चीन के तीसरे सबसे मशहूर द्वीप पर 80 हजार लोगों को सरकार ने कर दिया है कैद, वजह ये है
बीजिंग, 06 अगस्तः चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप फिर तेजी से बढ़ने लगा है। कोरोनो वायरस अचानक तेजी से बढ़ने के कारण चीन के लोकप्रिय द्वीप हैनान में हजारों पर्यटक फंस गए हैं। डीपीए समाचार एजेंसी के मुताबिक द्वीप पर शनिवार को 129 कोविड-19 संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद सान्या शहर के लिए उड़ानें और रेल सेवाएं रद्द कर दी गईं है। ऐसे में 10 मिलियन से अधिक की आबादी वाले शहर सान्या में लगभग 80 हजार प्रयर्टक फंस गए हैं।

सभी उड़ानों को सरकार ने किया रद्द
सान्या प्रांत को आमतौर पर 'चीन का हवाई' कहा जाता है। शहर के डिप्टी मेयर हे शिगांग के मुताबिक अधिकांश फंसे पर्यटक कम जोखिम वाले इलाके सान्या बे और यालोंग बे में हैं। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक सान्या प्रांत में ओमीक्रान 5.1.3 वैरियंट की पहचान की गई है। जिसके बाद शहर में सभी सार्वजनिक परिवहन शनिवार को निलंबित कर दिए गया है, जबकि सान्या एयरपोर्ट पर शनिवार की सभी उड़ानों को रद्द कर दिया गया। सान्या फिनिक्स के मुताबिक सिर्फ शनिवार को 164 उड़ानें रद्द की गई हैं।

आसमान छू रहे टिकट के दाम
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में यात्री कहते हुए नजर आ रहे हैं कि हम घर जाना चाहते हैं। वहीं एयरपोर्ट के अधिकारी उनसे मेगाफोन पर अपने होटल लौटने की अपील कर रहे है। सान्या चीन का तीसरा सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चूंकि रेल यात्राओं को पहले ही रद्द कर दिया गया है ऐसे में सान्या से जाने वाले हवाई टिकटों के दाम आसमान छू रहे हैं। सान्या से संघाई की उड़ानों के लिए लगभग 443 अमेरिकी डॉलर चुकाने पड़ रहे हैं। जबकि बिजनेस क्लास की कीमत लगभग 15,000 डॉलर बैठती है।

चीन में मिल रहे नए वैरिएंट
महामारी की शुरुआत के बाद से चीन में कोरोना वायरस के कुल 2,30,886 मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि इस दौरान संक्रमण से 5,226 मरीजों की मौत हुई है। जब पूरी दुनिया में वायरस के कारण हाहाकार मचा था, तब चीन में लोगों ने पहले की तरह सामान्य जिंदगी जीना शुरू कर दिया था। लेकिन अब जब पूरी दुनिया वायरस के प्रकोप को नियंत्रित कर चुकी है, तो चीन में दोबारा मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा है। बीते महीने बीजिंग और शांक्सी में ओमिक्रॉन के नए रूप सामने आए हैं।

कठोर नीति की सराहना कर रहे अधिकारी
चीन के अधिकारियों ने कोरोना वायरस के प्रसार और उसकी वजह से होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए अपनी 'कोई कोविड नहीं' की कठोर नीति की सराहना की है। हालांकि इस नीति के कारण चीन की अर्थव्यवस्था को भारी कीमत चुकानी पड़ी और चीन की विनिर्माण एवं नौवहन क्षमता पर निर्भर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला पर बुरा असर पड़ा। चीन ने बार-बार इस नीति का बचाव किया है और ऐसे संकेत हैं कि वह कम से कम 2023 के वसंत ऋतु तक इसे जारी रखेगा। संभावना है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तब तक तीसरा कार्यकाल भी मिल जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications