ऑफिस में पहुंचते ही ट्रंप के बनाए ये 6 नियम बदलेंगे बाइडेन, भारतीयों को होगा बड़ा फायदा
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति के पद पर जो बाइडेन की जीत अमेरिका में जाने की उम्मीद रखने वाले भारतीयों के लिए खुशी लेकर आई है। उम्मीद की जा रही है कि जो बाइडेन ओवल ऑफिस में पहुंचने पर डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में आप्रवासन को लेकर बनाए गए सख्त नियमों को पलट देंगे और अपना एजेंडा लागू करते हुए अमेरिका के दरवाजे बाहर से आने वालों के लिए खोलेंगे। आइए देखते हैं कि वो कौन से प्रमुख मुद्दे हैं जिनमें बाइडेन बदलाव कर सकते हैं।

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1- वीजा से जुड़े नियम
बाइडेन के कैम्पेन से जुड़े अधिकारी के मुताबिक राष्ट्रपति ऑफिस में कार्यकाल संभालने के बाद जो बाइडेन कांग्रेस में एक प्रस्ताव भेजने वाले हैं जिसमें देश में अवैध रूप से रह रहे 1.10 करोड़ प्रवासियों के लिए नागरिकता का रास्ता खुलेगा। इस बिल में अमेरिका में ड्रीमर्स कहने जाने वाले उन आप्रवासियों के बारे में भी बात होगी जो बचपन में अवैध रूप से अमेरिका में आए थे। पूर्व डेमोक्रेट राष्ट्रपति बराम ओबामा ने इनके लिए डीएसीए प्रोग्राम शुरू किया था जिसके तहत 6.44 लाख ड्रीमर्स को निर्वासन से राहत के साथ ही काम करने की अनुमति दी गई थी। ट्रंप से डीएसीए को बंद करने की कोशिश की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ये कहते हुए रोक लगा दी थी कि इसमें तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है।
2- यात्रा प्रतिबंध
बाइडेन के राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे प्रमुख इरादों में ट्रंप द्वारा 13 देशों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध को रद्द करना है। इनमें अधिकांश मुस्लिम बाहुल्य या फिर अफ्रीकी देश हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने 2017 में राष्ट्रपति बनने के बाद एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया था जिसमें 7 मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले यात्रियों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। चूंकि ये फैसला ट्रंप ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए बदला था ऐसे में इसे बदलने में कोई खास दिक्कत नहीं होगी।
3- कोरोना वायरस महामारी के दौरान प्रतिबंध
डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान एक के बाद एक प्रतिबंध लगाए थे जिसके चलते कई सारे वैध आप्रवासियों और यात्रियों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोक दिया था। इन प्रतिबंधों में ब्राजील, चीन, यूरोप और ईरान से आने वाले लोगों के प्रवेश को लेकर रोकने की व्यवस्था की गई थी ताकि कोरोना वायरस के प्रसार को रोका जा सके। ट्रंप ने स्थायी निवास और अस्थायी विदेशी श्रमिकों की तलाश में कुछ प्रवासियों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसमें एच-1 बी वीजा वाले कुशल श्रमिक भी शामिल थे। ट्रंप ने तर्क दिया था कि इन्हें रोकने से अमेरिकी लोगों की नौकरियों की रक्षा होगी।
4- कुशल श्रमिकों पर नियंत्रण का मुद्दा
डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल अक्टूबर में एक जोड़ी प्रतिबंधों को अंतिम रूप दिया था जिससे अमेरिकी टेक कंपनियों में विदेशी कामगारों के उपयोग पर अंकुश लगेगा। बता दें कि अमेरिकी टेक कंपनियों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। इस कानून के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ सकता था। इसके कानून के तहत कंपनियों को अपने यहां काम करने वालों को न्यूनतम वेतन को बढ़ाने को कहा गया है। ऐसा होने पर अमेरिकी कंपनियां विदेशियों की जगह अमेरिकी लोगों को प्राथमिकता देंगी। हालांकि बाइडेन ने सत्ता में आने पर इन कानूनों को खत्म करने की बात नहीं कही है लेकिन उनकी प्रचार वेबसाइट पर एच-1बी वीजा में सुधार के लिए कांग्रेस के साथ काम करेंगे।
5- अधिक शरणार्थी अमेरिका में पाएंगे एंट्री
बाइडेन ने कहा है कि वह देश में शरणार्थियों के प्रवेश की सालाना सीमा को बढ़ाकर 1.25 लाख तक ले जाएंगे। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया है कि वह इसे कैसे करेंगे। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में शरणार्थियों के प्रवेश पर तेजी से नियंत्रण लगाया है। सितम्बर में ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की थी वह देश में साल भर में 15 हजार से अधिक शरणार्थियों को प्रवेश की अनुमति नहीं देंगे।
6- मेक्सिको सीमा पर दीवार का काम रुकेगा
बाइडेन के आने के बाद अमेरिका और मेक्सिकों की सीमा पर बन रही दीवार बनाने के लिए पेंटागन से जा रहे फंड को रोका जा सकता है। इसकी जगह इस पैसे को बंदरगाहों की स्क्रीनिंग जैसे बुनियादी कामों में खर्च किया जा सकता है। बाइडेन ने अगस्त में कहा था कि वह ट्रंप के कार्यकाल में मेक्सिको की सीमा पर बनी दीवार को नहीं तोड़ेंगे लेकिन इसका आगे का निर्माण रोक दिया जाएगा।












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