गाजा पट्टी की जंग यमन पहुंची... हूती विद्रोहियों पर अमेरिका-यूके ने की भीषण बमबारी, मिडिल ईस्ट में फैली लड़ाई

US Britain carry out strikes against Houthis: अक्टूबर की सात तारीख को हमास ने दक्षिमी इजराइल पर हमला बोला था और अब ये लड़ाई पूरे मिडिल ईस्ट में फैलने लगी है। लाल सागर में हूती विद्रोही लगातार वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहे थे, जिसके खिलाफ अमेरिका और यूके ने बड़ी कार्रवाई की है।

संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन ने लाल सागर के बाद यमन में हूती विद्रोहियों से जुड़ी साइटों के खिलाफ हमले शुरू कर दिए हैं, जो ईरान समर्थित समूह हैं और पिछले साल के अंत से लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को निशाना बना रहे हैं।

US Britain carry out strikes against Houthis

गाजा की लड़ाई यमन तक आई

इस बार के हमले यमन के अंदर उन जगहों पर किए गये हैं, जिन जगहों पर हूती विद्रोहियों को कब्जा है और जहां से वो लाल सागर में जहाजों को निशाना बना रहे थे। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चेतावनी दी है, कि उन्होंने ही इस हमले का ऑर्डर दिया है और अगर जरूरत पड़ी, तो वह आगे की कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेंगे।

राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा, कि "ये लक्षित हमले एक स्पष्ट संदेश हैं, कि संयुक्त राज्य अमेरिका और हमारे साझेदार हमारे कर्मियों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे या शत्रुतापूर्ण एक्टर्स को नेविगेशन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने की अनुमति नहीं देंगे।"

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, कि "शुरुआती संकेत हैं, कि हूतियों की व्यापारी शिपिंग को धमकी देने की क्षमता को झटका लगा है।"

एक हूत अधिकारी ने राजधानी सना, सादा और धमार शहरों के साथ-साथ होदेइदा प्रांत में "हमलों" की पुष्टि की है, और इसे "अमेरिकी-ज़ायोनी-ब्रिटिश आक्रामकता" करार दिया है।

चल रहे हमले अक्टूबर में शुरू होने के बाद से मध्य पूर्व में इज़राइल-हमास युद्ध के विस्तार के अब तक के सबसे नाटकीय प्रदर्शनों में से एक हैं।

अमेरिका के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, कि यमन में ये हमले विमान, जहाज और पनडुब्बी द्वारा किए गये हैं। अधिकारी ने कहा, कि एक दर्जन से ज्यादा स्थानों को निशाना बनाया गया है और हमलों का मकसद हूती विद्रोहियों को कमजोर करना है।

अमेरिकी अधिकारी ने कहा, कि हूतियों की सैन्य क्षमताएं सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं हैं।

हूती विद्रोही, जो यमन के ज्यादातर हिस्से को नियंत्रित करते हैं, उन्होंने अमेरिका और यूके को फौरन अपने मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की चेतावनी दी है। हूतियों ने चेतावनी देते हुए कहा है, कि अगर अमेरिका और यूके हमलों को नहीं रोकते हैं, तो उन्हें गंभीर अंजाम भुगतना होगा।

हूतियों का कहना है, कि लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर उनके हमले गाजा को नियंत्रित करने वाले फिलिस्तीनी इस्लामी समूह हमास के समर्थन में हैं। 7 अक्टूबर को इज़राइल पर हमास के हमले के बाद इज़राइल ने गाजा में भीषण सैन्य हमले किए हैं, जिनमें गाजा में 23,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों के मारे जाने का दावा, हमास नियंत्रित गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने किए हैं। हमास के हमले में 1200 इजराइली मारे गये थे।

हूती विद्रोहियों ने लाल सागर और अरब सागर में अब तक 27 जहाजों पर हमले किए हैं, जिससे यूरोप और एशिया के बीच प्रमुख लाल सागर मार्ग पर अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्य बाधित हो गया है, जो दुनिया के शिपिंग यातायात का लगभग 15% है।

चश्मदीदों के हवाले से रॉयटर्स को बताया है, कि गुरुवार को एयर स्ट्राइक में सना हवाई अड्डे से सटे एक सैन्य अड्डे, ताइज़ हवाई अड्डे के पास एक सैन्य स्थल, होदेइदाह में एक हौथी नौसैनिक अड्डे और हज्जाह गवर्नरेट में सैन्य स्थलों को निशाना बनाया गया है।

इससे पहले गुरुवार को, हूती ने कहा है, कि उसके ऊपर कोई भी अमेरिकी हमला बिना प्रतिक्रिया के नहीं होगा।

हूती विद्रोही, जिन्होंने गृहयुद्ध में यमन के ज्यादातर हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था, उसने इज़राइल से जुड़े या इज़राइली बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर हमला करने की कसम खाई है। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने जिन जहाजों को निशाना बनाया है, उनमें से ज्यादातर जहाजों का इजराइल से कोई लेनादेना नहीं है।

अंतर्राष्ट्रीय जहाजों पर 27 हमले

अमेरिकी सेना ने गुरुवार को कहा, कि हूतियों ने अदन की खाड़ी में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन में एक जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जो 19 नवंबर के बाद से समूह द्वारा किया गया 27वां हमला है।

यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन उस वक्त शुरू किए गये हैं, जब हूती विद्रोहियों ने जहाजों पर आखिरी हमला 9 जनवरी को किए थे। 9 जनवरी को हूती विद्रोहियों के 21 ड्रोन हमलों को अमेरिका और यूके के मिसाइलों ने नाकाम किए थे। अमेरिकी सेना ने हूतियों के इस हमले को सबसे जटिल हमला करार दिया था।

राष्ट्रपति बाइडेन ने एक बयान में कहा, कि हूती विद्रोहियों ने डायरेक्ट तौर पर अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया था।

दिसंबर महीने में लाल सागर में हूतियों के हमलों को रोकने के लिए 20 से ज्यादा देशों ने अमेरिका के नेतृत्व में एक गठबंधन बनाने का फैसला किया था, जिसका मकदस लाल सागर में वाणिज्यिक गतिविधियों के खिलाफ होने वाले हमलों को रोकना था। अमेरिका के नेतृत्व वाले इस कार्रवाई को "ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्जियन" नाम दिया गया है।

बाइडेन ने कहा, कि ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, कनाडा और नीदरलैंड ने ऑपरेशन का समर्थन किया है।

बाइडेन ने एक बयान में कहा, "इन लापरवाह हमलों पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया एकजुट और दृढ़ रही है।"

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