Agni-5 बनाम चीन का डोंगफेंग-26, 6 प्वाइंट्स में समझिए भारत के 'ब्रह्मास्र' से क्यों परेशान है ड्रैगन?
अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण करने के साथ ही भारत ने ये भी साफ किया है, कि वो अभी भी हथियारों के पहले इस्तेमाल नहीं करने की नीति पर कायम है।

Agni 5 Missile Test explained: G20 की अध्यक्षता ग्रहण करने के बाद भारत प्रमुख आर्थिक शक्तियों के लिए वैश्विक एजेंडा तय करने के साथ-साथ अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देने के लिए भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं, 9 दिसंबर को एक महत्वपूर्ण घटना घटी, जब भारतीय और चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश राज्य में भिड़ गईं। इस झड़प में दोनों पक्षों को चोटें आईं, हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ। इस खबर ने सभी का ध्यान खींचा। "अग्नि" शब्द का अर्थ आग है, और भारत ने अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। ये मिसाइल सीमा पार चीनियों को भारत का उपयुक्त जवाब है। लिहाजा, अग्नि 5 के बारे में आपको ये 6 बातें जरूर जाननी चाहिए, जिनसे चीन घबराया हुआ है, क्योंकि भारत का ये मिसाइल अब पूरे चीन को अब ध्वस्त करने की क्षमता रखता है।

1. अग्नि मिसाइलों की उत्पत्ति
अग्नि मिसाइल का विकास 1980 की शुरुआत में इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (IGMDP) के तहत शुरू हुआ था, जिसका नेतृत्व भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था और भारत के मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सही मायनों में भारत के मिसाइल युग की शुरूआत भी 1980 के बाद से ही हुई थी और उसके बाद से ही अब्दुल कलाम हमेशा के लिए भारत के मिसाइल मैन बन गये।

2. अग्नि 5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है?
अग्नि 5 एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) नहीं है, लेकिन यह ICBM के काफी करीब है। पहले से ही कई अग्नि-5 मिसाइलें भारत में बन चुकी हैं, जिनकी रेंज की अगर बात करें तो, अग्नि-1 की रेंज 700 किलोमीटर से लेकर अग्नि-5 की रेंज 5000 किलोमीटर बताई गई है। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का दावा है, कि अग्नि-5 की रेंज आठ हजार किलोमीटर तक है, लेकिन भारत ने जान-बूझकर इस क्षमता को सार्वजनिक नहीं किया है। अत्याधुनिक पीढ़ी की परमाणु-क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-P का पिछले साल जून में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा सफल परीक्षण किया गया था। यह अग्नि श्रेणी की मिसाइलों का एडवांस वेरिएंट था। कनस्तरनुमा ये मिसाइल अग्नि-P की रेंज 1,000 से 2,000 किलोमीटर के बीच है।

3. चीन के कितने क्षेत्र को ध्वस्त कर सकता है?
परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि 5 परमाणु वारहेड को ले जाने, उन्हें तैनात करने और विस्फोट करने में सक्षम है। इस मिसाइल की रेंज 5,000 किलोमीटर बताई गई है और भारतीय रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस मिसाइल में तीन चरणों वाला ठोस-ईंधन इंजन है और यह 5,000 किलोमीटर तक की दूरी पर हवा से 24 गुना ज्यादा स्पीड की सटीकता के साथ लक्ष्य को भेद सकती है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, अग्नि-5 8000 किमी की रेंज भी कवर कर सकता है। कथित तौर पर मिसाइल का वजन पेलोड में लगभग 1500 किलोग्राम है। इस मिसाइल का वजन करीब 50,000 किलोग्राम है। मिसाइल एक असाधारण मैक 24 गति तक पहुंच सकती है जो 29,401 किमी/घंटा है। अग्नि 5 मिसाइल एक रोड-मोबाइल मिसाइल है और एक ट्रक द्वारा बेहद आसानी से इसे ले जाया जा सकता है और एक कनस्तर के माध्यम से इसे लॉन्च किया जा सकता है। मिसाइल को कई वारहेड ले जाने में सक्षम MIRV से लैस किया जा सकता है। इस मिसाइल से चीन के किसी भी हिस्से को काफी आसानी से टारगेट किया जा सकता है।

4. क्या अग्नि-5 पूरे चीन को कवर कर सकता है?
कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, अग्नि 5 बीजिंग सहित मुख्य भूमि चीन के पूरे हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि, अग्नि-5 अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में भी पहुंच सकती है और इसकी रेंज 8000 किलोमीटर है। हालांकि, भारत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मिसाइल की सीमा लगभग 5000 किलोमीटर है। एएनआई न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि, मिसाइल में हल्का कम्पोजिट मैटीरियल मिलाकर इसे हल्का बनाया गया है। लिहाजा, मिसाइल की लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता में और भी ज्यादा का इजाफा हो जाता है।

5- सबसे पहले नहीं होगा इस्तेमाल
भारत ने साफ कर दिया है, कि वो इस मिसाइल का इस्तेमाल आगे बढ़कर नहीं करेगा। भारतीय रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अग्नि-5 मिसाइल का इस्तेमाल भी भारत की नीति के मुताबिक ही है, जो "नो फ़र्स्ट यूज़" की प्रतिबद्धता का समर्थन करता है। यह अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के कुछ दिनों बाद आया है, एक ऐसी घटना जो भारतीय संसद में गरमागरम बहस का विषय बन गई है। भारत ने दशकों पहले अपनी नीति साफ कर दी थी, कि भारत ने अभी तक आगे बढ़कर ना किसी भी देश पर हमला किया है और ना ही करेगा। लेकिन, अगर भारत पर हमला किया जाता है, तो फिर भारत किसी भी सूरत में उसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

6. अग्नि 5 बनाम चीन का डोंगफेंग-26
भारत की मिसाइल अग्नि-5 की तुलना अब चीन के डोंगफेंग-26 (DF-26) से की जा रही है, जिसकी अनुमानित रेंज भी 5000 किलोमीटर के करीब बताई गई है। DF-26, जिसे गुआम किलर के नाम से भी जाना जाता है, वो भी एक परमाणु-सक्षम मिसाइल है। मिसाइल का नाम इसलिए रखा गया है, क्योंकि इसमें पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में गुआम में अमेरिकी बेस तक पहुंचने की क्षमता है। लिहाजा, माना जा रहा है, कि भारत और चीन, दोनों ही देशों के ये मिसाइल क्षमता में लगभग बराबर हैं और दोनों ही मिसाइलें प्रलय मचाने के लिए काफी हैं। लेकिन, भारत के अग्नि-5 से चीन इसलिए घबरा रहा है, क्योंकि भारत के पास भी ऐसी क्षमता आ गई है, जिससे चीन के किसी भी हिस्से को सेकंड्स में ध्वस्त किया जा सकता है।












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