अफगान में बुर्का फरमान के खिलाफ सड़कों पर उतरीं महिलाएं, तालिबान बोला, एक कदम पर तीस गोली
अफगानिस्तान में कई महिलाओं ने तालिबान के बुर्का फरमान के खिलाफ मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी काबुल में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपना चेहरा खुला रखा।
काबुल, 11 मई: अफगानिस्तान में कई महिलाओं ने तालिबान के बुर्का फरमान के खिलाफ मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी काबुल में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपना चेहरा खुला रखा। वे सड़कों पर 'जस्टिस, जस्टिस' का नारा लगा रही थीं। तालिबान द्वारा हाल में ही लागू किए गए बुर्का फरमान में महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर चेहरे पर नकाब समेत बुर्का पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।

पत्रकारों को रिपोर्टिंग करने से रोका
महिलाओं के एक समूह ने काबुल की सड़कों पर मार्च किया। इस दौरान तालिबानी लड़ाकों ने उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश भी की। इसके अलावा उन्होंने इस घटना को कवर कर रहे पत्रकारों को भी रिपोर्टिंग करने से रोक दिया। प्रदर्शन कर रही एक महिला ने बताया कि तालिबान द्वारा हमें कठोर व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने हमसे कहा कि अगर हम एक कदम भई आगे बढ़ते हैं, तो वे हम पर 30 राउंड फायर करेंगे। ये हमारे लिए एक भयानक अनुभव था।

आंदोलन करने से बचें महिलाएं
एमनेस्टी इंटरनेशनल के दक्षिण एशिया विभाग ने ट्वीट कर कहा है कि अफगान महिलाएं तालिबान द्वारा थोपे गए पूर्ण घूंघट कानून का पालन करने तथा अनावश्यक आंदोलन करने से बचें। ट्वीट में आगे लिखा है कि यह महिला अधिकारों का उल्लंघन है कि वे क्या पहनें औऱ क्या न पहनें। बता दें कि तालिबान द्वारा लागू इस फरमान पर 12 मई को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होगी।

नहीं मानने पर होगी जेल
तालिबान के मजहबी मंत्रालय ने अपने नियंत्रण वाले अफगानिस्तान के ज्यादातर क्षेत्रों में पोस्टर्स चिपकाएं थे, जिनमें महिलाओं के लिए बुर्का पहनना अनिवार्य बताया गया। पोस्टर्स में लिखा है कि महिलाओं का बुर्के में सिर से लेकर पैर तक ढंका होना अनिवार्य है, क्योंकि इस्लामिक कानून यही कहता है। इसका उल्लंघन करने पर परिवार के एक पुरूष सदस्य को तीन दिनों के जेल की सजा दी जाएगी।

पहले भी लग चुके हैं प्रतिबंध
पहले भी लग चुके हैं प्रतिबंध इससे पहले तालिबान ने 8 साल की उम्र से ज्यादा की बच्चियों की पढ़ाई-लिखाई पर पाबंदी लगा दी थी। जबकि, महिलाओं के यात्रा करने पर पिछले साल ही पाबंदियां लगाई गईं थीं, जिसमें कहा गया था कि, महिलाओं को पुरुष रिश्तेदार के बिना 45 मील से ज्यादा की यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। वही, महिलाओं के किसी भी तरह से फिल्मों, टीवी सीरियल्स या किसी भी तरह के नाटक में पुरूषों के साथ काम करने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। यानि, महिलाएं सिर्फ उसी सीरियल या फिल्म में काम कर सकती हैं, जिसमें ना कोई पुरूष कलाकार हो, ना ही क्रू मेंबर्स में कोई पुरूष हो।












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