हर घर को ठंडा रखने के लिए एक मां की जद्दोजहद

फ्रीटाउन, 26 अक्टूबर। अफ्रीकी देश सिएरा लियोन की राजधानी फ्रीटाउन से यूजेनिया कारग्बो फोन पर कहती हैं, "फ्रीटाउन मेरा घर है, यहां मेरा परिवार है, इसलिए इसे मेरे समुदाय के लिए एक सुरक्षित, ठंडे स्थान के रूप में विकसित होते देखना एक सम्मान की बात है."

Provided by Deutsche Welle

34 वर्षीय दो बच्चों की मां को इस सप्ताह बढ़ते तापमान से लड़ने के लिए नियुक्त किया गया है. उन्हें हर रोज बढ़ते तापमान से निपटने और इलाके को ठंडा रखने के उपाय खोजने को कहा गया है.

वह जेन गिल्बर्ट और एलेनी मायरिविली जैसा काम करने वाली अफसर बन गई हैं. गर्म होते मियामी और एथेंस जैसे शहरों को ठंडे रखने का विशाल जिम्मा इन्हें इस साल दिया गया है.

एक मां की लड़ाई

कारग्बो की बड़ी योजनाएं हैं फिर भी एक साधारण लक्ष्य-वह अपने दो बच्चों को गर्म हवा के थपेड़ों के बिना सड़क पर चलता देखना चाहती हैं. जैसा कि वह अपने बचपन में करती थीं. अपने समय में वह हीट स्ट्रोक के डर के बिना बाहर निकलती थीं.

कारग्बो कहती हैं, "जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक मुद्दा है, ठीक कोविड की तरह. इसलिए हमें अलार्म बजाने और सामूहिक रूप से इससे लड़ने की जरूरत है क्योंकि जल्दी या बाद में यह हम सभी को प्रभावित करेगा."

कारग्बो पहले से ही कई प्रकार की गर्मी-विरोधी पहलों का संचालन कर रही हैं, जैसे वृक्षारोपण से लेकर कचरा संग्रहण और जागरूकता अभियान तक.

उनके पास बदलाव करने के लिए एक साल का समय है. 12 लाख की आबादी वाले इस शहर के लिए यह कोई छोटा काम नहीं है. साल 2017 में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हजारों लोगों की मौत हुई थी और लाखों डॉलर का नुकसान हुआ था.

जलवायु परिवर्तन का असर

एक दशक से अधिक समय से पश्चिमी अफ्रीकी देश बाढ़, सूखा से लेकर भूस्खलन तक जलवायु परिवर्तन की वास्तविकताओं से जूझ रहा है. विशेषज्ञ शहर के सबसे कमजोर लोगों के लिए भीषण गर्मी को लेकर चेता रहे हैं. शुष्क मौसम में गर्मी से फसल खराब होती है, पानी की किल्लत और जंगल की आग भड़कती है. तो वहीं बारिश के मौसम में यह जलजनित बीमारी को बढ़ा देता है.

कारग्बो साल 2018 से ही कई भूमिकाओं में नजर आ चुकी हैं. वे मेयर के साथ सफाई से लेकर रोजगार सृजन तक के काम को बखूबी अंजाम दे चुकी हैं.

वह एक #FreetownTheTreetown योजना की भी हिस्सा हैं, जिसमें 2020 से अब तक पूरे शहर में तीन लाख पेड़ लगाए गए हैं, जिनमें से 7,00,000 से पेड़ों को लगाने का उद्देश्य है. पेड़ लगाने का मकसद शहर को ठंडा रखना और भूस्खलन को रोकना है.

वे बेरोजगार युवाओं को इकट्ठा करके व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करती हैं. ट्राइसाइकिल गाड़ियों का उपयोग कर कचरा इकट्ठा करना, पूर्व डंप साइट को खोलकर सामुदायिक उद्यानों में परिवर्तन करना भी शामिल है.

कारग्बो कहती हैं, "इतने सारे लोग जमीन के लिए पांव मार रहे हैं क्योंकि शहर विस्तार कर रहा है और वनों की कटाई बढ़ रही है."

एए/सीके (थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन)

Source: DW

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