलों में इस्तेमाल किए गये रॉकेट भी ईरान के ही बने होते हैं।' वहीं, 15 फरवरी को इराक में अमेरिकी अड्डे पर हुए हमले को लेकर ईरान ने पल्ला झाड़ लिया था। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अमेरिकी अड्डे पर हुए हमले में ईरान का कोई हाथ नहीं था और ना ही ईरान ने किसी आतंकी गुट का समर्थन किया था।

      Notifications
      Settings
      Clear Notifications
      Notifications
      Use the toggle to switch on notifications
      • Block for 8 hours
      • Block for 12 hours
      • Block for 24 hours
      • Don't block
      Gender
      Select your Gender
      • Male
      • Female
      • Others
      Age
      Select your Age Range
      • Under 18
      • 18 to 25
      • 26 to 35
      • 36 to 45
      • 45 to 55
      • 55+