अफगानिस्तान में मस्जिद के अंदर भीषण बम विस्फोट, 13 तालिबानी अधिकारियों को ISIS-K ने धमाके में उड़ाया
अफगानिस्तान में आईएसआईएस-के उसी तरह से बम धमाके कर रहा है, जिस तरह के बम धमाके तालिबान किया करता था। आईएसआईएस-के को रोकने में तालिबान पूरी तरह से नाकाम रहा है।

Taliban News: अफगानिस्तान में तालिबान को निशाना बनाकर भीषण बम धमाका किया गया है, जिसमें कम से कम 13 तालिबानियों की मौत हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान के बदख्शां में एक जनाजे की संभा में बम फटने से कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। नबावी मस्जिद में कथित आत्मघाती बम विस्फोट में मारे गए लोगों में तालिबान के एक पूर्व पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
इसके साथ ही बम धमाके में कम से कम 30 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। ये बम धमाका गुरुवार को उस वक्त किया गया, जब एक जनाजे के बाद शोक सभा का आयोजन किया गया था।
मस्जिद में भीषण धमाका
रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को बदख्शां के डिप्टी गवर्नर निसार अहमद अहमदी को एक कार बम ब्लास्ट में मार दिया गया था और उन्हीं की मौत के बाद एक शोक सभा का आयोजन नबावी मस्जिद में किया गया था, जिसमें भीषण बम ब्लास्ट किया गया।
रिपोर्टों में कहा गया है कि मारे गए या घायल हुए लोगों में तालिबान के कई स्थानीय अधिकारी शामिल हैं।
एक स्थानीय अधिकारी ने कहा कि यह विस्फोट बदख्शां प्रांत के डिप्टी गवर्नर के लिए प्रार्थना सभा के दौरान हुआ, जिनकी इस सप्ताह के शुरू में एक कार बम विस्फोट में मौत हो गई थी।
वहीं, इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह ने कहा कि उसने कार बम हमले को अंजाम दिया है। गुरुवार का विस्फोट प्रांतीय राजधानी फैजाबाद में स्थानीय समयानुसार 11:00 बजे किया गया। नाम न छापने की शर्त पर प्रांतीय अस्पताल के एक सूत्र ने टोलो न्यूज को बताया कि उन्हें 15 शव और 50 घायल मिले हैं।
स्थानीय लोगों ने टोलो न्यूज को बताया कि विस्फोट फैजाबाद के हेसा-ए-अवल इलाके में नबावी मस्जिद के अंदर हुआ।
दो सूत्रों ने बीबीसी को पुष्टि की है, कि मस्जिद में तालिबान के दो स्थानीय अधिकारी मारे गए हैं। वहीं, उत्तरी बागलान प्रांत के पूर्व पुलिस कमांडर सफीउल्लाह समीम भी मारे गये लोगों में शामिल हैं। विस्फोट के बाद एक बयान में कहा गया है, "इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने बदनाम दुश्मनों की इस क्रूरता की निंदा की है।"
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि विस्फोट के बाद गोलियों की आवाज सुनी गई है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो फुटेज में कई हताहतों को एंबुलेंस से प्रांतीय राजधानी के अस्पताल में पहुंचते देखा जा सकता है।
तालिबान बनाम आईएसआईएस-के
आपको बता दें, कि अफगानिस्तान में तालिबान और इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के बीच लगातार संघर्ष चलता रहता है और इस्लामिक स्टेट के आतंकी, हर दूसरे दिन कहीं ना कहीं बम धमाके और हमले करते रहते हैं। इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने भी हमला करने का वही पैटर्न अपनाया हुआ है, जैसा पैटर्न तालिबान ने अमेरिकी सैनिकों के रहते अपनाया था।
दरअसल, अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में सत्ता में लौटने के बाद से, तालिबान ने इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत, जिसे आईएसआईएस-के भी कहा जाता है, उसे रोकने में बुरी तरह से नाकाम साबित हुआ है और अफगानिस्तान में लगातार हमले करने वाले इस्लामिक स्टेट समूह के सहयोगी संगठन को कंट्रोल करने में लगातार फेल नजर आया है।
इस्लामिक स्टेट के आतकी अब तालिबान के शीर्ष अधिकारियों की हत्या कर रहे हैं और उन्हें बम धमाके में उ़ड़ा रहे हैं। वहीं, ISIS-K की शक्ति में अब इस कदर इजाफा होने लगा है, कि आशंका इस बात को लेकर हैं, कि वो अब सिर्फ अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि अब अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए भी खतरा बन गया है।
इससे पहले 9 मार्च 2023 को, इस्लामिक स्टेट समूह ने एक आत्मघाती बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें उत्तरी अफगानिस्तान में बल्ख प्रांत के तालिबान गवर्नर मोहम्मद दाऊद मुज़म्मिल समेत दो लोगों को उड़ा दिया गया था।
अभी हाल ही में, 15 मार्च को इस्लामिक स्टेट ने ISIS-K के पूर्व गढ़ नंगरहार के पूर्वी प्रांत में एक तालिबान जिला गवर्नर पर भी हमला किया, हालांकि ये हमला नाकाम रहा था। लेकिन, आईएसआईएस-के हार मानने का नाम नहीं ले रहा है और इसने तालिबान की नाक में दम कर दिया है।












Click it and Unblock the Notifications