तालिबान से भागी गर्भवती महिला को फ्लाइट में शुरू हुआ दर्द, विमान को खतरे में डाल सैनिकों ने बचाई जान
तालिबान से जान बचाकर भागती अफगान महिला ने अमेरिकी रेस्क्यू प्लेन में बेटी को जन्म दिया।
काबुल, अगस्त 23: अफगानिस्तान की एक महिला ने शनिवार को जर्मनी के रामस्टीन एयर बेस पर उतरने के बाद बेटी को जन्म दिया है। लेकिन, इस दौरान अगर फ्लाइट के क्रू मेंबर्स और पायलट ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती, तो शायद महिला और उसकी बेटी का बचना मुश्किल था।

फ्लाइट में बच्ची का जन्म
यूएस एयर मोबिलिटी कमांड ने रविवार को एक ट्वीट में कहा कि, "अफगानिस्तान के तालिबान के कब्जे से भागने के बाद महिला ने जर्मनी में फ्लाइट में बेटी तो जन्म दिया है। तालिबान से जान बचाकर भाग रही महिला अमेरिकी सेना के सी-17 परिवहन विमान में सवार हो गई थी।" रिपोर्ट के मुताबित, काबुल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद पहले फ्लाइन मध्य पूर्व में स्थिति मंचन स्थान पर लैंड की थी और फिर अमेरिकी फ्लाइट जर्मनी में मौजूद विशालकाय अमेरिकी एयरबेस पर उतरी। रिपोर्ट के मुताबिक तालिबानी आतंकियों से अपनी जान बचाने के लिए महिला काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैनिकों के विमान में सवार हो गई थी और फिर बाद में महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी।
महिला की स्थिति होने लगी थी खराब
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट में ऊंचाई की वजह से महिला का सांस लेने में काफी तकलीफ होने लगी थी। उस वक्त फ्लाइट करीब 28 हजार फीट (8, 534 मीटर) की ऊंचाई पर उड़ान भर रही थी और हवा का प्रेशर कम होने के वजह से महिला की तबीयत खराब होने लगी थी। जिसके बाद अमेरिकी सेना ने विमान को कम ऊंचाई पर उड़ाने का फैसाल लिया। अमेरिकी सेना ने कहा कि, महिला को दिक्कत में देख एयरक्राफ्ट कमांडर ने फ्लाइट की ऊंचाई कम करने का फैसला लिया, ताकि एयर प्रेशर बढ़ाया जा सके। जब फ्लाइट की ऊंचाई कम हो गई तो फिर धीरे-धीरे महिला की स्थिति में सुधार आना शुरू हो गया। जर्मनी के रामस्टीन बेस पर विमान की लैंडिंग के बाद यूएस वायु सेना के 86 वें मेडिकल ग्रुप के कर्मियों ने विमान के अंदर ही बच्चे की डिलिवरी कराई। अमेरिकी सेना ने कहा है कि बच्ची की जन्म के बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

तालिबान ने लगाया आरोप
वहीं, काबुल एयरपोर्ट पर बिगड़ी व्यवस्था के लिए अब तालिबान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि लोगों को निकालने के लिए अमेरिका का प्रबंधन काफी खराब है। तालिबान ने कहा है कि अमेरिका ने काबुल एयरपोर्ट से अपने देश के सैनिकों के साथ साथ हजारों अफगानों को निकालने में काफी अराजगता का वातावरण बना दिया है। तालिबान ने कहा कि ''अमेरिका अपनी सारी शक्ति और सुविधाओं के साथ भी हवाई अड्डे पर व्यवस्था लाने में नाकामयाब रहा है। पूरे देश में शांति और शांति है, लेकिन काबुल हवाईअड्डे पर ही अराजकता है।" आपको बता दें कि, संयुक्त राज्य अमेरिका ने 31 अगस्त तक सभी सैनिकों को अफगानिस्तान से बाहर निकालने की आखिरी तारीख तय कर रखी है। इसके साथ ही अमेरिका उन लोगों को भी अफगानिस्तान से निकाल रहा है, जिन्होंने अमेरिकी सैनिकों की मदद की थी। बाइडेन प्रशासन के अनुसार 15 हजार अमेरिकी और 50 हजार से 60 हजार ऐसे अफगान सहयोगी हैं, जिन्हें निकालने की आवश्यकता है।












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