एलेक्सी नवलनी से प्रिगोजिन तक.. पुतिन ने रूस को कैसे बनाया रहस्यमयी देश, विरोध की सजा सिर्फ और सिर्फ मौत!

Russia News: दुनिया के बड़े देशों में चीन और रूस दो ऐसे देश हैं, जहां सत्ता के खिलाफ आवाज उठाने का मतलब मौत होता है। हालांकि, रूस सालों से विरोधियों के लिए कब्रगाह रहा है और रूसी क्रांति के बाद से ही विचारधारा के नाम पर हजारों-लाखों लोगों को मौत के घाट उतारा गया है।

लेकिन, व्लादिमीर पुतिन के शासनकाल तक रूस विरोधियों के लिए बेरहम बना हुआ है। एलेक्सी नवलनी की मौत भी उसी कड़ी का एक हिस्सा है। एलेक्सी नवलनी की मौत रूस के जेल में हुई है और उंगली रूसी राष्ट्रपति के खिलाफ उठी है।

Alexi Navalny death case

एलेक्सी नवलनी वो शख्स हैं, जिन्होंने क्रेमलिन के खिलाफ भ्रष्टाचार की मुहिम चला रखी थी और पुतिन का विरोधी होने के नाते एक बार नर्व एजेंट जहर देकर उन्हें मारने की भी कोशिश की गई थी, लेकिन जर्मनी में करीब 6 महीने अस्पताल में रहने के बाद वो बच गये थे, लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए हुए भी रूस लौटने की कसम खा ली, जबकि उन्हें बार बार चेतावनी दी गई, कि रूस लौटना उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

आइये जानते हैं, पुतिन के उन विरोधियों और आलोचकों के बारे में, जिनकी मौत रहस्यमयी हालतों में हुई और जिनकी मौत के तार कहीं ना कहीं क्रेमलिन से जुड़ते रहे हैं। रूस को लेकर प्रसिद्ध है, कि यहां तीन तरह से विरोधियों को मारा जाता है। एक नर्व एजेंट जहर देकर, दूसरा खिड़कियों से गिरकर और तीसरा प्लेन क्रैश में। अभी तक दर्जनों लीडर्स की रहस्यमयी मौत हो चुकी है।

Alexi Navalny death case

एलेक्सी नवलनी की मौत

रूसी राजधानी मॉस्को से पश्चिम में 1976 में ब्यूटिन गांव में जन्मे एलेक्सी नवलनी ने पुतिन के खिलाफ मुहिम चला रखी थी और उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की भी कोशिश की थी, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप में उनका नामांकन खारिज कर दिया गया था।

उन्होंने 1997 में मॉस्को में पीपुल्स फ्रेंडशिप यूनिवर्सिटी ऑफ रशिया से कानून की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 2010 में अमेरिका के येल विश्वविद्यालय में एक फेलो के रूप में एक साल बिताया।

एलेक्सी नवलनी हाल के सालों में क्रेमलिन के सबसे बड़े दुश्मनों में शामिल किए गये थे और 19 सालों की जेल की सजा काट रहे थे। अब उनकी मौत के साथ ही रूस विपक्ष विहीन हो गया है। रूस में अब वही विपक्षी नेता हैं, जिन्हें पुतिन ने अपना विरोध करने के लिए रखा हुआ है, ताकि वो रूस में लोकतंत्र भी है, ये दिखा सकें।

येवगेनी प्रिगोजिन

पुतिन के खिलाफ विद्रोह करने वाले येवगेनी प्रिगोजिन की मौत पिछले साल अगस्त में एक विमान दुर्घटना में हो गई थी।

येवगेनि प्रिगोजिन, जो एक वक्त पुतिन के सबसे खास दोस्तों में से एक थे, लेकिन पिछले साल उन्होंने पुतिन के खिलाफ विद्रोह का ऐलान कर दुश्मनी मोल ले ली। जिसके बाद से ही कहा जा रहा था, कि प्रिगोजिन अब कुछ दिनों के ही मेहमान हैं। पुतिन के खिलाफ बगावत कर येवगेनि प्रिगोजिन ने माफी की सीमा रेखा पार कर दी थी।

येवगेनि प्रिगोजिन 25 हजार सैनिकों को साथ लेकर मॉस्को पर चढ़ाई करने निकल पड़े। हालांकि, बाद में बेलारूस की राष्ट्रपति की मध्यस्थता के बाद येवगेनि प्रिगोजिन वापस लौट गये, लेकिन पुतिन ने साफ कह दिया, कि प्रिगोजिन ने गद्दारी की है। अमेरिका के कई एक्सपर्ट्स बार बार कह रहे थे, कि प्रिगोजिन का अब जिंदा रहना नामुमकिन है और फिर पिछले साल अगस्त में अचानक खबर आई, कि प्रिगोजन का विमान हादसे का शिकार हो गया है।

पावेल एंटोव

दिसंबर 2022 में रूसी टाइकून पावेल एंटोव अपना 65वां जन्मदिन मनाने भारत आए थे और इसके 25 दिनों के बाद रायगडा में एक होटल की खिड़की से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, राजनेता और करोड़पति ने कीव में मिसाइल हमले के बाद व्हाट्सएप पर यूक्रेन के साथ पुतिन के युद्ध की आलोचना की थी, लेकिन उन्होंने तुरंत संदेश हटा दिया था और दावा किया था, कि इसे किसी और ने लिखा है।

रूसी मीडिया आउटलेट TASS की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय संसद के उपाध्यक्ष व्याचेस्लाव कार्तुखिन ने अपने टेलीग्राम चैनल पर कहा था, कि "हमारे सहयोगी, एक सफल उद्यमी, परोपकारी पावेल एंटोव का निधन हो गया।" उन्होंने आगे कहा, कि "संयुक्त रूस गुट के प्रतिनिधियों की ओर से, मैं रिश्तेदारों और दोस्तों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।"

रवील मगानोव

सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, लुकोइल तेल कंपनी के चेयरनमैन रवील मगानोव ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की खुले तौर पर आलोचना की थी। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद, तेल कंपनी ने "सशस्त्र संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने" का आह्वान किया था।

आउटलेट की रिपोर्ट के अनुसार, एंटोव की तरह ही मगनोव की भी सितंबर 2022 में मॉस्को के एक अस्पताल की खिड़की से गिरकर मौत हो गई। हालांकि, लुकोइल के हटाए गए एक बयान में कहा गया था, कि 67 वर्षीय रवील मगानोव की मृत्यु "गंभीर बीमारी के कारण हुई।"

डैन रैपोपोर्ट

डेली बीस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी व्यवसायी डैन रैपोपोर्ट ने सोशल मीडिया पर कई बार सार्वजनिक रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध की निंदा की थी और यूक्रेन के लिए अपने समर्थन पर जोर दिया था।

जिसके बाद रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें अगस्त 2022 में वाशिंगटन, डी.सी. में एक अपार्टमेंट इमारत के सामने मृत पाया गया था। पुलिस ने कहा था, कि उनके बॉडी के पास से फ्लोरिडा के एक अज्ञात ड्राइवर का लाइसेंस, एक काली टोपी, 2500 डॉलर और नारंगी रंग का फ्लिप-फ्लॉप पाया गया था।

मिखाइल लेसिन

रूसी प्रेस मंत्री मिखाइल लेसिन नवंबर 2015 में वाशिंगटन, डीसी के एक होटल के कमरे में "सिर पर भारी चीज से मारे जाने के बाद" मृत पाए गए थे।

डेली बीस्ट के अनुसार, लेसिन, जिन्होंने अंग्रेजी भाषा के टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी) की स्थापना की थी, वो अपनी मृत्यु से पहले खुद को भ्रष्टाचार के आरोपों से बचाने के लिए एफबीआई के साथ एक सौदा करने पर विचार कर रहे थे। लेकिन, इससे पहले की वो एफबीआई से मीटिंग कर पाते, उन्हें मार दिया गया।

ऐसा कहा जाता है, कि मिखाइल लेसिन रूस के अमीर और शक्तिशाली लोगों के काफी गहरे राज जानते थे और उन्हें पता था, कि वो लोग किस तरह से कामकाज करते हैं।

बोरिस नेम्त्सोव

बोरिस नेमत्सोव, बोरिस येल्तसिन के अधीन रूस के पूर्व उप प्रधान मंत्री थे, जो बाद में पुतिन के बड़े आलोचक बन गए और उन्होंने आरोप लगाया, कि रूस के अमीर लोगों से पुतिन को वेतन मिलता है ।2015 में जब वह एक रेस्तरां से घर जा रहे थे, तो क्रेमलिन से कुछ गज की दूरी पर उन्हें चार बार गोली मारी गई थी।

बोरिस बेरेज़ोव्स्की

बोरिस बेरेज़ोव्स्की एक रूसी कुलीन वर्ग से थे जो पुतिन से अनबन के बाद ब्रिटेन भाग गये थे। अपने निर्वासन के दौरान उन्होंने पुतिन की सरकार को बलपूर्वक गिराने की धमकी दी थी। वह मार्च 2013 में अपने बर्कशायर स्थित घर में मृत पाए गये थे और कहा गया, कि उन्होंने आत्महत्या कर ली है। हालांकि, ब्रिटिश जांच रिपोर्ट में उनकी मौत को संदिग्ध कहा गया और एक खुला फैसला दर्ज किया गया था। बेरेज़ोव्स्की को एक बंद बाथरूम के अंदर मृत पाया गया था और उसके गले में एक पट्टी बंधी हुई थी। लेकिन, जांच एजेंसियां यह नहीं बता सकीं, कि उनकी मृत्यु कैसे हुई।

नतालिया एस्टेमिरोवा

नतालिया एस्टेमिरोवा एक पत्रकार थीं जो कभी-कभी पोलितकोवस्काया के साथ काम करती थीं। वह चेचन्या में रूसी राज्य द्वारा किए गए मानवाधिकारों के हनन को उजागर करने में माहिर थीं। 2009 में उसके घर के बाहर से उनका अपहरण कर लिया गया था और बाद में सिर पर गोली लगने के घाव के साथ उन्हें पास के जंगल में पाया गया था। उसकी हत्या के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया गया है।

सर्गेई युशेनकोव

सर्गेई युशेनकोव एक रूसी राजनेता थे जो यह साबित करने की कोशिश कर रहे थे, कि एक अपार्टमेंट ब्लॉक पर बमबारी के पीछे रूसी स्टेट का हाथ था। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 2003 में उनके राजनीतिक संगठन लिबरल रशिया को न्याय मंत्रालय द्वारा एक पार्टी के रूप में मान्यता दिए जाने के कुछ ही घंटों बाद सीने में एक गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी।

रूस में विपक्षी नेताओं और पत्रकारों की मौत की एक लंबी लिस्ट है और दर्जनों ऐसे नाम हैं, जिनके नाम हम अपनी स्टोरी में शामिल नहीं कर रहे हैं, क्योंकि फिर ये स्टोरी कहां जाकर रूकेगी, ये हम खुद नहीं जानते हैं। लेकिन, पुतिन के विरोधियों की रहस्यमयी मौतों ने रूस को ना सिर्फ बदनाम किया है, बल्कि रहस्यमयी भी बना दिया है।

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