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तो क्या समुद्र में दफन है हिटलर का सोना, शख्स के दावे से मच गया था हंगामा

दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान बाद कहा जाता है कि हिटलर ने जर्मन सैनिकों को यूरोप से सोना बाहर ले जाने का आदेश दिया था। 1981 में खजाना खोजी रॉजर मिक्लोस के दावे ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था। उन्होंने दावा किया था कि उ

वाशिंगटन, 22 जून : दूसरे विश्वयुद्ध के खत्म होने के बाद भी हिटलर को लेकर कई तरह की कहानियां चलती रहीं। हिटलर को लगा कि जब वह हार जाएगा तो उसने अपनी सेना को यूरोप का सोना एक गुप्त जगह पर तस्करी कर ले जाने का आदेश दिया। खजाना खोजने वालों की दुनिया में उस समय तहलका मच गया जब एक शख्स ने दावा कि उसे हिटलर का खजाना मिल गया है।

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क्या सोने का खजाना मिल जाएगा!
जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर के नाजी सोने की खोज करने का दावा कई सालों से किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक हिटलर के इस गुप्त नाजी सोने के कीमत का कोई अनुमान नहीं है। ये कई हजार करोड़ की भी हो सकती । अमेरिकी खोजकर्ता रोजर मिक्लोस ने 1981 में कहा था कि उन्हें तुर्क और कैकोस द्वीपों पर काम करते हुए एक यू-बोट मिली थी,जिसमें लूटे हुए सोने और बेशकीमती कलाकृतियां थीं। हालांकि उन्होंने कभी भी सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया। खबर तो यह भी थी कि, नाजियों के लूटे सोने को यूरोप से तस्करी की गई होगी।

तस्करी का आदेश
एक्सप्रेस को यूके लिखता है, माना जाता है कि एडॉल्फ हिटलर ने अपनी विनाशकारी पनडुब्बियों को लूटे गए सोने और कला की तस्करी करने का आदेश दिया था। शायद उसने जर्मनी से नाजी अधिकारियों के शव यूरोप भेज दिया था। अमेरिकी खोजकर्ता रोजर मिक्लोस ने 1981 में कहा था कि उन्हें एक बार युद्धकालीन यू-नौकाओं का एक बेड़ा मिला था जिसमें हजारों-करोड़ों की बेशकीमती सोने का खजाना भरा हुआ था।

सटीक जानकारी नहीं दी थी खोजी ने
हिस्ट्री चैनल यूके के अनुसार, प्रसिद्ध खजाना खोजी, जिनकी 2018 में मृत्यु हो गई, ने कभी भी अपने खोज के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया, हालांकि उन्होंने ये बताया कि ये जगह टर्क्स और कैकोस द्वीप समूह के पास है। जानकारी के मुताबिक, मिक्लोस के दस्तावेज़ गोताखोर और खोजकर्ता माइक फ्लेचर को सौंपे गए, जो सितंबर में जारी हिस्ट्री चैनल यूएस डॉक्यूमेंट्री, 'हिस्ट्रीज़ ग्रेटेस्ट मिस्ट्रीज़' में यू-बोट की खोज के बारे में जानकारी दी गई थी।

दूसरा विश्वयुद्ध में हुआ था महाविनाश
बता दें कि, जर्मन सशस्त्र बलों ने 7 मई को पश्चिम में और 9 मई 1945 को पूर्व में बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दिया था। इसी के साथ द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हो गया था। वाशिंगटन, लंदन, मॉस्को और पेरिस में समारोहों के बीच 8 मई, 1945 को यूरोप में विजय की घोषणा की गई। जानकारी के मुताबिक जर्मन के यू बोट (Under sea Boat) ने युद्ध के दौरान भारी कहर बरपाया था।

खजाने की खोज जारी है
खजाना खोजी मिक्लोस ने मरने से पहले सोने से लदे यू बोट के बारे में जानकारी दी थी। मिस्टर फ्लेचर जो कि एक समुद्र में तबाह हुए नावों के विषय में 40 सालों का अनुभव रखते हैं, वे मिक्लोस की मौत के बाद उनके छोड़े हुए सुराग को पास में रखते हैं।

40 सालों से खोज रहे हैं मलबा
माइक फ्लेचर 40 साल से जहाजों का मलबा खोजते रहे हैं। मिकलोस की मौत के बाद उन्होंने बचे हुए सुराग से जहाज को खोजने की कोशिश की। लेकिन कोई कामयाबी हासिल नहीं हुआ। कहा जाता है कि मिकलोस चाहते थे कि कोई भी उनका खजाना न खोज सके, इसलिए उन्होंने कोई भी ढंग का सुराग नहीं छोड़ा था। हालांकि मिकलोस ने अपने जीवन में कई बड़ी खोज की जिससे उन्हें प्रसिद्धि मिली। 1622 में डूबा अटोचा जहाज उन्होंने खोजा जिस पर करोड़ों डॉलर का खजाना था।

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